
पटना: बिहार में एनडीए सरकार के नए कैबिनेट विस्तार के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार जिला से लेकर विभागीय मुख्यालय स्तर तक आईएएस अधिकारियों के व्यापक तबादले की योजना पर काम कर रही है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी अधिकारियों के वर्तमान पदस्थापन का विस्तृत ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाना है। सूत्रों के अनुसार, तबादला प्रक्रिया में अधिकारियों की कार्यक्षमता, उपलब्धियों और फील्ड प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर
नई सरकार प्रशासन को आम जनता के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत थाना, प्रखंड और अंचल स्तर तक की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
इसके साथ ही जिलों में ऐसे अधिकारियों की तैनाती की जाएगी जो समस्याओं के त्वरित समाधान में सक्षम हों। वहीं, अपेक्षित प्रदर्शन न करने वाले अधिकारियों के तबादले की भी संभावना जताई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत कई जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की नियुक्ति भी हो सकती है।
आईएएस अधिकारियों की नई तैनाती
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 के मई-जून में 16 नए आईएएस अधिकारी बिहार कैडर में शामिल होंगे। ये अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रोन्नत होकर आईएएस बनेंगे।
वर्तमान में बिहार में आईएएस अधिकारियों के कुल 359 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से लगभग 310 पदों पर अधिकारी कार्यरत हैं।
जिलों में डीएम की स्थिति
राज्य के जिलों में डीएम की तैनाती भी हाल के वर्षों में लगातार बदली गई है। पूर्वी चंपारण में वर्ष 2023 में वर्तमान जिलाधिकारी की नियुक्ति हुई थी।
भागलपुर, भोजपुर, जहानाबाद, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, नवादा, रोहतास, समस्तीपुर और सीतामढ़ी सहित नौ जिलों में 2024 में नए डीएम की तैनाती की गई थी।
लखीसराय जिला वर्तमान में प्रभारी जिलाधिकारी के हवाले है, जबकि शेष 27 जिलों में वर्ष 2025 में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए गए थे।
निष्कर्ष
आगामी प्रशासनिक फेरबदल से बिहार की नौकरशाही में बड़े बदलाव की संभावना है। सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और जनता तक सरकारी योजनाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।



