दिव्यांग को मिली खराब ट्राईसाइकिल, बाइक से खींचकर घर पहुंचाया गया

Muzaffarpur जिले के बोचहां प्रखंड स्थित Rampyari High School में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान सरकारी व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई।

खुशी कुछ देर में बदली परेशानी में

धनुषी गांव के दिव्यांग Surendra Kumar को शिविर में बैटरी चालित ट्राईसाइकिल दी गई। शुरुआत में वे काफी खुश थे क्योंकि:

  • उन्हें अब आवाजाही में सहूलियत मिलने की उम्मीद थी
  • दूसरों पर निर्भरता कम होने वाली थी

लेकिन शिविर से घर लौटते समय:

  • ट्राईसाइकिल अचानक बंद हो गई
  • बैटरी सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया
  • वाहन आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया

तेज धूप में घंटों फंसे रहे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:

  • सुरेंद्र कुमार विद्यालय परिसर के बाहर खराब ट्राईसाइकिल के साथ बैठे रहे
  • काफी देर तक कोई तत्काल मदद नहीं मिली
  • अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन तुरंत समाधान नहीं हो सका

स्थानीय युवक ने की मदद

बाद में एक स्थानीय युवक मदद के लिए आगे आया। उसने:

  • अपनी बाइक में लाल गमछा बांधा
  • उसी की मदद से ट्राईसाइकिल को खींचा
  • और धीरे-धीरे सुरेंद्र कुमार को घर तक पहुंचाया

यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए कि:

  • सरकारी योजनाओं में वितरित उपकरणों की गुणवत्ता जांच क्यों नहीं होती
  • वितरण के बाद सहायता और तकनीकी सपोर्ट की व्यवस्था क्यों नहीं रहती

प्रशासन का क्या कहना है?

Priya Kumari ने कहा कि:

  • ट्राईसाइकिलें उसी दिन जिला मुख्यालय से लाई गई थीं
  • संभवतः परिवहन के दौरान तकनीकी खराबी आई होगी
  • कुछ ट्राईसाइकिलों में पंक्चर की समस्या भी मिली थी
  • खराब वाहन को मैकेनिक से ठीक कराया जाएगा

यह घटना सरकारी योजनाओं की जमीनी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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