पीरपैंती में मौत बनकर दौड़ा रफ्तार का जुनून: अनियंत्रित हाइवा ने तीन युवकों को रौंदा; जगदीशपुर फोरलेन मोड़ पर मची चीख-पुकार, फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस

पीरपैंती (भागलपुर)। बिहार के भागलपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विशेष रूप से भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 की सुबह पीरपैंती थाना क्षेत्र के जगदीशपुर फोरलेन मोड़ के पास एक भीषण सड़क हादसा घटित हुआ, जिसने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की सतर्कता और सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अज्ञात और तेज रफ्तार हाइवा (भारी ट्रक) ने मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर कई फीट दूर जा गिरे, जबकि चालक अपनी गाड़ी सहित मौके से फरार होने में सफल रहा। इस दुर्घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया है। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और लोग प्रशासन से सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मांग कर रहे हैं।

हादसे का खौफनाक मंजर: चंद पलों में उजड़ गई खुशियाँ

​जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब तीनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी काम से जा रहे थे। जैसे ही वे जगदीशपुर फोरलेन मोड़ के समीप पहुँचे, विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाइवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक को संभलने का मौका ही नहीं मिला। टक्कर के बाद बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर तड़पने लगे।

​हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सड़क पर चारों ओर खून बिखरा था और घायलों की कराह से वातावरण गमगीन हो उठा। मानवता का परिचय देते हुए स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना समय गंवाए निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को पीरपैंती रेफरल अस्पताल पहुँचाया। लोगों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

घायलों की शिनाख्त और स्वास्थ्य स्थिति: अस्पताल में जिंदगी की जंग

​इस भीषण दुर्घटना में घायल हुए युवकों की पहचान कर ली गई है। घायलों में दो सगे भाई और उनका एक मित्र शामिल है:

  1. लव दास (निवासी: रिफातपुर, पीरपैंती)
  2. कुश दास (निवासी: रिफातपुर, पीरपैंती)
  3. मोहम्मद आसिम (निवासी: पश्चिम बंगाल)

​पीरपैंती रेफरल अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने घायलों की प्राथमिक जांच के बाद बताया कि तीनों की स्थिति नाजुक है। विशेष रूप से कुश दास का बायां हाथ बुरी तरह टूट गया है, जिससे उसे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। वहीं, लव दास के चेहरे और मुँह पर गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उसे बोलने और सांस लेने में कठिनाई हो रही है। पश्चिम बंगाल के रहने वाले मोहम्मद आसिम को भी शरीर के कई हिस्सों में आंतरिक और बाहरी चोटें पहुँची हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

“खूनी मोड़” बना जगदीशपुर फोरलेन: आखिर कब तक दी जाएगी बलि?

​यह कोई पहली बार नहीं है जब जगदीशपुर फोरलेन मोड़ पर इस तरह की हृदयविदारक घटना घटी हो। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मोड़ अब “डेथ ट्रैप” या खूनी मोड़ के रूप में कुख्यात हो चुका है। फोरलेन बनने के बाद से यहाँ वाहनों की गति में बेतहाशा वृद्धि हुई है, लेकिन सुरक्षा के मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।

​मोड़ की बनावट और दृश्यता (Visibility) की कमी के कारण अक्सर यहाँ वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं। इसके साथ ही, पीरपैंती और आसपास के क्षेत्रों में गिट्टी और बालू लदे हाइवा चालकों की मनमानी जगजाहिर है। ये चालक अक्सर नशे की हालत में या नींद पूरी न होने के बावजूद तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जो इस तरह के हादसों का मुख्य कारण बनता है। सोमवार की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि प्रशासन केवल बड़े हादसों के बाद जागता है और कुछ दिनों की सक्रियता के बाद फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है।

पुलिसिया कार्रवाई: फरार कातिल चालक की तलाश जारी

​दुर्घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थाना पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को सड़क से हटाकर यातायात बहाल करवाया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और उनके परिजनों को सूचित किया।

​थानाध्यक्ष ने बताया कि अज्ञात हाइवा और उसके चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फोरलेन के विभिन्न हिस्सों और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि भागने वाले वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस चेकपोस्ट होने के बावजूद ऐसे भारी वाहन तेज रफ्तार में निकल जाते हैं और उन पर कोई लगाम नहीं लगाई जाती।

स्थानीय प्रशासन से गुहार: अब तो कर दो सुरक्षा के इंतजाम

​इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • स्पीड ब्रेकर का निर्माण: जगदीशपुर फोरलेन मोड़ के दोनों तरफ ऊँचे और वैज्ञानिक तरीके से निर्मित स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं ताकि वाहनों की गति को अनिवार्य रूप से कम किया जा सके।
  • चेतावनी संकेत (Signboards): मोड़ से कम से कम 500 मीटर पहले बड़े और रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर ‘खतरनाक मोड़’ और ‘गति सीमा’ का स्पष्ट उल्लेख हो।
  • ट्रैफिक पुलिस की तैनाती: व्यस्त समय के दौरान इस मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस या होमगार्ड के जवानों की स्थायी तैनाती की जाए ताकि भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया जा सके।
  • स्ट्रीट लाइटिंग: रात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए पूरे फोरलेन मोड़ पर हाई-मास्ट लाइट की व्यवस्था की जाए।

​ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर प्रशासन ने इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे फोरलेन को जाम कर उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: कौशल विकास मिशन में 19 नए पद, CDPO की सीधी भर्ती को मंजूरी

    Share Add as a preferred…

    खान सर की कोचिंग में तोड़फोड़ मामले में तीन गिरफ्तार, निदेशक समेत कई नामजद

    Share Add as a preferred…