
दानापुर/पटना: बिहार में पूर्व सैनिकों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त जवानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) में 15821 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान कर दिया है। यह भर्ती पूरी तरह अनुबंध आधारित होगी और इसका आयोजन आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (AWPO), दानापुर कैंट के माध्यम से कराया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्यभर के पूर्व सैनिकों को दोबारा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़कर सेवा करने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दानापुर में एक जून से छह जून 2026 तक प्रमंडलवार भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। इसके अलावा जो अभ्यर्थी निर्धारित तारीख पर शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में AWPO कार्यालय में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होंगे, ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को मौका मिल सके।
15821 पदों पर होगी बहाली
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 15821 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक 15135 पद SAP जवानों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 148 पद जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और 538 पद रसोइया के लिए रखे गए हैं।
सरकार का मानना है कि सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से रिटायर्ड जवानों का अनुभव कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में बेहद उपयोगी साबित होगा। इसी उद्देश्य से स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस को मजबूत बनाने का फैसला लिया गया है।
एक जून से शुरू होगी प्रमंडलवार रैली
भर्ती रैली दानापुर कैंट में आयोजित होगी। रैली सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। पहले दिन यानी एक जून को पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा प्रमंडल के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, नवगछिया, बांका, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिले के उम्मीदवार शामिल होंगे।
दो जून को कोशी, मुंगेर और सारण प्रमंडल के पूर्व सैनिकों की भर्ती होगी। इस दिन सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, सारण, सीवान और गोपालगंज जिले के उम्मीदवार शामिल होंगे।
तीन जून को तिरहुत प्रमंडल के उम्मीदवारों को मौका मिलेगा। इसमें मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, वैशाली और शिवहर जिले के पूर्व सैनिक शामिल होंगे।
चार जून को मगध प्रमंडल के गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद तथा नवादा जिलों के उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में भाग लेंगे।
पांच जून को पटना और नालंदा जिले के पूर्व सैनिकों को बुलाया गया है, जबकि छह जून को भोजपुर, भभुआ, रोहतास और बक्सर जिलों के उम्मीदवारों की भर्ती होगी।
भर्ती से छूटे उम्मीदवारों को भी मिलेगा मौका
बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र उम्मीदवार निर्धारित तिथि पर भर्ती रैली में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके लिए अलग से अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत हर महीने के पहले सप्ताह में दानापुर स्थित AWPO कार्यालय में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित होंगे।
इस फैसले से हजारों पूर्व सैनिकों को राहत मिली है, क्योंकि कई बार व्यक्तिगत कारणों या दूरी की वजह से उम्मीदवार तय तारीख पर नहीं पहुंच पाते हैं।
केवल सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त जवान ही होंगे पात्र
विभाग ने साफ कर दिया है कि यह भर्ती केवल भारतीय सेना या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए जवानों के लिए है। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई या अन्य गंभीर कारणों से सेवा छोड़ी है, वे इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य अनुभवी और अनुशासित जवानों को पुलिस व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य
भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कई जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे। इनमें डिस्चार्ज बुक, पेंशन भुगतान आदेश (PPO), पेंशन दर्ज बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पहचान पत्र, एक जनवरी 2026 के बाद जारी ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र और AWPO का निबंधन नंबर शामिल है।
इसके अलावा पति-पत्नी की चार-चार पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लानी होगी। विभाग ने कहा है कि दस्तावेज अधूरे होने पर उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
आरक्षण का भी रखा गया विशेष ध्यान
भर्ती में आरक्षण व्यवस्था का भी पूरा पालन किया जाएगा। कुल पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 2936 पद, अनुसूचित जाति के लिए 2688 पद, पिछड़ा वर्ग के लिए 1525 पद और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 510 पद आरक्षित किए गए हैं।
इसके अलावा अनुसूचित जनजाति के लिए 163 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 1582 पद सुरक्षित रखे गए हैं। शेष 6417 पद अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के नाती-पोतों के लिए 316 पद सुरक्षित किए हैं। वहीं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी चार प्रतिशत पद आरक्षित रखे गए हैं।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व सैनिकों की नियुक्ति से बिहार पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होगा। सेना और अर्धसैनिक बलों में वर्षों तक सेवा देने वाले जवान अनुशासन, कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता और सुरक्षा संचालन का अनुभव रखते हैं।
बिहार में हाल के वर्षों में पुलिस बल को आधुनिक बनाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में यह भर्ती अभियान एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
युवाओं और पूर्व सैनिकों में उत्साह
भर्ती की घोषणा के बाद राज्यभर के पूर्व सैनिकों में उत्साह देखा जा रहा है। कई पूर्व सैनिक संगठनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रिटायरमेंट के बाद भी जवानों के अनुभव का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में किया जाना सकारात्मक पहल है।
दानापुर कैंट और विभिन्न जिलों में भर्ती को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम करने की बात कही है।


