
बिहार में वाहनों पर जातिसूचक शब्द या स्लोगन लिखने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग के निर्देश के बाद कैमूर जिला प्रशासन ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब किसी भी वाहन पर जाति से जुड़े शब्द या भेदभावपूर्ण स्लोगन लिखना कानूनन अपराध माना जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर वाहन मालिकों के खिलाफ जुर्माना और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं — 96, 111(2)(e), 177 और 179 — के तहत ऐसे मामलों को दंडनीय माना गया है।
सभी वाहन मालिकों को आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपने वाहनों से जातिसूचक शब्द या स्लोगन हटाने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
जिला जनसंपर्क कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे सामाजिक समरसता बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने में प्रशासन का सहयोग करें। इस पहल का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और समाज में भेदभाव को कम करना है।


