​बिहार के 10 जिलों में कुदरत का ‘ऑरेंज अलर्ट’: 60 किमी की रफ्तार से आंधी और वज्रपात का खतरा

पटना/भागलपुर। बिहार के मौसम के मिजाज में एक बार फिर अचानक और बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती धूप और बढ़ती तपिश के बीच प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाने के संकेत दे दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पटना के मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार, 12 मई 2026 की दोपहर 02:05 बजे एक ‘तात्कालिक मौसम चेतावनी’ (Nowcast) जारी की है। इस चेतावनी के तहत बिहार के 10 महत्वपूर्ण जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो से तीन घंटों के भीतर इन क्षेत्रों में मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन, तेज वज्रपात और भारी वर्षा के साथ-साथ धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। सबसे चिंताजनक बात हवा की गति को लेकर है, जिसके 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचने का अंदेशा जताया गया है। यह चेतावनी दोपहर 05:05 बजे तक के लिए वैध है, जिसका अर्थ है कि शाम ढलने से पहले बिहार का एक बड़ा हिस्सा कुदरत के इस तांडव का गवाह बन सकता है।

इन 10 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा: 61 प्रखंड निशाने पर

​मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, इस चेतावनी का सबसे अधिक असर दक्षिण और पूर्वी बिहार के जिलों में देखने को मिलेगा। कुल 10 जिलों के 61 प्रखंडों को इस ‘ऑरेंज अलर्ट’ के दायरे में रखा गया है। प्रभावित होने वाले जिलों की सूची में राजधानी पटना, भागलपुर, मुंगेर, बांका, बेगुसराय, जमुई, खगड़िया, लखीसराय, नालंदा और शेखपुरा शामिल हैं।

​जिलों और प्रभावित प्रखंडों का विवरण इस प्रकार है:

  • भागलपुर: जिले के 16 में से 9 प्रखंडों में हाई अलर्ट है। इनमें खरीक, गोराडीह, जगदीशपुर, नाथनगर, नारायणपुर, बिहपुर, शाहकुंड, सबौर और सुल्तानगंज शामिल हैं।
  • मुंगेर: मुंगेर जिले के लिए स्थिति अधिक गंभीर है क्योंकि यहाँ के सभी 9 प्रखंड (असरगंज, खड़गपुर, जमालपुर, टेटिया बंबर, तारापुर, धरहरा, बरियारपुर, मुंगेर और संग्रामपुर) इस चेतावनी के घेरे में हैं।
  • लखीसराय: यहाँ के भी सभी 7 प्रखंडों (चानन, पिपरिया, बड़हिया, रामगढ़ चौक, लखीसराय, सूर्यगढ़ा और हलसी) में मौसम खराब रहने की संभावना है।
  • बांका: 11 में से 7 प्रखंडों (अमरपुर, कटोरिया, चानन, फुल्लीडुमर, बांका, बेलहर और शंभुगंज) में आंधी-बारिश का अंदेशा है।
  • बेगुसराय: यहाँ 18 में से 10 प्रखंडों को चिन्हित किया गया है, जिनमें डंडारी, नावकोठी, बखरी, बरौनी, बलिया, बेगुसराय, मटिहानी, वीरपुर, शाम्हो अकहा कुरहा और साहेबपुर कमाल शामिल हैं।
  • जमुई: जिले के 10 में से 9 प्रखंड (इस्लाम नगर अलीगंज, खैरा, गिद्धौर, जमुई, झाझा, बरहट, लक्ष्मीपुर, सिकंदरा और सोनो) प्रभावित हो सकते हैं।
  • पटना: राजधानी के घोसवरी और मोकामा जैसे टाल क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
  • खगड़िया: खगड़िया, गोगरी, परबत्ता और मानसी प्रखंडों में आंधी का असर दिखेगा।
  • शेखपुरा व नालंदा: शेखपुरा के 3 और नालंदा के सरमेरा प्रखंड में भी मौसम बिगड़ने के आसार हैं।

60 किमी की रफ्तार वाली आंधी और वज्रपात की चुनौती

​मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सामान्य बारिश नहीं होगी। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं (Gusty Winds) कच्चे मकानों, झोपड़ियों और सड़कों के किनारे लगे होर्डिंग्स के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं। बिहार में इस समय आम और लीची की फसलें तैयार हो रही हैं, ऐसे में इतनी तेज आंधी किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों के टूटने और बिजली के खंभों के गिरने की भी आशंका बनी रहती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति घंटों बाधित हो सकती है।

​इसके साथ ही, ‘वज्रपात’ यानी आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी को सबसे अधिक गंभीरता से लेने की जरूरत है। बिहार में मानसून पूर्व की बारिश के दौरान वज्रपात से जान-माल का नुकसान एक बड़ी समस्या रही है। मेघ गर्जन के समय खुले मैदानों में रहना या पेड़ों के नीचे शरण लेना जानलेवा साबित हो सकता है।

गंगा तटीय इलाकों और दियारा क्षेत्र में विशेष सावधानी की जरूरत

​चूंकि भागलपुर, मुंगेर और बेगुसराय जैसे जिले गंगा के किनारे बसे हैं, इसलिए यहाँ के दियारा क्षेत्रों और नदी में नाव से सफर करने वालों के लिए यह चेतावनी ‘रेड सिग्नल’ की तरह है। 60 किमी की रफ्तार वाली हवाएं गंगा की लहरों में उथल-पुथल मचा सकती हैं, जिससे छोटी नावों के पलटने का खतरा बढ़ जाता है। भागलपुर के सुल्तानगंज, नाथनगर और बरारी घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नाविकों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-बारिश शुरू होने से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँच जाएं। दियारा इलाकों में काम कर रहे किसानों को भी सचेत किया गया है कि वे पेड़ों या बिजली के टावरों के पास न रुकें।

किसानों और आम नागरिकों के लिए विभाग के दिशा-निर्देश

​मौसम विभाग के पूर्वानुमान पदाधिकारी ने आम जनता और विशेष रूप से किसानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

  1. सुरक्षित शरण लें: यदि आप घर से बाहर हैं और अचानक मौसम बिगड़ता है, तो बिना देरी किए किसी पक्के मकान या सुरक्षित इमारत की शरण लें।
  2. खुली जगहों से बचें: वज्रपात की स्थिति में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों और लोहे के ढांचों से दूर रहें। ये चीजें बिजली को अपनी ओर खींचती हैं।
  3. किसानों के लिए सलाह: खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और मौसम सामान्य होने तक प्रतीक्षा करें। कटी हुई फसलों को ढकने या सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का प्रयास तभी करें जब जान का खतरा न हो।
  4. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: मेघ गर्जन के दौरान घर के भीतर भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से बचना चाहिए और खिड़की-दरवाजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

वायुमंडल में बदलाव और बढ़ती नमी का असर

​वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि वायुमंडल के निचले स्तरों पर बढ़ती नमी और अचानक बढ़े तापमान के कारण स्थानीय स्तर पर ‘कन्वेक्टिव क्लाउड्स’ (संवहनी बादल) बन रहे हैं। यही कारण है कि बहुत कम समय में मौसम इतना उग्र हो जाता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पछुआ हवा के संगम से बिहार के इन 10 जिलों में उपरी वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है। इस तरह के ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) बहुत ही सटीक होते हैं क्योंकि ये उपग्रह और रडार (DWR) से प्राप्त रीयल-टाइम डेटा पर आधारित होते हैं।

​दोपहर के समय जब लोग अपने कामकाज के लिए बाहर होते हैं, ऐसे में इस तरह की चेतावनी का समय पर आना महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन को भी इस चेतावनी की सूचना भेज दी गई है ताकि आपदा प्रबंधन विभाग किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहे। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) भी आंधी के दौरान कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को भी गाड़ी सुरक्षित स्थान पर खड़ी करने की सलाह दी गई है।

​शाम 05:05 बजे तक की यह अवधि इन जिलों के लिए परीक्षा की घड़ी है। आसमान में उमड़ते काले बादल और ठंडी हवाओं के झोंके इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि अगले कुछ घंटों में प्रकृति का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। नागरिकों से अपील है कि वे पैनिक (घबराहट) न फैलाएं, बल्कि सावधानी और सजगता बरतें। मौसम विभाग की वेबसाइट और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर लगातार नजर बनाए रखें ताकि पल-पल की जानकारी मिल सके।

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