
भागलपुर | सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की रात तीसरे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के निर्माण को लेकर एक बड़ा तकनीकी ऑपरेशन किया जाएगा। इसके तहत भारी-भरकम गर्डर की लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके लिए पूरे स्टेशन परिसर को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
रेलवे के इंजीनियरों, तकनीकी टीम और निर्माण एजेंसी ने गुरुवार को दिनभर साइट पर कैंप कर तैयारियों का अंतिम निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई।
गर्डर लॉन्चिंग के लिए करीब 250 टन क्षमता वाला विशाल क्रेन स्टेशन परिसर में पहले ही पहुंच चुका है। निर्माण एजेंसी के कर्मी देर शाम तक लॉन्चिंग पॉइंट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह मेगा ऑपरेशन 8 और 9 मई की रात किया जाएगा। इसके लिए रात 9:50 बजे से 2:20 बजे तक लगभग साढ़े चार घंटे का विशेष ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया गया है।
इस दौरान कुछ ट्रेन सेवाओं में बदलाव किया गया है। भागलपुर–जमालपुर डीएमयू ट्रेन रद्द रहेगी, जबकि हावड़ा–जयनगर एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस को रीशेड्यूल किया गया है।
निर्माण एजेंसी के अनुसार इस नए फुट ओवर ब्रिज में कुल 22 भारी गर्डर लगाए जाएंगे। टाई-बीम फिक्सिंग का कार्य पूरा हो चुका है और अब लॉन्चिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है। गर्डर इंस्टॉलेशन के बाद डेक स्लैब, सीढ़ियों और अन्य संरचनात्मक कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे।
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 12 मीटर चौड़ा एफओबी स्टेशन पर मौजूद पुराने पुलों की तुलना में अधिक आधुनिक और विशाल होगा। रेलवे का लक्ष्य है कि इसे श्रावणी मेले से पहले चालू कर दिया जाए, ताकि लाखों कांवरियों और यात्रियों को भीड़भाड़ और जोखिम से राहत मिल सके।
स्टेशन प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि गर्डर लॉन्चिंग के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेडिकल टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा रेल पुलिस की विशेष तैनाती की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी।
यह गर्डर लॉन्चिंग केवल एक निर्माण चरण नहीं, बल्कि सुलतानगंज रेलवे स्टेशन के आधुनिक स्वरूप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।


