अनंत सिंह और गुंजन सिंह के वायरल वीडियो मामले में कोर्ट में सुनवाई पूरी, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

पटना, 20 मई 2026: जदयू विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह से जुड़े वायरल वीडियो मामले में बुधवार को कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन और अश्लील डांस कार्यक्रम दिखाई देने का दावा किया गया था।

मामले को लेकर बिहार की राजनीति और पुलिस प्रशासन दोनों में हलचल तेज है। पुलिस जहां वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, वहीं बचाव पक्ष इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है। कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब सभी की नजर फैसले पर टिकी हुई है।

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई जिला जज राजेंद्र पांडेय की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हुई। कोर्ट में विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह की ओर से अग्रिम जमानत याचिका पर बहस की गई।

सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद कोर्ट ने तत्काल फैसला सुनाने के बजाय आदेश सुरक्षित रख लिया।

कानूनी जानकारों के मुताबिक अब अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, पुलिस रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाएगी।

बचाव पक्ष ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कहा कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में अनंत सिंह को दोषी साबित करने जैसा कोई स्पष्ट प्रमाण मौजूद नहीं है।

वकीलों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप को संदर्भ से हटाकर प्रचारित किया गया। बचाव पक्ष के अनुसार यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।

कोर्ट में यह भी कहा गया कि जिस वीडियो में कथित अश्लील डांस दिखाया जा रहा है, उसमें अनंत सिंह मौजूद नहीं थे। बचाव पक्ष का दावा था कि विधायक के खिलाफ जानबूझकर माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

वीडियो में हथियार दिखने पर पुलिस की जांच जारी

पुलिस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 2 और 3 मई को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन वीडियो में कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि वीडियो में दिख रहे कुछ हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हो सकते हैं। इसी कारण वीडियो को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो असली है या एडिट किया गया है और उसमें दिख रहे हथियारों की प्रकृति क्या है।

सेमराव गांव के कार्यक्रम से जुड़ा है मामला

पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक जनेऊ कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और वहां मंचीय कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था।

अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसी दौरान कुछ लोगों ने हथियार लहराते हुए वीडियो बनाए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वायरल वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर सबसे पहले किसने अपलोड किया।

गुंजन सिंह का नाम भी चर्चा में

मामले में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का नाम भी सामने आने के बाद यह प्रकरण और ज्यादा चर्चित हो गया है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में गुंजन सिंह भी मौजूद थे और वीडियो में उनकी मौजूदगी की भी जांच की जा रही है।

हालांकि बचाव पक्ष ने कहा कि किसी कार्यक्रम में मौजूद होना अपराध नहीं माना जा सकता। वकीलों का कहना है कि बिना ठोस साक्ष्य किसी को आरोपी बनाना उचित नहीं है।

पुलिस को एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार

गोपालगंज पुलिस और स्थानीय प्रशासन फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि वीडियो की तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।

एफएसएल जांच से यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है या नहीं। साथ ही वीडियो में दिखाई देने वाले हथियार असली हैं या नकली, इसकी भी पुष्टि की जाएगी।

जांच एजेंसियों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

कई लोगों को बनाया गया आरोपी

मामले में मीरगंज थाना में दर्ज प्राथमिकी में कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत कई स्थानीय लोगों के नाम शामिल हैं।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन किया गया और कथित अश्लील नृत्य का आयोजन हुआ। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वीडियो प्रसारित किए जाने को भी गैरकानूनी बताया गया है।

पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है, जिनकी पहचान की जा रही है।

राजनीतिक गलियारों में भी तेज हुई चर्चा

अनंत सिंह बिहार की राजनीति का चर्चित चेहरा माने जाते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।

विपक्षी दल लगातार मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि विधायक को राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी यह मामला काफी चर्चा में है। कुछ लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहे हैं।

फैसले पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पूरे मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। अगर एफएसएल रिपोर्ट में वीडियो और हथियारों की पुष्टि होती है तो मामला और गंभीर हो सकता है।

दूसरी ओर बचाव पक्ष लगातार यह दावा कर रहा है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है और सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।

अब सबकी निगाहें एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के फैसले और पुलिस जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती हैं।

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