भागलपुर के श्रीरामपुर में संदेहास्पद परिस्थिति में किशोरी की मौत: जहरीला पदार्थ खाने से बिगड़ी थी तबीयत, मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

भागलपुर/अकबरनगर, 20 मई 2026। भागलपुर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा और सामाजिक संवेगात्मक विचलनों के बीच एक अत्यंत दुखद और विस्मयकारी घटना प्रकाश में आई है। अकबरनगर थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रीरामपुर ग्राम के वार्ड संख्या आठ में एक 13 वर्षीय अबोध किशोरी की संदेहास्पद परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लेने के कारण दर्दनाक मौत हो गई।

​इस हृदयविदारक घटना के पटल पर आते ही संपूर्ण श्रीरामपुर गांव और मृतका के आवासीय परिसर में गहरे कोहराम और मातम का माहौल निर्मित हो गया है। घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय अकबरनगर थाने की पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैद होकर मामले की विधिक संचिका तैयार की है और किशोरी द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के बुनियादी और गोपनीय कारणों की सघन स्क्रूटनी कड़ाई के साथ शुरू कर दी है।

मंगलवार की सुबह अचानक बिगड़ी थी तबीयत, मायागंज रेफर होने के बाद थमीं सांसें

​इस दुखद घटना की प्रामाणिक विरणी के अनुसार, मृतका की पहचान 13 वर्षीय अनुपम कुमारी के रूप में की गई है, जो स्थानीय ग्रामीण कल्लो यादव की पुत्री बताई जा रही है। पारिवारिक सूत्रों से संकलित विलेखों के अनुसार, मंगलवार की सुबह अनुपम अपने घर के आंतरिक हिस्से में संधारित थी, जहां अचानक उसकी शारीरिक अवस्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियां होने और मुंह से झाग निकलने की विसंगति परिलक्षित होते ही परिजनों के बीच भारी अफरा-तफरी मच गई।

​परिजनों ने आनन-फानन में किशोरी को प्राथमिक उपचार हस्तगत कराने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर अंचल के चिकित्सकों के पास भर्ती कराया। परंतु, शरीर के भीतर विषैले तत्व के प्रखर प्रभाव और हालत को अत्यंत नाजुक व गंभीर होते देख डॉक्टरों ने उसे तत्काल बेहतर लाइफ-सपोर्ट प्रणालियों के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर तत्काल मायागंज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों के खोजी दस्तों द्वारा किए गए कड़े चिकित्सकीय प्रयासों और इलाज के संक्षिप्त अंतराल के उपरांत ही किशोरी ने दम तोड़ दिया और उसकी जीवन लीला पूरी तरह समाप्त हो गई।

किन परिस्थितियों में खाया जहर? गुत्थी सुलझाने में जुटी अकबरनगर पुलिस

​अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रेषित मेमो के आधार पर अकबरनगर थाना पुलिस ने इस अस्वाभाविक मौत (यूडी केस) को अपनी डायरी में दर्ज कर अनुसंधान की कड़ियों को लाइव कर दिया है। पुलिस कप्तानों के समक्ष सबसे बड़ा अनुत्तरित यक्ष प्रश्न यह संधारित है कि महज 13 वर्ष की अबोध छात्रा ने किन घरेलू, मानसिक या बाहरी अवसादों के चक्रव्यूह में आकर इतना कड़ा और खौफनाक कदम उठाया। घटना के वास्तविक और अंतर्निहित कारणों का स्पष्ट खुलासा अब तक प्रशासनिक पटल पर संधारित नहीं हो सका है।

​अकबरनगर थानाध्यक्ष ने मामले की प्रगति साझा करते हुए बताया कि पुलिस बल के जासूस मामले के हर एक संभावित और छिपे हुए पहलू की बारीकी से फॉरेंसिक व व्यावहारिक जांच कर रहे हैं। मृतका के माता-पिता, सहोदर भाइयों और आस-पास के पड़ोसियों के बयान विधिक रूप से दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना से पूर्व घर के भीतर संधारित होने वाली गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

​पुलिस कप्तानों ने साफ किया है कि मृतका के शव का विधिक पंचनामा मुकम्मल कर उसे पोस्टमार्टम (Post-Mortem) प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार की जाने वाली विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की अंतिम विधिक संचिका पटल पर आने के उपरांत ही इस बात का प्रामाणिक वैज्ञानिक खुलासा हो सकेगा कि रासायनिक पदार्थ की प्रकृति क्या थी और मौत के वास्तविक विन्यास क्या रहे, जिसके आलोक में आगे की कड़क दंडात्मक कार्रवाई ससमय मुकम्मल की जाएगी।

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