
मोतिहारी/पूर्वी चम्पारण। सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पूर्वी चम्पारण पुलिस अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। गुरुवार, 07 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मोतिहारी पुलिस ने जिले के विभिन्न थानों में नफरती पोस्ट और भड़काऊ वीडियो अपलोड करने वाले तीन अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है। इन अभियुक्तों में एक चर्चित यूट्यूबर और एक दक्षिणपंथी संगठन का सदस्य शामिल है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि पचपकड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम भंडार में कलश यात्रा के दौरान हुए विवाद को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने या भ्रामक जानकारी साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर थाना और जिला पुलिस की टीमें इंटरनेट के हर प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रख रही हैं।
केस 1: यूट्यूबर कृष्णा कुमार पर साइबर थाने में शिकंजा
पुलिस के अनुसार, पचपकड़ी थाना अंतर्गत ग्राम भंडार में बीती 04 मई 2026 को कलश यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच एक विवाद हुआ था। इस संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाते हुए यूट्यूबर कृष्णा कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर एक भ्रामक वीडियो बनाकर अपलोड किया।
आरोप है कि कृष्णा कुमार ने जानबूझकर इस विवाद को सांप्रदायिक रंग देने और क्षेत्र में शांति भंग करने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। पुलिस ने इसे एक संज्ञेय अपराध मानते हुए साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर समाज में जहर घोलने वाले डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ यह एक कड़ी चेतावनी है।
केस 2: बजरंग दल सदस्य सचिन कुमार पर ढाका थाने में FIR
सांप्रदायिक तनाव फैलाने के दूसरे मामले में पुलिस ने ढाका थाना क्षेत्र के निवासी सचिन कुमार को नामजद किया है। सचिन कुमार, जो खुद को बजरंग दल का सदस्य बताता है, उसने ग्राम भंडार की घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था।
आरोप की गंभीरता:
- वीडियो में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया।
- सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की मंशा से वीडियो को वायरल किया गया।
- ढाका पुलिस के सरकारी मोबाइल पर यह वायरल वीडियो प्राप्त होने के बाद तत्काल संज्ञान लिया गया।
सचिन कुमार के विरुद्ध ढाका थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने इस वीडियो को आगे साझा (Share) किया था।
केस 3: इंस्टाग्राम पर VHP अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
तीसरा मामला और भी गंभीर है, जहाँ इंस्टाग्राम के माध्यम से हिंसा को उकसाने की कोशिश की गई। 04 मई 2026 को ही इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) के ढाका अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी दी गई।
यह धमकी भी ग्राम भंडार कलश यात्रा विवाद से ही जुड़ी हुई थी। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ढाका थाना में अज्ञात/चिन्हित उपयोगकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उस प्रोफाइल का आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रैक कर रही है जिससे यह धमकी जारी की गई थी।
पुलिस की चेतावनी: “कीबोर्ड वॉरियर्स” पर है नजर
मोतिहारी पुलिस ने आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि:
- सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील घटना का वीडियो बिना सत्यापन के साझा न करें।
- धार्मिक भावनाओं को आहत करने या अश्लील भाषा का प्रयोग करने पर गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई होगी।
- मोतिहारी पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल चौबीसों घंटे सक्रिय है।
”समाज की शांति और सौहार्द हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सूचना के लिए करें, उन्माद के लिए नहीं। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”


