​सहरसा: 7 साल की बच्ची से दरिंदगी, काशनगर पुलिस ने आरोपी को दबोचा; पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मानवता को शर्मसार करते हुए एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची को गंभीर अपराध का निशाना बनाया गया। घटना जिले के काशनगर थाना क्षेत्र की है। सहरसा पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया है, बल्कि पीड़िता को बेहतर इलाज मुहैया कराने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इस घटना के बाद से ही इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल है, जबकि पुलिस ने दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

अस्पताल से मिली सूचना और पुलिस का ‘एक्शन’

​घटना की जानकारी रविवार, 26 अप्रैल 2026 को उस समय मिली जब काशनगर थाना क्षेत्र की एक 7 वर्षीय नाबालिग बच्ची को अत्यंत गंभीर अवस्था में सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। बच्ची की हालत देख डॉक्टरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की भयावहता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में महिला पुलिस अधिकारियों की टीम तत्काल अस्पताल पहुँची। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर लैंगिक अपराध (Sexual Offense) का प्रतीत होने पर पुलिस ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू की। बच्ची के प्राथमिक उपचार के बाद, उसे बेहतर चिकित्सा और विशेषज्ञ देखरेख के लिए उच्च चिकित्सीय संस्थान (Higher Medical Center) रेफर कर दिया गया है।

वैज्ञानिक जांच और साक्ष्यों का संकलन

​मामले को कानूनी रूप से पुख्ता बनाने के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लिया है:

  • FSL की टीम: घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से भौतिक साक्ष्यों और नमूनों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण किया है।
  • मेडिकल साक्ष्य: चिकित्सीय प्रक्रिया के तहत पीड़िता के स्वैब और अन्य आवश्यक नमूनों को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया गया है ताकि कोर्ट में आरोपी के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए जा सकें।
  • साइट इंस्पेक्शन: एसडीपीओ सिमरी बख्तियारपुर और काशनगर थानाध्यक्ष ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर उसे विधिवत संरक्षित किया।

प्राथमिकी और आरोपी की गिरफ्तारी

​पीड़िता की माँ के फर्दबयान के आधार पर महिला थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नए कानूनों और विशेष प्रावधानों के तहत निम्नलिखित धाराओं में कार्रवाई की है:

  1. बी.एन.एस (BNS): भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराएं।
  2. पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

​विशेष टीम ने त्वरित छापेमारी करते हुए प्राथमिकी में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण की जानकारी सहरसा के ‘वन स्टॉप सेंटर’ को भी दे दी है ताकि पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक परामर्श और सहायता मिल सके।

पुलिस की अपील: गोपनीयता का रखें ध्यान

​सहरसा पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में मीडिया और आमजन से एक विशेष अपील की है। पुलिस ने अनुरोध किया है कि कानून के प्रावधानों के अनुरूप पीड़िता और उसके परिजनों की गोपनीयता एवं गरिमा का सम्मान करें। किसी भी स्तर पर पहचान उजागर करना या अपुष्ट जानकारी साझा करना दंडनीय अपराध है।

​पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और वे सुनिश्चित करेंगे कि दोषी को कानून की किताबों में दर्ज कठोरतम सजा मिले। किसी भी आपात स्थिति या सूचना के लिए सहरसा पुलिस ने अपना हेल्पलाइन नंबर 06478-225554 भी जारी किया है।

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