
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “भगवान हमारे साथ हैं और पश्चिम बंगाल में सनातन की रक्षा करने वाली सरकार बनने जा रही है।” उनके इस बयान ने चुनावी हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
चुनाव आयोग द्वारा 4 मई को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जाने हैं। इसी बीच शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी आस्था और विश्वास के साथ भगवान से प्रार्थना की है और उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी, जो नंदीग्राम से भाजपा के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “मैंने चुनाव प्रचार से लेकर मतदान के दिन तक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। अब मुझे भरोसा है कि जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट दिया है और परिणाम हमारे पक्ष में आएंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के सवाल पर उन्होंने कहा कि “अंत में लोकतंत्र की ही जीत होती है। कुछ जगहों पर पुनर्मतदान होना चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इससे पूरे चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जो स्थिति बनी हुई है, वह लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कभी ऐसी ही स्थिति थी, लेकिन समय के साथ बदलाव आया और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी अब वही बदलाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना के दिन उनके एजेंट पूरी सतर्कता के साथ काम करेंगे। “मेरे काउंटिंग एजेंट पूरी जिम्मेदारी के साथ मौजूद रहेंगे और मैं भी उनके साथ खड़ा रहूंगा। हमने पूरी तैयारी कर ली है और किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार पश्चिम बंगाल का चुनाव काफी अहम है, क्योंकि इसमें भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। एग्जिट पोल के अनुसार दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर है, हालांकि दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
सोमवार को पश्चिम बंगाल की कुल 293 विधानसभा सीटों के नतीजों का ऐलान किया जाएगा। हालांकि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया है, जिसके चलते वहां मतगणना नहीं होगी। इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा और 24 मई को इसके नतीजे घोषित किए जाएंगे।
शुभेंदु अधिकारी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर भाजपा को बहुमत मिलता है, तो वे मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार हो सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई का चुनाव है। “यह चुनाव विकास और सुशासन के लिए है। जनता ने यह समझ लिया है कि राज्य को आगे बढ़ाने के लिए बदलाव जरूरी है,” उन्होंने कहा।
इस बीच, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और समर्थक भी नतीजों को लेकर काफी उत्साहित हैं। पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मतगणना केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी की है कि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
शुभेंदु अधिकारी के इस बयान ने भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया है, जबकि विपक्ष इसे महज चुनावी बयानबाजी बता रहा है। अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।
कुल मिलाकर, चुनाव परिणाम से पहले का यह दौर राजनीतिक बयानबाजी, दावों और उम्मीदों से भरा हुआ है। शुभेंदु अधिकारी का आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। हालांकि अंतिम फैसला जनता के मतों से ही होगा, जिसका खुलासा अब कुछ ही घंटों में होने वाला है।


