पटना के चर्चित देवराज हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी शिवम सिंह गया से गिरफ्तार

पटना। राजधानी पटना के चर्चित बालू कारोबारी देवराज हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम सिंह को पटना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने गया से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से बहुचर्चित हत्याकांड की जांच को नई दिशा मिलेगी और पूरे आपराधिक नेटवर्क का खुलासा संभव हो सकेगा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिवम सिंह काफी समय से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पटना और भोजपुर जिले के कई थानों में वांछित था।

रानीतालाब थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी विनय रंजन ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। गुप्त सूचना मिली थी कि शिवम सिंह गया में छिपा हुआ है। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने रणनीतिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिवम सिंह का नाम पटना के चर्चित बालू कारोबारी देवराज की हत्या में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया था। इस मामले में वह लंबे समय से फरार था। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी बिहार के बाहर भी अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी को लेकर कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई थी।

देवराज हत्याकांड पिछले कुछ समय से राजधानी पटना में चर्चा का विषय बना हुआ था। बताया जाता है कि बालू कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर कई आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि देवराज की हत्या पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। इसी मामले में शिवम सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

रानीतालाब थाना में दर्ज कांड संख्या 382/23 में आरोपी के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि शिवम सिंह न केवल इस हत्या में शामिल था, बल्कि पूरे घटनाक्रम की साजिश रचने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। भोजपुर जिले के आरा नवादा थाना में भी उसके खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले से जुड़ा मामला दर्ज है। इस केस में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307 और 120B के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा आरा के संदेश थाना क्षेत्र में भी गंभीर चोट, धोखाधड़ी और चोरी की संपत्ति छिपाने जैसे मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।

अधिकारियों का कहना है कि शिवम सिंह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसका नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। पुलिस अब उसके सहयोगियों, फाइनेंसरों और अन्य आपराधिक संपर्कों की भी जांच कर रही है। एसटीएफ की टीम उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि देवराज हत्याकांड में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा हत्या के पीछे आर्थिक या गैंगवार जैसी कोई बड़ी वजह थी या नहीं।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में सक्रिय अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ेगा। पिछले कुछ वर्षों में बालू कारोबार से जुड़े विवादों और आपराधिक घटनाओं में तेजी आई है। कई जिलों में अवैध बालू खनन और वर्चस्व को लेकर गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रही है।

पटना पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। खासकर हत्या, रंगदारी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में फरार अपराधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसटीएफ की मदद से ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, देवराज हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। लोग लगातार मांग कर रहे थे कि मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। अब शिवम सिंह की गिरफ्तारी के बाद लोगों को उम्मीद है कि मामले में जल्द न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है that इस तरह के मामलों में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी जांच के लिए बेहद अहम मानी जाती है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे आपराधिक नेटवर्क और साजिश की परतें खुल सकती हैं। साथ ही अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था। इसके अलावा उसके आर्थिक लेनदेन और हथियारों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

गया से हुई इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी के सहयोगी सबूत मिटाने या फरार होने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

फिलहाल शिवम सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। जांच एजेंसियों का कहना है कि देवराज हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

पटना पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब सभी की नजर आगे की जांच और इस चर्चित हत्याकांड में होने वाले नए खुलासों पर टिकी हुई है।

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