
सीतामढ़ी: जिले के मोहनपुर गांव में एक युवक को स्कूटी चोरी की कोशिश करना भारी पड़ गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह घटना भासर पिकेट क्षेत्र के अंतर्गत रविवार दोपहर की है, जिसने इलाके में लोगों की जागरूकता और एकजुटता की मिसाल पेश की है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बाजीतपुर गांव निवासी कमलेश चौधरी के पुत्र पंकज कुमार चौधरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह चोरी की नीयत से मोहनपुर स्थित एक घर के परिसर में घुसा था। वहां खड़ी एक स्कूटी (नंबर BR 30 AS-4221) को निशाना बनाते हुए उसने उसका हैंडल लॉक खोलने की कोशिश शुरू कर दी।
घटना उस समय की है जब दोपहर के वक्त अधिकतर लोग अपने घरों में थे। आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर चुपचाप स्कूटी चुराने की योजना बनाई थी। लेकिन उसकी यह योजना ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकी। जैसे ही वह स्कूटी का लॉक खोलने की कोशिश कर रहा था, आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई।
ग्रामीणों को अपनी ओर आते देख आरोपी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के आगे उसकी एक नहीं चली। लोगों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और मौके पर ही घेर लिया। पूछताछ के दौरान जब आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, तो ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही भासर पिकेट की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मौके से स्कूटी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी चोरी की नीयत से ही घर में घुसा था।
भासर पिकेट प्रभारी रविकांत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी किसी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। आसपास के इलाकों में हाल के दिनों में हुई चोरी की घटनाओं से उसका कोई संबंध है या नहीं, इस दिशा में भी जांच तेज कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर स्थानीय लोग सतर्क और जागरूक रहें, तो अपराध को काफी हद तक रोका जा सकता है। ग्रामीणों की तत्परता के कारण न केवल एक चोरी की घटना टल गई, बल्कि एक आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिससे लोग चिंतित थे। ऐसे में इस तरह की घटना में आरोपी का पकड़ा जाना लोगों के लिए राहत की बात है। उन्होंने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है।
पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही, अपने घरों और वाहनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें। खासकर दोपहिया वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
यह घटना समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी दर्शाती है। जब आम लोग और पुलिस मिलकर काम करते हैं, तो अपराधियों के लिए जगह कम हो जाती है। मोहनपुर की यह घटना इसी सहयोग और सतर्कता का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।
कुल मिलाकर, एक संभावित चोरी की वारदात को समय रहते रोक लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस आगे की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।


