
पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद शनिवार को कोलकाता का राजनीतिक माहौल पूरी तरह ऐतिहासिक रंग में नजर आया। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में देशभर के एनडीए नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले शुभेंदु अधिकारी के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस खास मौके पर पश्चिम बंगाल पहुंचे और समारोह में शामिल होकर नई सरकार को शुभकामनाएं दीं।
राजनीतिक दृष्टि से इस समारोह को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनी है। लंबे समय तक वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस की राजनीति के बीच रहने वाले राज्य में अब बीजेपी की सत्ता स्थापित होने को राष्ट्रीय राजनीति के बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में एनडीए के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और अधिक खास बना दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार सुबह पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास से कोलकाता के लिए रवाना हुए। पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद उन्होंने ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रम का वीडियो भी साझा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल में पहली बार बन रही बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना ऐतिहासिक क्षण है।
समारोह के दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-एक कर एनडीए नेताओं से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। मंच पर मौजूद नेताओं के बीच आत्मीयता और राजनीतिक उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। बिहार से पहुंचे कई प्रमुख नेता भी समारोह में मौजूद रहे। इनमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चिराग पासवान की मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समारोह केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं था, बल्कि एनडीए की एकजुटता और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच भी बना।
शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने को बीजेपी अपने लंबे राजनीतिक संघर्ष की बड़ी सफलता मान रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि वैचारिक परिवर्तन का संकेत है। इसी कारण शपथ ग्रहण समारोह को राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाया गया, जिसमें एनडीए के कई बड़े चेहरे शामिल हुए।
समारोह में मौजूद नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि नई सरकार पश्चिम बंगाल को विकास और स्थिरता की नई दिशा देगी। बीजेपी नेताओं के अनुसार बंगाल अब उद्योग, रोजगार, निवेश और प्रशासनिक सुधारों के नए दौर में प्रवेश करेगा।
इधर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। बिहार में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सम्राट चौधरी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। दो दिन पहले पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य कैबिनेट विस्तार समारोह में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
बिहार में नई सरकार और नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार प्रशासनिक बैठकों और विभागीय समीक्षा में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद उन्होंने विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्रियों के साथ बैठक की और कई अहम निर्देश दिए। सरकार की प्राथमिकता प्रशासनिक गति बढ़ाने और विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने पर केंद्रित बताई जा रही है।
इसी बीच बिहार की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब आधिकारिक रूप से 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हो गए हैं। इससे पहले वह 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास में रह रहे थे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बेटे के साथ 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में इसे बिहार की सत्ता संरचना में बदलाव के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी। हजारों की संख्या में बीजेपी समर्थक और कार्यकर्ता समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। पूरे मैदान में बीजेपी के झंडे, बैनर और नारे गूंजते रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का गठन आने वाले समय में पूर्वी भारत की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। बीजेपी लंबे समय से बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी और अब सत्ता में आने के बाद पार्टी की रणनीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। वहीं एनडीए के सहयोगी दल भी इस जीत को आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
समारोह में शामिल कई नेताओं ने इसे देश की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया। उनका कहना था कि अब बीजेपी केवल हिंदी भाषी राज्यों तक सीमित पार्टी नहीं रही, बल्कि पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। पश्चिम बंगाल में सरकार बनना इसी राजनीतिक विस्तार का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कोलकाता सहित कई जिलों में पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं। वहीं राजनीतिक गलियारों में अब नई सरकार के मंत्रिमंडल गठन और भविष्य की नीतियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर एनडीए नेताओं की एकजुट मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार का गठन केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति में भी दूर तक दिखाई दे सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार राज्य की जनता की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है और एनडीए इस राजनीतिक सफलता को आगे किस तरह विस्तार देता है।


