ट्यूशन पढ़ने निकले दो सगे भाई लापता, परिजनों में मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

भागलपुर (नवगछिया): बिहार के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र के डीमाहा गांव से दो सगे भाइयों के अचानक लापता हो जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दोनों बच्चे 24 अप्रैल को रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है और गांव में भी बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

लापता बच्चों की पहचान राजेश चौधरी के पुत्र हर्ष कुमार और मोक्ष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों भाई प्रतिदिन की तरह साइकिल से ट्यूशन के लिए निकले थे। परिवार को शुरुआत में लगा कि शायद किसी कारणवश देर हो रही होगी, लेकिन जब रात तक दोनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता घबराहट में बदल गई।

परिजनों ने पहले अपने स्तर पर बच्चों की तलाश शुरू की। गांव के आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन दोनों बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। हर गुजरते घंटे के साथ परिवार की चिंता और बढ़ती गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

आखिरकार, जब सभी प्रयास विफल हो गए, तो पिता राजेश चौधरी ने गोपालपुर थाना पहुंचकर गुमशुदगी का आवेदन दिया। उन्होंने पुलिस से अपने दोनों बेटों को जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगाई। आवेदन मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, बच्चों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में छानबीन की जा रही है। संभावित स्थानों पर पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि बच्चों के मूवमेंट का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी परिचित या संदिग्ध व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका तो नहीं है।

परिजनों को इस बात की भी आशंका सता रही है कि कहीं उनके बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना न हो गई हो। यही वजह है कि परिवार बेहद तनाव और भय के माहौल में जी रहा है। मां बार-बार अपने बच्चों के सुरक्षित लौटने की दुआ कर रही है, जबकि पिता हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह बच्चों का सुराग मिल सके।

गांव के लोगों ने भी इस मामले में चिंता जताई है और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना ने पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द बच्चों को ढूंढा जाए और अगर इसमें किसी की संलिप्तता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता भी बढ़ा दी गई है। पुलिस आसपास के जिलों और थानों को भी अलर्ट कर रही है, ताकि बच्चों की तलाश व्यापक स्तर पर की जा सके। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में शुरुआती 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दौरान यदि ठोस सुराग मिल जाए, तो बच्चों को सुरक्षित ढूंढने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए पुलिस भी हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तेजी से जांच कर रही है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर भी बच्चों की तस्वीरें और जानकारी साझा की जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सूचना पहुंचे और किसी को कोई सुराग मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दी जा सके। परिवार ने भी लोगों से अपील की है कि अगर किसी को उनके बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या उन्हें सूचित करें।

घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। जहां पहले शाम के समय बच्चों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई यही दुआ कर रहा है कि दोनों बच्चे सकुशल घर लौट आएं।

फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि दोनों लापता भाइयों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि मामले में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और बच्चों को सुरक्षित खोजने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।

अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा और दोनों बच्चों की सुरक्षित वापसी होगी।

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