
पटना। बिहार में आने वाले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अप्रैल से 1 मई तक राज्य के कई जिलों में आंधी, तेज हवा, गरज-चमक और बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, विशेष रूप से सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में स्थिति अधिक गंभीर रह सकती है, जहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के मुताबिक, इस अवधि के दौरान वातावरण में नमी और वायुमंडलीय अस्थिरता के कारण तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कई स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे जान-माल का खतरा बना रह सकता है।
29 अप्रैल: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
29 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। पश्चिमी और मध्य बिहार के कई जिलों जैसे पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और समस्तीपुर समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों—सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई—में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका अधिक है।
30 अप्रैल: तेज हवाओं के साथ बारिश जारी
30 अप्रैल को भी स्थिति लगभग समान बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
इस दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
1 मई: कुछ जिलों में राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
1 मई को राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम में सुधार के संकेत हैं। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, पटना, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, सारण, सिवान और गोपालगंज जैसे जिलों में ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
हालांकि, उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में अभी भी येलो अलर्ट जारी रहेगा, जिससे यह स्पष्ट है कि पूरी तरह से राहत नहीं मिलेगी और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता बनी रहेगी।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण हो रहा है। गर्मी के मौसम में इस तरह की अस्थिरता अक्सर आंधी और बारिश का कारण बनती है, जिसे सामान्य भाषा में ‘कालबैसाखी’ जैसे हालात भी कहा जाता है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न रहें।
किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। वहीं, प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात और जनजीवन पर असर
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
कुल मिलाकर, बिहार में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज अस्थिर रहने वाला है। जहां एक ओर गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और सतर्क रहें। सावधानी ही इस बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।


