
नई दिल्ली: भारत की वायु रक्षा क्षमता को और मजबूती मिलने जा रही है। रूस से खरीदे गए अत्याधुनिक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम S-400 की चौथी यूनिट अगले महीने तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह यूनिट आने के बाद देश की एयर डिफेंस नेटवर्क और अधिक सशक्त हो जाएगा।
2018 में भारत ने रूस के साथ करीब 5 अरब डॉलर की डील के तहत S-400 मिसाइल सिस्टम की पांच यूनिट खरीदने का समझौता किया था। इस डील के तहत अब तक तीन यूनिट भारत को मिल चुकी हैं, जबकि चौथी यूनिट रूस से रवाना हो चुकी है और जल्द ही इसकी डिलीवरी होने की संभावना है। पांचवीं यूनिट नवंबर तक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अहम भूमिका का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस सिस्टम की क्षमताओं को आधुनिक एयर डिफेंस तकनीक में बेहद प्रभावी माना जाता है।
इसके अलावा, भारत ने हाल ही में रूस से S-400 की अतिरिक्त पांच यूनिट खरीदने की मंजूरी भी दी है, जिससे भविष्य में इनकी कुल संख्या 10 तक पहुंच सकती है।
अमेरिका की चेतावनी के बावजूद डील आगे बढ़ी
जब भारत ने यह सौदा किया था, तब अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि रूस से बड़ी रक्षा खरीद पर CAATSA कानून के तहत प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि, भारत ने इस डील को आगे बढ़ाया और अब तक की आपूर्ति पर कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध प्रभावी नहीं हुआ है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह सौदा भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और बहु-स्तरीय एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।


