
खगड़िया। बिहार के मुंगेर की ‘हथियार निर्माण कला’ अब पड़ोसी जिलों की दहलीज लांघकर गांवों में पाँव पसार रही है। खगड़िया पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चौथम थाना क्षेत्र के गुलरियां गांव में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। गुरुवार, 07 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश पर हुई इस छापेमारी ने अवैध हथियारों के एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस धंधे में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि घर की महिलाएं भी सहयोगी की भूमिका में थीं। पुलिस ने मौके से 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुंगेर से आए ‘मास्टर कारीगर’ भी शामिल हैं। इनके पास से अर्धनिर्मित बैरल, ट्रिगर और हथियार बनाने वाले आधुनिक औजारों का ऐसा जखीरा मिला है, जो दर्शाता है कि यहाँ बड़े पैमाने पर मौत का सामान तैयार किया जा रहा था।
गुप्त सूचना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मो० अहमद के घर में चल रहा था खेल
खगड़िया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चौथम थाना क्षेत्र के ग्राम गुलरियां में मो० अहमद के घर पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के मुताबिक, मुंगेर से कुछ पेशेवर कारीगर आकर वहां अवैध आग्नेयास्त्रों का निर्माण और तस्करी कर रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) मुकुल रंजन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस ने जब मो० अहमद के घर पर घेराबंदी कर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के एक हिस्से को पूरी तरह से कारखाने में तब्दील कर दिया गया था, जहाँ लोहे को काटकर और घिसकर कट्टा और पिस्टल की शक्ल दी जा रही थी। पुलिस ने मौके से ही सभी 6 लोगों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त: मुंगेर के कारीगर और स्थानीय मददगार
पकड़े गए आरोपियों में मुंगेर के शातिर अपराधी शामिल हैं, जो हथियार बनाने में माहिर माने जाते हैं। पुलिस ने इन सभी के आपराधिक इतिहास को खंगालना शुरू कर दिया है।
गिरफ्तार लोगों की सूची:
- मो० इब्राहिम (45 वर्ष): सा० गुलरियां, खगड़िया (आपराधिक इतिहास: सलखुआ थाना कांड सं०-331/22)।
- मो० सोहराब (40 वर्ष): सा० बरधा, मुफ्फसिल, मुंगेर।
- मो० फईम (40 वर्ष): सा० बरधा, मुफ्फसिल, मुंगेर।
- संजय लोहार उर्फ संजय शर्मा (35 वर्ष): सा० पुरव सराय, मुंगेर (आपराधिक इतिहास: पुरव सराय कांड सं०-43/24)।
- नुजहत खातुन (35 वर्ष): पति मो० इब्राहिम, सा० गुलरियां, खगड़िया।
- नुसरत खातुन (30 वर्ष): पति मो० अहमद, सा० गुलरियां, खगड़िया।
बरामदगी: कारखाने से मिला ‘मौत का सामान’
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 20 प्रकार की सामग्रियाँ और औजार बरामद किए हैं। बरामदगी की सूची किसी बड़ी फैक्ट्री जैसी नजर आती है:
श्रेणी | सामग्री का नाम | संख्या |
|---|---|---|
अर्धनिर्मित हथियार | लोहे का अर्धनिर्मित बैरल | 21 |
स्ट्रक्चर | लोहे का अर्धनिर्मित मुठ्ठी (बॉडी) | 21 |
तैयार हथियार | लोहे का देशी कट्टा | 01 |
गोला-बारूद | जिन्दा गोली एवं खोखा | 04 |
पुर्जे | फायरिंग स्प्रिंग, हेमर, ट्रिगर, रिपीट रड | 105 |
औजार/मशीन | विभिन्न प्रकार की रेती, आरी, छेनी, ड्रिल (गिरमीट) | 73 |
इसके अलावा पीतल की छड़, पत्ती और मैगजीन जैसे कई पुर्जे बरामद किए गए हैं, जो बताते हैं कि यहाँ फिनिशिंग का काम भी उच्च स्तर का हो रहा था।
मुंगेर कनेक्शन और शातिर अपराधियों का इतिहास
इस छापेमारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुंगेर के अपराधी अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए पड़ोसी जिलों के ग्रामीण इलाकों को सेफ हेवन (Safe Haven) बना रहे हैं। गिरफ्तार संजय लोहार और मो० इब्राहिम पहले भी आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। संजय लोहार मुंगेर के पुरव सराय का रहने वाला है और उस पर 2024 में ही शस्त्र अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज हुए थे। वहीं, स्थानीय मददगारों (नुजहत और नुसरत) की भूमिका कारीगरों को संरक्षण देने और माल की डिलीवरी में मदद करने की लग रही है।
पुलिस टीम की मुस्तैदी: चौथम पुलिस की बड़ी सफलता
इस सफल उद्भेदन में शामिल टीम को खगड़िया एसपी द्वारा पुरस्कृत किए जाने की संभावना है। टीम में शामिल प्रमुख पदाधिकारी थे:
- श्री मुकुल रंजन (अपर पुलिस अधीक्षक सह SDPO सदर)
- पु०नि० अजीत कुमार (थानाध्यक्ष, चौथम)
- पु०अ०नि० संटू कुमार, सोनू कुमार एवं प्रधान भारती (चौथम थाना)
- अभिमन्यु कुमार और अनिल कुमार (स०अ०नि०) एवं सशस्त्र बल।
अवैध हथियारों का यह कारोबार न केवल खगड़िया बल्कि आसपास के जिलों की शांति के लिए बड़ा खतरा है। मुंगेर से कारीगरों का पलायन और ग्रामीण घरों में फैक्ट्री चलाना एक नई चुनौती है। पुलिस को अब उन ‘खरीददारों’ तक पहुँचना होगा जो इन मिनी फैक्ट्रियों को ऑर्डर देते हैं। चौथम पुलिस ने कांड सं०-143/26 दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।


