भागलपुर के मधुसूदनपुर में महिला की बेरहमी से हत्या: छह लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज, पांच वर्ष पूर्व पिता को भी मार डालने का सनसनीखेज आरोप

भागलपुर/मधुसूदनपुर, 18 मई 2026। भागलपुर जिले के ग्रामीण प्रक्षेत्र अंतर्गत आने वाले मधुसूदनपुर थाना इलाके में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बेलखोरिया पंचायत के अंतर्गत आने वाले भथुआचक नवटोलिया गांव में शनिवार की देर रात एक 50 वर्षीय महिला की अत्यंत क्रूरतापूर्वक और सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई। इस वीभत्स घटना के बाद से पूरे ग्रामीण इलाके में गहरा सन्नाटा और भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। वारदात की सूचना मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया है और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के संदर्भ में मृतका के पुत्र और पुत्री दोनों ने गांव के ही एक विशेष दबंग गुट पर हत्या का सीधा आरोप मढ़ते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की विधिक गुहार लगाई है। मृतका के पुत्र अमित कुमार मंडल के लिखित आवेदन के आधार पर स्थानीय मधुसूदनपुर थाने में गांव के ही छह चिन्हित लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बहियार में घास काटने गई थी मां, काफी देर तक न लौटने पर खोजने निकले थे बच्चे

​इस दिल दहला देने वाली वारदात की जमीनी कड़ियों और घटनाक्रम के विलेखों को साझा करते हुए मृतका के पुत्र अमित कुमार मंडल ने पुलिस के अनुसंधान अधिकारियों को बताया कि शनिवार की शाम उनकी 50 वर्षीय मां रोजमर्रा की तरह पालतू मवेशियों के लिए घास का चारा काटने के उद्देश्य से गांव से सटे विस्तृत कृषि क्षेत्र यानी बहियार की तरफ गई हुई थीं। ग्रामीण प्रक्षेत्रों में अमूमन महिलाएं शाम के ढलते ही बहियार से घास की गठरी लेकर घर वापस लौट आती हैं। लेकिन जब शनिवार की देर शाम तक काफी समय बीत जाने के बाद भी मां घर वापस नहीं लौटीं, तो घर में मौजूद अमित और उसकी बहन को किसी अनहोनी की गहरी आशंका होने लगी।

​अंधेरा गहराने पर अमित अपनी बहन और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को साथ लेकर अपनी मां की खोजबीन करने के लिए बहियार के खेतों की तरफ प्रस्थान किया। अमित ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि जब वे लोग खेतों के बीच बने संकीर्ण रास्तों से होते हुए अपनी मां के नियमित घास काटने वाले स्थान के समीप पहुंचे, तो वहां का खौफनाक नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बकौल अमित, खेत के मुहाने पर गांव के ही कुछ लोग पहले से ही हथियारों से लैस होकर उसकी मां को घेरकर खड़े थे और उन पर जानलेवा हमला कर रहे थे।

बाल पकड़कर जमीन पर गिराया, खंती और लाठी-डंडों से किया जानलेवा प्रहार

​थाने में दर्ज कराई गई नियमित प्राथमिकी के विवरण के अनुसार, अमित कुमार मंडल ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी छह अभियुक्तों की भूमिका को पूरी कड़ाई और स्पष्टता के साथ रेखांकित किया है। अमित का आरोप है कि भथुआचक निवासी अशोक यादव, बासुकी यादव, रूपन यादव, हीरा लाल यादव, वाल्मिकी यादव और विक्रम कुमार ने मिलकर उसकी मां को सुनसान खेत में विधिक रूप से असहाय पाकर दबोच लिया था।

​वारदात की प्रविधि को बयां करते हुए अमित ने बताया कि अभियुक्त अशोक यादव ने सबसे पहले उसकी मां के बाल पकड़कर उन्हें पूरी ताकत से जमीन पर पटक दिया, जिससे वे असहाय होकर चिल्लाने लगीं। इसके तुरंत बाद, पूर्व से ही पूरी तैयारी के साथ आए हीरालाल यादव और विक्रम कुमार ने अपने हाथों में ली गई लोहे की भारी खंती (मिट्टी खोदने का तीखा औजार) से महिला के सिर और गर्दन पर एक के बाद एक कई जानलेवा और तीखे वार किए। इसी दौरान, वहां मौजूद वाल्मिकी यादव ने अपने हाथ में लिए गए भारी लकड़ी के डंडे से महिला के शरीर और संवेदनशील अंगों पर बर्बरतापूर्वक प्रहार करना शुरू कर दिया, जबकि बासुकी यादव और रूपन यादव पूरे घटनाक्रम के दौरान अन्य सहयोगियों को शह दे रहे थे और नजर रखे हुए थे।

परिजनों को देखते ही धमकी देते हुए भागे अपराधी, पूरे परिवार को मिटाने की विधा

​अमित कुमार मंडल ने पुलिस को बताया कि जब वे लोग चिल्लाते हुए और अपनी मां को बचाने की गुहार लगाते हुए तेजी से उस खेत की तरफ दौड़े, तो अपराधियों ने अपनी क्रूरतम विधा को अंजाम दे दिया था। भारी संख्या में आ रहे परिजनों और गांव के लोगों की आहट पाकर सभी नामजद आरोपी महिला को मरणासन्न स्थिति में छोड़कर खेतों के रास्ते अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगे।

​भागने के विलेख के दौरान भी अपराधियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। अमित का दावा है कि जाते-जाते अशोक यादव और उसके सहयोगियों ने अमित और उसके परिवार की तरफ हथियार लहराते हुए यह घिनौनी और कड़क धमकी दी कि यदि इस मर्डर को लेकर किसी ने भी पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की या न्यायालय में केस दर्ज कराया, तो पूरे परिवार के एक-एक सदस्य को इसी बहियार के भीतर इसी तरह तड़पा-तड़पा कर मार डाला जाएगा। अपराधियों की इस खौफनाक घुड़की के बाद डरे-सहमे परिजन जब अपनी मां के पास पहुंचे, तो अत्यधिक रक्तस्राव और गहरे जख्मों के कारण उनकी सांसें थम चुकी थीं और वे दम तोड़ चुकी थीं।

पांच वर्ष पूर्व पिता की भी करंट लगाकर की गई थी हत्या, कोर्ट में लंबित है मामला

​इस जघन्य हत्याकांड के पीछे छिपी पुरानी रंजिश और आपसी वैमनस्य की कड़ियों को खोलते हुए मृतका के पुत्र अमित कुमार मंडल ने एक अत्यंत सनसनीखेज और बड़ा खुलासा किया है। अमित ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनकी मां की यह हत्या कोई तात्कालिक विवाद का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक लंबे समय से चले आ रहे खूनी सिंडिकेट का हिस्सा है। अमित का विधिक आरोप है कि आज से ठीक पांच वर्ष पूर्व, इन्हीं नामजद अभियुक्तों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उसके पिता को भी अपने घर में बहला-फुसलाकर बुलाया था और वहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन बिजली का नग्न तार छूने पर मजबूर कर करंट लगाकर मार डाला था।

​पिता की इस संदेहास्पद और क्रूर मौत को लेकर भी मंडल परिवार द्वारा स्थानीय थाने में हत्या का नियमित मुकदमा दर्ज कराया गया था, जो वर्तमान समय में भागलपुर की विधिक अदालत में विचाराधीन (सब-जूडिस) है और उसमें गवाही की प्रणालियां चल रही हैं। अमित का मानना है कि अभियुक्त लगातार उन पर उस पुराने केस को वापस लेने और अदालत में गवाही न देने का कड़ा प्रशासनिक व सामाजिक दबाव बना रहे थे। जब परिवार ने उनके सामने झुकने से पूरी तरह इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उनके हौसले को तोड़ने और गवाही को प्रभावित करने के उद्देश्य से इस बार उनकी मां को अपना निशाना बनाया ताकि पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट जाए।

भथुआचक नवटोलिया में पुलिस छावनी का विन्यास, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापेमारी

​शनिवार की देर रात घटित हुई इस वीभत्स हत्या की भनक जैसे ही मधुसूदनपुर थाना पुलिस को मिली, वैसे ही पूरा प्रशासनिक महकमा पूरी मुस्तैदी के साथ हरकत में आ गया। थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल भारी पुलिस बल के जवानों, महिला आरक्षियों और गश्ती गाड़ियों के साथ आधी रात को ही भथुआचक नवटोलिया गांव पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले शव को अपने विधिक नियंत्रण में लेते हुए पंचनामा (शव समीक्षा रिपोर्ट) तैयार की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) भेजा।

​ग्रामीण प्रक्षेत्र में फैले तनाव और संभावित जातिगत या गुटीय भड़क को शांत करने के लिए भथुआचक नवटोलिया और बेलखोरिया पंचायत के संवेदनशील चौराहों पर भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है, जिससे पूरा गांव एक पुलिस छावनी के रूप में तब्दील नजर आ रहा है। मामले के विधिक संदर्भों पर जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने स्पष्ट किया कि मृतका के पुत्र के लिखित बयान के आधार पर छह नामजद अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

​थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने बताया कि घटना की रात से ही पुलिस की कई विशेष खोजी टीमें भथुआचक, नाथनगर, सबौर और पड़ोसी जिलों के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार और ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान संचालित कर रही हैं। चूंकि घटना स्थल एक खुला बहियार और दियारा प्रक्षेत्र से जुड़ा मार्ग है, इसलिए अपराधियों के ग्रामीण पगडंडियों के रास्ते भागने की विभावना अधिक है। पुलिस तकनीकी सेल और मोबाइल सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की वास्तविक अवस्थिति का पता लगाने में जुटी है। थानाध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को पूरी विधिक सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है और दावा किया है कि बहुत जल्द ही इस कांड के सभी छह नामजद अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजकर अदालत के समक्ष कड़ी चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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