
भागलपुर। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और सटीक नीति निर्धारण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले जनगणना कार्य को लेकर भागलपुर जिले से एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों और मैदानी कर्मियों की मुस्तैदी के बदौलत भागलपुर जिला वर्तमान में पूरे बिहार राज्य में प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। शुक्रवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित बैठक कक्ष में जनगणना कार्य की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में डिजिटल और भौतिक रूप से हो रहे डेटा संग्रहण की गति को लेकर गहन मंथन किया गया। जिलाधिकारी ने जिले की इस बड़ी उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रखंडों की पीठ थपथपाई, वहीं दूसरी ओर निर्धारित समय-सारणी से पीछे चल रहे सुस्त प्रखंडों और नगर निकायों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में तुरंत सुधार लाने की चेतावनी दी।
सूबे में शीर्ष पर भागलपुर: आधा सफर तय, उप विकास आयुक्त ने पेश किए आंकड़े
समीक्षा बैठक की शुरुआत में उप विकास आयुक्त द्वारा जिले में चल रहे जनगणना कार्य की ब्लॉक-वाइज और पंचायत-वाइज प्रगति रिपोर्ट का विस्तृत ब्यौरा जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आंकड़ों की प्रस्तुति के दौरान उप विकास आयुक्त ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी कि जिले की सभी प्रशासनिक इकाइयों, राजस्व गांवों और शहरी वार्डों को मिलाकर अब तक कुल 52.64 प्रतिशत का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा चुका है।
आधे से अधिक काम को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाने और डेटा को सर्वर पर अपलोड करने के मामले में भागलपुर जिला इस समय पूरे सूबे में नंबर वन की रैंकिंग पर चल रहा है। जिले की इस सामूहिक सफलता पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक तंत्र और मैदानी कर्मी मिलकर पूरी निष्ठा से काम करें, तो कठिन से कठिन लक्ष्यों को भी समय से पहले हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इस गति को लगातार बनाए रखने पर जोर दिया ताकि अंतिम चरण तक भागलपुर अपनी इस शीर्ष रैंकिंग को बरकरार रख सके।
नवगछिया का ऐतिहासिक कीर्तिमान: शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर बना मिसाल
इस समीक्षा बैठक का सबसे चमकीला और गौरवशाली पहलू नवगछिया प्रखंड का प्रदर्शन रहा। आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि नवगछिया प्रखंड ने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी परिवारों, मकानों और नागरिकों की प्रविष्टि को शत-प्रतिशत यानी 100 फीसदी पूरा कर जिले में पहला स्थान हासिल किया है। भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण और दियारा क्षेत्र से घिरे होने के बावजूद नवगछिया के इस प्रदर्शन की जिलाधिकारी ने मुक्त कंठ से सराहना की।
नवगछिया के अलावा अन्य तीन प्रखंडों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिले के औसत ग्राफ को ऊपर उठाने में मदद की है:
- इस्माइलपुर प्रखंड: बाढ़ प्रभावित और दुर्गम रास्तों वाले इस प्रखंड ने विपरीत परिस्थितियों के बीच 95 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि दर्ज की है।
- पीरपैंती प्रखंड: जिले के इस बड़े सीमावर्ती क्षेत्र में गणना कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 81 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है।
- नाथनगर प्रखंड: शहरी और अर्ध-शहरी आबादी के मिश्रण वाले इस ब्लॉक में अब तक 73 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने इन चारों प्रखंडों के प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO), अंचलाधिकारियों (CO), सांख्यिकी सहायकों और प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के सामूहिक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि अन्य सभी पिछड़े क्षेत्रों को इन प्रखंडों की कार्ययोजना और माइक्रो-प्लानिंग से प्रेरणा लेनी चाहिए।
सुस्त प्रखंडों पर बरसी गाज: 50 फीसदी से कम स्कोर वाले अधिकारियों को अल्टीमेटम
बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को जहां शाबाशी मिली, वहीं 50 प्रतिशत से कम की उपलब्धि दर्ज कराने वाले प्रखंडों और नगर निकायों के प्रति जिलाधिकारी का रुख बेहद कड़ा और तल्ख नजर आया। समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले के कई ऐसे महत्वपूर्ण प्रखंड हैं जो जिला औसत (52.64%) से काफी नीचे चल रहे हैं और वहां का काम रेंग रहा है। इन सुस्त इलाकों में मुख्य रूप से बिहपुर, जगदीशपुर, गोराडीह, सनहौला, सुल्तानगंज प्रखंड और नगर पंचायत हबीबपुर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में काम की सुस्त रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि वे अपनी सुस्ती को तुरंत त्यागें। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही या शिथिलता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन सभी पिछड़े प्रखंडों के प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे फील्ड में मैनपावर की संख्या बढ़ाएं और दैनिक आधार पर प्रगणकों के काम की समीक्षा करें। यदि अगले कुछ दिनों के भीतर इन क्षेत्रों के ग्राफ में उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई के लिए राज्य मुख्यालय को पत्र लिखा जाएगा।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर: विकास योजनाओं का आधार है डेटा
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जनगणना की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल कागजों या डिजिटल सर्वर पर आंकड़ों की एंट्री मात्र नहीं है, बल्कि यह सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आने वाले वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली सभी प्रकार की सामाजिक, आर्थिक, कल्याणकारी और ढांचागत विकास योजनाओं का खाका इसी डेटा के आधार पर तैयार किया जाएगा।
इसलिए, गति बढ़ाने के चक्कर में आंकड़ों की शुद्धता और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। प्रत्येक प्रगणक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आवंटित क्षेत्र में कोई भी मकान, परिवार या नागरिक छूटने न पाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समयबद्धता इस कार्य की आत्मा है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपनी व्यक्तिगत देखरेख में नियमित मॉनिटरिंग स्थापित करें ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे जिले का काम शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
नियमित मॉनिटरिंग और मैदानी समीक्षा का खाका तैयार
बैठक के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने पिछड़े प्रखंडों को ट्रैक पर लाने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। अब से सभी पिछड़े प्रखंडों के अधिकारियों को प्रतिदिन शाम को अपने क्षेत्र की प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को डिजिटल माध्यम से भेजनी होगी। पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे फील्ड में जाकर रैंडम आधार पर प्रविष्टि किए गए मकानों का भौतिक सत्यापन करें ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या त्रुटि की गुंजाइश को खत्म किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारी और तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था राकेश रंजन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित विभिन्न प्रखंडों के चार्ज अधिकारी और सांख्यिकी विभाग के कर्मी मौजूद थे। सभी उपस्थित अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने और भागलपुर को सूबे में नंबर वन के पायदान पर बनाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने का संकल्प दोहराया।


