
भागलपुर। जिले में लगातार बदलते अपराध के तौर-तरीकों और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से भागलपुर पुलिस अब पूरी तरह “एक्शन मोड” में नजर आ रही है। गुरुवार, 07 मई 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी सह पुलिस सभा में जिले की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अपराधियों पर शिकंजा कसने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले दिनों में तकनीक आधारित पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों की लगातार निगरानी पर विशेष फोकस रहेगा।
बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, अंचल निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। इस दौरान अप्रैल 2026 माह में जिले में दर्ज अपराध, उनके निष्पादन और आगामी रणनीतियों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता आम लोगों को सुरक्षित माहौल देना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अप्रैल 2026 में 755 मामले दर्ज, 970 मामलों का हुआ निष्पादन
अपराध समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि पुलिस सिर्फ नए मामलों को दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने लंबित मामलों के निष्पादन पर भी तेजी से काम कर रही है। अप्रैल महीने में जिलेभर में कुल 755 नए कांड दर्ज किए गए, जबकि 970 मामलों का निष्पादन किया गया। इससे साफ है कि पुलिस लंबित मामलों को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| प्रतिवेदित कांड | 755 |
| निष्पादित कांड | 970 |
एसएसपी ने कहा कि लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन न्याय व्यवस्था को मजबूत करता है और इससे आम जनता का भरोसा भी पुलिस पर बढ़ता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
नई तकनीक और डिजिटल पुलिसिंग पर रहेगा जोर
बैठक में पुलिस अधिकारियों को नए आपराधिक कानूनों के तहत कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि आने वाले समय में तकनीक आधारित जांच प्रणाली ही अपराध नियंत्रण की सबसे बड़ी ताकत होगी। सभी पुलिस पदाधिकारियों को कंप्यूटर संचालन, डिजिटल पोर्टल और ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग में दक्ष बनने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का सही तरीके से उपयोग करना बेहद जरूरी है। साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े मामलों में तकनीकी दक्षता को अनिवार्य बताया गया।
बाइक चोरी और संपत्ति अपराध पर विशेष अभियान
भागलपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बाइक चोरी और अन्य संपत्तिमूलक अपराधों को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए।
इसके तहत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, नियमित वाहन जांच अभियान, रात में गश्त और अपराधियों के नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि चोरी की घटनाओं का त्वरित खुलासा हो और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिले।
जेल से बाहर आए अपराधियों की बनेगी सूची
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु दागी अपराधियों की निगरानी को लेकर रहा। एसएसपी ने निर्देश दिया कि जेल से जमानत पर बाहर आने वाले अपराधियों की सूची तैयार की जाए और उनका नियमित सत्यापन किया जाए।
पुलिस अब ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी ताकि वे दोबारा अपराध में शामिल न हो सकें। इसके अलावा बार-बार अपराध करने वाले अभियुक्तों की जमानत रद्द कराने और स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द सजा सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया।
अभियोजन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर गंभीर अपराधों के मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन का मानना है कि अपराधियों को शीघ्र सजा मिलने से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
भूमि विवाद मामलों को लेकर हर शनिवार होगी बैठक
भागलपुर जिले में कई बार भूमि विवाद कानून-व्यवस्था की बड़ी समस्या बन जाते हैं। इसे देखते हुए एसएसपी ने सभी थानों को निर्देश दिया कि लंबित भूमि विवाद मामलों के समाधान के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी (CO) के साथ बैठक आयोजित की जाए।
इस पहल का उद्देश्य छोटे विवादों को समय रहते सुलझाकर बड़े तनाव और हिंसक घटनाओं को रोकना है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से विवादित मामलों में तेजी से समाधान निकालने की रणनीति बनाई गई है।
सोशल मीडिया की होगी 24 घंटे निगरानी
आगामी पर्व-त्योहारों और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर भी पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी ने सभी संबंधित इकाइयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की 24×7 निगरानी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अफवाह, भ्रामक खबर या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऐसे तत्वों पर धारा-126 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने, चौकसी मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया पर समय रहते निगरानी रखने से कई संभावित विवादों को रोका जा सकता है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी हुए सम्मानित
बैठक के दौरान बेहतर कार्य और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। एसएसपी ने कहा कि अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाना बेहद जरूरी है।
सम्मानित अधिकारियों में कहलगांव के अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार, नाथनगर अंचल के पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार, सदर अंचल के अरुण कुमार और पीरपैंती अंचल के संजय कुमार प्रमुख रहे।
इसके अलावा कहलगांव, ततारपुर, पीरपैंती, लोदीपुर और सनोखर थाना के थानाध्यक्षों सहित कई अन्य अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और मनोबल पर भी चर्चा
बैठक के अंत में पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों, स्वास्थ्य और ड्यूटी प्रबंधन को लेकर भी चर्चा की गई। एसएसपी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस बल का मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
भागलपुर पुलिस की इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि जिले में अपराध नियंत्रण, डिजिटल निगरानी और त्वरित कार्रवाई को लेकर प्रशासन अब अधिक सख्त और सक्रिय रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में अपराधियों और कानून तोड़ने वाले तत्वों के खिलाफ व्यापक अभियान देखने को मिल सकता है।


