भागलपुर में जनगणना, हीट वेव और पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

भागलपुर। भागलपुर जिला प्रशासन ने जनगणना-2027, हीट वेव से बचाव, पेयजल व्यवस्था और एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा के लिए गुरुवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी Nawal Kishore Choudhary की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और जिले में चल रही तैयारियों तथा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सबसे पहले जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकान गणना कार्य की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन प्रगणक ब्लॉकों में अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है, वहां हर हाल में अगले दिन तक काम प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को जल्द से जल्द शून्य करने का लक्ष्य रखा जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 24 चार्ज क्षेत्र के अंतर्गत 6446 प्रगणक ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें से 5076 ब्लॉकों में काम शुरू हो चुका है, जबकि शेष ब्लॉकों में कार्य अभी लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित क्षेत्रों में तुरंत काम शुरू कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों की आधारशिला होती है। सही आंकड़े ही सरकार को बेहतर नीति बनाने में मदद करते हैं। इसलिए जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनगणना कार्य से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राथमिक स्तर पर प्रखंडों में ही किया जाए। यदि किसी समस्या का समाधान प्रखंड स्तर पर संभव नहीं हो तो जिला स्तर पर उसका निराकरण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर जनगणना निदेशालय से भी समन्वय स्थापित करने को कहा गया।

बैठक में इसके बाद जिले में बढ़ती गर्मी और हीट वेव की स्थिति की समीक्षा की गई। मौसम विभाग द्वारा लगातार बढ़ते तापमान की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) से नए चापाकलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा और निर्देश दिया कि सभी नए चापाकलों की स्थापना जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती करने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी पानी की समस्या सामने आए, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए।

हीट वेव से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक एयर कंडीशनर या कूलर युक्त विशेष हीट वेव वार्ड संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण बीमार होने वाले मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

बैठक में सिविल सर्जन की ओर से जानकारी दी गई कि जिले के सभी अस्पतालों में विशेष हीट वेव वार्ड पहले से संचालित हैं और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बिना आवश्यकता किसी भी मरीज को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर न किया जाए। केवल अत्यधिक गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाए ताकि जिला स्तर पर अधिक से अधिक मरीजों का इलाज संभव हो सके।

बैठक में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करें। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

प्रशासन ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय बनाकर एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की प्रगति सुनिश्चित करें। अधिकारियों से कहा गया कि छात्राओं और अभिभावकों को वैक्सीनेशन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि एचपीवी वैक्सीनेशन महिलाओं में गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्कूल स्तर पर जागरूकता और टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाना आवश्यक माना जा रहा है।

बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की तैयारियों की जानकारी भी साझा की। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना, पेयजल, स्वास्थ्य और वैक्सीनेशन जैसे विषय सीधे आम जनता से जुड़े हुए हैं, इसलिए सभी विभाग पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ कार्य करें।

भागलपुर जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में गर्मी और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी सरकारी अभियान समय पर सफलतापूर्वक पूरे हों।

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