
Bihar के Sheohar जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कृषि कार्यालय में पदस्थापित बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
मामले में निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
लाइसेंस जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, Madhopur Singahi निवासी मनीषा देवी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद एवं बीज की दुकान का लाइसेंस बनवाने के लिए जिला कृषि कार्यालय जाने पर बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार ने रिश्वत की मांग की।
परिवादिनी के मुताबिक, पहले बड़ी रकम मांगी गई थी, लेकिन बाद में 8 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
निगरानी ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई।
पुलिस उपाधीक्षक Shiv Kumar Sah के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके कार्यालय कक्ष से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी डीएसपी ने दी जानकारी
डीएसपी शिव कुमार साह ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया और अनुसंधान के दौरान आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में निगरानी विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
‘पैसा दिए बिना काम नहीं हो रहा था’
परिवादिनी मनीषा देवी ने बताया कि वह सिर्फ खाद का लाइसेंस लेने गई थीं, लेकिन अधिकारी ने बिना पैसे लिए काम करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने के बाद 8 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। इस कार्रवाई के बाद सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
आगे की जांच जारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।


