
खगड़िया, 18 मई 2026: बिहार के खगड़िया जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मानसी थाना क्षेत्र में स्कॉर्पियो, ट्रक और ऑटो के बीच हुई जोरदार टक्कर में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत खगड़िया सदर अस्पताल भेजा गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, हादसा मानसी थाना क्षेत्र के एक व्यस्त सड़क मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और सामने से आ रहे ट्रक के बीच अचानक टक्कर हो गई। इसी दौरान पास से गुजर रहा एक ऑटो भी हादसे की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय सड़क पर काफी आवाजाही थी। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। कई लोग वाहनों में फंसे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायलों को निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के बाद वाहन सड़क किनारे पलट गया, जबकि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। ट्रक भी सड़क किनारे जा घुसा। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
मृतकों की पहचान को लेकर पुलिस की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। कई परिवार अपने परिजनों की तलाश में अस्पताल और घटनास्थल के बीच भटकते नजर आए। अस्पताल परिसर में भी रोते-बिलखते परिजनों का दर्दनाक दृश्य देखने को मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही मानसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घायलों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा आखिर किस परिस्थिति में हुआ। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। लोगों ने सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड मॉनिटरिंग और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कई वाहन चालक सड़क नियमों का पालन नहीं करते और तेज गति से वाहन चलाते हैं। खासकर रात और सुबह के समय भारी वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर हादसों का कारण बनती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के पीछे कई कारण हैं। इनमें तेज रफ्तार, खराब सड़क अनुशासन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख हैं। ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
खगड़िया में हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। प्रशासन द्वारा अभियान चलाए जाने के बावजूद हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा जैसे नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा है।
इधर, अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से भी अस्पताल में निगरानी बढ़ा दी गई है।
घटना के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस हादसे से सदमे में हैं। कई घरों में एक साथ कई लोगों की मौत की खबर से माहौल बेहद गमगीन हो गया है। महिलाओं और बच्चों की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिवारों को सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है। साथ ही प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है और उनके चालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


