पटना में NEET छात्र की संदिग्ध मौत: हॉस्टल कमरे में जहर खाने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

पटना। राजधानी पटना के एसके पुरी थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र ने जहरीला पदार्थ सेवन किया था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और छात्रों के बीच भी गहरी चिंता का माहौल बन गया है।

मृतक छात्र की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर निवासी श्रेयम के रूप में हुई है। वह पिछले लगभग दो वर्षों से पटना में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रहा था और एसके पुरी इलाके के नालंदा रेजीडेंसी हॉस्टल में रहता था। बताया जा रहा है कि वह शहर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहा था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था।

घटना मंगलवार की सुबह सामने आई, जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला। हॉस्टल के अन्य छात्रों और प्रबंधन को जब शक हुआ, तो उन्होंने दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देख सभी लोग स्तब्ध रह गए—छात्र अपने बेड पर अचेत अवस्था में पड़ा था। तत्काल उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।

मौके से पुलिस को एक जहरीले पदार्थ का डिब्बा बरामद हुआ है, जिसे सोडियम एजाइड बताया जा रहा है। इसके अलावा कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी नोट की सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है।

हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों के अनुसार, श्रेयम पिछले कुछ दिनों से काफी शांत और अलग-थलग नजर आ रहा था। उसके व्यवहार में बदलाव देखा गया था, हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी कदम उठा सकता है। एक छात्र ने बताया कि वह पहले सामान्य और मिलनसार था, लेकिन हाल के दिनों में कम बातचीत करता था।

हॉस्टल प्रबंधन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजनों को सूचित किया गया। परिजन तुरंत पटना पहुंचे और अपने स्तर पर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट चुका है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसके पुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे को सील कर दिया गया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जिनमें बोतल, कप, चम्मच, चादर और संदिग्ध पदार्थ शामिल हैं। इन सभी को जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, जब्त सामग्री और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, इसे संदिग्ध आत्महत्या का मामला मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव और तनाव की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है।

कोचिंग संस्थानों और अभिभावकों को भी इस दिशा में संवेदनशील होने की जरूरत है, ताकि छात्रों को भावनात्मक सहारा मिल सके। कई बार छात्र अपने अंदर की परेशानियों को साझा नहीं कर पाते, जो गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है।

प्रशासन और शिक्षण संस्थानों के लिए भी यह एक चेतावनी है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठोस व्यवस्था की जाए। काउंसलिंग, हेल्पलाइन और नियमित संवाद जैसे उपाय इस दिशा में मददगार हो सकते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस घटना को लेकर अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

अंततः, यह घटना केवल एक छात्र की मौत नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संकेत है। जरूरत है कि हम सभी मिलकर एक ऐसा माहौल बनाएं, जहां युवा अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और उन्हें समय रहते सही मार्गदर्शन मिल सके।

यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो पेशेवर मदद लेना बेहद जरूरी है। समय पर सहायता मिलना कई जिंदगियों को बचा सकता है।

  • ये भी पढ़े..

    लोदीपुर में तेज रफ्तार बाइक का कहर, सड़क पार कर रहे मजदूर की टांग टूटी, अस्पताल में भर्ती

    Share Add as a preferred…

    बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों को मिला GI टैग, मुख्यमंत्री ने कहा- वैश्विक पहचान की ओर बढ़ा राज्य का सांस्कृतिक गौरव

    Share Add as a preferred…