​पटना में सनसनीखेज वारदात: गर्दनीबाग के ऑटो चालक की रेलवे लाइन किनारे मिली सिर कटी लाश, परिजनों ने हत्या का आरोप लगा अनीसाबाद रोड किया जाम

राजधानी पटना के गर्दनीबाग और एयरपोर्ट थाना क्षेत्र की सीमा पर एक ऑटो चालक की बेरहमी से की गई हत्या के बाद पूरे इलाके में भयंकर जन-आक्रोश फूट पड़ा है। गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के निवासी एक ऑटो चालक का रेलवे लाइन के किनारे दो टुकड़ों में बंटा और सिर कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई है। इस खौफनाक वारदात के विरोध में और हत्यारोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को मृतक के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने पटना के व्यस्ततम अनीसाबाद-फुलवारी मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने शव को बीच सड़क पर रखकर उग्र प्रदर्शन किया और टायर जलाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस घटना के कारण करीब दो घंटे तक पूरे इलाके में वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा त्वरित विधिक कार्रवाई करने और फरार मुख्य आरोपी को जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद ही लोगों ने जाम हटाया। फिलहाल, पुलिस की विशेष टीमें अत्याधुनिक खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वायड) की मदद से मृतक का गायब सिर ढूंढने के लिए झाड़ियों और रेलवे ट्रैक के आसपास सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।

घर से 200 रुपये लेकर निकला था चंदन, तीन दिन बाद धड़ बरामद पर सिर अब भी गायब

​इस खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना की पृष्ठभूमि मंगलवार से शुरू होती है। मृतक की पहचान गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अनीसाबाद के धीराचक इलाके के रहने वाले चंदन कुमार के रूप में हुई है, जो पेशेवर रूप से ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक के दादा खारा राय ने रोते-बिलखते हुए पुलिस अधिकारियों को बताया कि मंगलवार की सुबह चंदन कुमार अपनी मां से आवश्यक घरेलू काम का हवाला देकर ₹200 नगद लेकर घर से निकला था। सामान्य दिनों की तरह परिवार के सदस्यों को लगा कि वह रोज की तरह शहर में ऑटो का परिचालन करने गया है और देर शाम तक वापस लौट आएगा। लेकिन जब रात गहराने लगी और चंदन वापस नहीं लौटा, तो परिवार को चिंता हुई। हालांकि, परिजनों ने सोचा कि शायद देर हो जाने के कारण वह रात में अपने किसी दोस्त के घर या ऑटो स्टैंड के पास ही रुक गया होगा। इस बीच, परिजनों की नजर जब घर के भीतर पड़ी, तो वे हैरान रह गए क्योंकि ऑटो की मुख्य चाबी घर की टेबल पर ही रखी हुई थी, जिसका सीधा मतलब था कि वह उस दिन ऑटो लेकर गया ही नहीं था।

​इसी दौरान, बुधवार को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कौशल नगर और हवाई अड्डा के पास स्थित रेलवे लाइन के किनारे गश्ती दल को एक अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत शव दो टुकड़ों में बरामद हुआ। सबसे वीभत्स बात यह थी कि उस शव का सिर पूरी तरह गायब था, जिससे उसकी तत्काल पहचान कर पाना पुलिस के लिए असंभव साबित हो रहा था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक पहचान के लिए सुरक्षित रखवाया और बाद में उसे इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार को जब चंदन के परिजनों ने अस्पताल और संबंधित थानों में जाकर कपड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों के आधार पर शव को देखा, तो उसकी शिनाख्त चंदन कुमार के रूप में हुई। जैसे ही यह बात धीराचक इलाके में फैली, ऑटो चालक के घर और पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया और महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

अनीसाबाद-फुलवारी मुख्य सड़क पर दो घंटे तक बवाल, टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

​शव की आधिकारिक पहचान होने के बाद शुक्रवार की दोपहर बाद आईजीआईएमएस अस्पताल से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को लेकर सीधे अनीसाबाद पहुंचे। लेकिन घर जाने के बजाय, गहरे आक्रोश और गम में डूबे परिजनों ने स्थानीय मोहल्ले के सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर शव को अनीसाबाद-फुलवारी मुख्य मार्ग के बीचो-बीच रख दिया। देखते ही देखते महिलाओं और युवाओं का एक बड़ा हुजूम सड़क पर उतर आया और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने सड़क के दोनों किनारों पर बड़े-बड़े टायर जमा किए और उनमें आग लगा दी, जिससे आसमान में काले धुएं का गुबार उठने लगा।

​इस चक्काजाम के कारण फुलवारीशरीफ, पटना एम्स, खगौल और हवाई अड्डे की तरफ आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दो घंटे के भीतर ही अनीसाबाद गोलंबर से लेकर फुलवारी तक भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें कई एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं की गाड़ियां भी फंस गईं। प्रदर्शनकारी लगातार मांग कर रहे थे कि जब तक चंदन कुमार का गायब सिर बरामद नहीं किया जाता और उसकी हत्या करने वाले शातिर अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे सड़क से शव को नहीं हटाएंगे। मामले की गंभीरता और कानून-व्यवस्था बिगड़ने के खतरे को देखते हुए गर्दनीबाग थाना, एयरपोर्ट थाना और आसपास के कम से कम तीन अन्य थानों की पुलिस अतिरिक्त सशस्त्र बलों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उन्हें समझाया कि पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और तकनीकी अनुसंधान के जरिए बहुत जल्द अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने जाम समाप्त किया और यातायात सुचारू हो सका।

कौशल नगर के दोस्त पर हत्या का गहराया शक, पुलिस हिरासत में आरोपी की पत्नी

​इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए जब स्थानीय स्तर पर छानबीन की गई, तो कई चौंकाने वाले विधिक तथ्य सामने आए। धीराचक और कौशल नगर के स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को घर से निकलने के बाद चंदन कुमार को अंतिम बार कौशल नगर के रहने वाले उसके एक बेहद करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। परिजनों का सीधा आरोप है कि उसी दोस्त ने किसी पुरानी रंजिश, पैसों के लेन-देन या आपसी विवाद के कारण चंदन को बहला-फुसलाकर रेलवे लाइन के किनारे सुनसान इलाके में बुलाया और वहीं पर अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर तेज धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना के बाद से ही वह नामजद दोस्त अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है, जिससे उस पर शक का दायरा और अधिक गहरा हो गया है।

​शुक्रवार को जब गुस्साए ग्रामीण और परिजन आरोपी दोस्त के घर पहुंचे, तो वह वहां मौजूद नहीं था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने हत्या की साजिश में शामिल होने के संदेह में आरोपी दोस्त की पत्नी को इलाके से ही पकड़ लिया और मौके पर मौजूद पुलिस बल के हवाले कर दिया। ललमटिया और गर्दनीबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त महिला को अपनी विधिक हिरासत में ले लिया है और उसे गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है ताकि उसके फरार पति के संभावित ठिकानों और इस हत्याकांड के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस चंदन कुमार के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) को भी खंगाल रही है ताकि अंतिम समय में उसकी किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी, इसका सटीक डिजिटल साक्ष्य मिल सके।

यूडी केस से हत्या की जांच की ओर मुड़ी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें

​इस पूरे सनसनीखेज मामले पर विधिक और प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट करते हुए एयरपोर्ट थाना के थाना प्रभारी सुनील जायसवाल ने बताया कि शुरुआत में जब बुधवार को रेलवे ट्रैक के किनारे से अज्ञात और बिना सिर का शव मिला था, तब प्रथम दृष्टया इसे एक संभावित ट्रेन दुर्घटना मानते हुए पुलिस ने अपमृत्यु का मामला (यूडी केस) दर्ज कर विधिक प्रक्रिया शुरू की थी। अक्सर रेलवे ट्रैक पर होने वाले हादसों में शव क्षत-विक्षत हो जाते हैं। लेकिन, शुक्रवार को मृतक की पहचान स्थापित होने के बाद और परिजनों द्वारा लिखित रूप से हत्या का सीधा आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने अपने अनुसंधान की दिशा पूरी तरह बदल दी है। अब इस मामले को एक गंभीर मर्डर मिस्ट्री के रूप में देखा जा रहा है।

​थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि युवक की मौत वास्तव में किसी धारदार हथियार से सिर काटकर की गई हत्या है या फिर यह किसी ट्रेन की चपेट में आने से हुआ भयानक हादसा है, इसका अंतिम और विधिक रूप से अकाट्य प्रमाण आईजीआईएमएस अस्पताल से आने वाली विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो सकेगा। डॉक्टरों की टीम ने शव के घावों की प्रकृति और शरीर पर मौजूद अन्य चोटों के निशानों का गहराई से अध्ययन किया है। वर्तमान में पुलिस की प्राथमिकता दो स्तरों पर काम कर रही है— पहला, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से उस गायब सिर को ढूंढ निकालना ताकि विधिक रूप से शव का पूरा हिस्सा बरामद हो सके, और दूसरा, परिजनों द्वारा नामजद किए गए फरार दोस्त और उसकी कड़ियों की तलाश में पटना और आसपास के जिलों में सघन छापेमारी करना।

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