झारखंड से बिहार जा रहे एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत, भीषण सड़क हादसे में उजड़ा पूरा घर

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जिससे एक पूरा परिवार उजड़ गया। यह घटना चौपारण थाना क्षेत्र के दनुआ घाटी में हुई, जो पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात माना जाता है।

जानकारी के अनुसार, सभी मृतक झारखंड के धनबाद से बिहार के गया जिले के आमस क्षेत्र में एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। परिवार खुशी के माहौल में अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह यात्रा एक भयावह हादसे में बदल गई।

बताया जा रहा है कि कार में सवार सभी लोग बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र अंतर्गत महेशपुर कोलियरी में कार्यरत लाइनमैन शिव कुमार भुइयां के परिवार के सदस्य थे। जैसे ही उनकी कार चौपारण स्थित दनुआ घाटी के जोड़राही पुल के पास पहुंची, तभी सामने चल रहे एक ट्रेलर से उनकी कार टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का संतुलन बिगड़ गया।

इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने भी कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस दोहरी टक्कर में कार दोनों भारी वाहनों के बीच फंस गई और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को बचने का कोई मौका नहीं मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना का मंजर बेहद भयावह था। कार बुरी तरह से चकनाचूर हो गई थी और शव अंदर ही फंसे हुए थे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही चौपारण थाना पुलिस और एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर कार को काटा गया और अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी देर तक चला, क्योंकि कार पूरी तरह से दब चुकी थी।

पुलिस ने मृतकों की पहचान शिव कुमार भुइयां (45), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बेटी सोनी (12), सुहानी (9) और रिश्तेदार प्रेम (7) सहित कुल छह लोगों के रूप में की है। सभी एक ही परिवार से जुड़े थे, जिससे इस घटना का दर्द और भी गहरा हो गया है।

हादसे के बाद ट्रक और ट्रेलर के चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

दनुआ घाटी क्षेत्र पहले से ही खतरनाक मोड़ों और ढलानों के कारण दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है। बताया जा रहा है कि पिछले चार दिनों में यह इस इलाके की पांचवीं बड़ी दुर्घटना है। इसके बावजूद यहां सुरक्षा उपायों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घाटी में अक्सर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे होते रहते हैं। कई बार प्रशासन को इस बारे में चेतावनी भी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही परिवार के इतने लोगों की एक साथ मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन, घाटी क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल और बेहतर निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है। साथ ही ड्राइवरों को भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है, खासकर ऐसे संवेदनशील इलाकों में।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार चालकों की तलाश जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। एक परिवार जो खुशियों के सफर पर निकला था, वह कभी वापस नहीं लौट सका।

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