
भागलपुर। बिहार के भागलपुर में अपराध और रहस्य की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शहर के वारसलीगंज मोहल्ले में एक 22 वर्षीय होटल संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान नाथनगर थाना क्षेत्र के पिपरपांती निवासी राजा कुमार के रूप में हुई है। यह मामला साधारण नजर आने के बावजूद कई ऐसे अनसुलझे सवालों को जन्म दे रहा है, जो हत्या और आत्महत्या के बीच की महीन लकीर को धुंधला कर रहे हैं। गले पर फंदे के गहरे निशान और पैरों की चोटें इस घटना को एक गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा कर रही हैं। वहीं, मृतक की पत्नी के विरोधाभासी बयानों ने पुलिस और परिजनों के शक को और अधिक गहरा कर दिया है। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 की सुबह तक पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स का सहारा ले रही है।
काम पर नहीं पहुँचा राजा: एक फोन कॉल ने खोली तबाही की दास्तां
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब राजा कुमार रोज की तरह बाईपास स्थित अपने ढाबे पर काम करने के लिए नहीं पहुँचा। राजा अपने भाइयों के साथ मिलकर ढाबे का संचालन करता था और काम के प्रति काफी सजग रहता था। जब सुबह काफी देर हो गई और राजा का कोई अता-पता नहीं चला, तो उसके बड़े भाई राकेश ने उसे फोन करना शुरू किया। कई बार फोन करने के बाद भी जब दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो राकेश की चिंता बढ़ने लगी।
अनहोनी की आशंका को देखते हुए राकेश ने राजा की पत्नी को फोन मिलाया। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से केवल चीखने और रोने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। राजा की पत्नी कुछ भी स्पष्ट बोलने की स्थिति में नहीं थी, जिससे परिवार का माथा ठनका। राकेश ने तुरंत अपनी माँ को वारसलीगंज स्थित उस किराये के मकान पर भेजा जहाँ राजा अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। जब माँ वहां पहुँची, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; कमरे के भीतर उनका बेटा बेसुध जमीन पर पड़ा हुआ था।
अस्पताल में अफरा-तफरी और गले पर ‘रहस्यमयी’ निशान
परिजनों ने आनन-फानन में राजा को उठाया और भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) ले भागे। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन रात करीब 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने जो देखा, उसने मामले को पूरी तरह से संदिग्ध बना दिया।
मृतक राजा के गले पर फंदे के साफ और गहरे निशान उभरे हुए थे। आमतौर पर आत्महत्या के मामलों में फंदे का निशान ‘V’ आकार में ऊपर की ओर होता है, लेकिन यहाँ निशानों की स्थिति कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही थी। इसके अलावा, राजा के पैर की एक उंगली पर भी चोट के गहरे निशान पाए गए हैं। ये चोट के निशान इस संभावना को बल दे रहे हैं कि मौत से पहले शायद राजा और किसी अन्य व्यक्ति के बीच हाथापाई या संघर्ष हुआ हो। हालांकि, डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में ‘हैंगिंग’ (लटकने) का जिक्र किया गया है, लेकिन पुलिस इसे पूरी तरह से अंतिम सच नहीं मान रही है।
पत्नी का संदिग्ध व्यवहार: सीढ़ी से गिरने की कहानी और फंदे का सच
इस पूरी त्रासदी में सबसे अधिक संदेहास्पद भूमिका मृतक राजा की पत्नी की नजर आ रही है। जब राजा की माँ ने उससे पूछा कि आखिर यह सब कैसे हुआ, तो पत्नी ने दावा किया कि राजा सीढ़ी से गिर गया था। एक तरफ पत्नी का ‘सीढ़ी से गिरना’ कहना और दूसरी तरफ राजा के गले पर ‘फंदे के निशान’ मिलना—ये दोनों बातें एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं।
अस्पताल में भी पत्नी का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह बार-बार बेहोश होने का नाटक या प्रयास करती रही और जब भी पुलिस या परिजनों ने उससे घटना की विस्तृत जानकारी लेनी चाही, उसने चुप्पी साध ली या गोल-मोल जवाब दिए। परिजनों का कहना है कि अगर वह सीढ़ी से गिरा था, तो गले पर रस्सी या फंदे जैसे निशान कैसे आ सकते हैं? क्या उसे गिरने के बाद गला घोंटकर मारा गया या फिर आत्महत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई? ये वे सवाल हैं जिनका जवाब अब पुलिस को ढूंढना है।
दो महीने पुराना प्रेम विवाह और परिवार से दूरी
राजा कुमार की जिंदगी में पिछले कुछ महीनों में बड़े बदलाव आए थे। इसी साल फरवरी माह में उसने अपनी पसंद की लड़की से प्रेम विवाह किया था। हालांकि, यह शादी परिवार की पूरी सहमति के बिना हुई थी, जिसके कारण राजा अपने पैतृक घर पिपरपांती छोड़कर वारसलीगंज में किराये के कमरे में रहने लगा था। परिवार को राजा की पत्नी के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी, क्योंकि शादी के बाद वह कभी अपने घर नहीं आया और न ही पत्नी को लेकर परिवार के पास गया।
महज दो महीने के भीतर एक खुशहाल विवाहित जीवन का इस तरह दर्दनाक अंत होना कई आशंकाओं को जन्म देता है। परिजनों को संदेह है कि क्या इस प्रेम विवाह के पीछे कोई ऐसा राज था जो अब राजा की जान का दुश्मन बन गया? क्या पति-पत्नी के बीच सब कुछ ठीक था या कोई तीसरा व्यक्ति भी इस विवाद का हिस्सा था? ढाबे पर काम करने के दौरान भी राजा ने कभी किसी तनाव का जिक्र नहीं किया था, जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो जाता है।
पुलिसिया तफ्तीश: मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स पर टिकी उम्मीद
भागलपुर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहन छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मृतक का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन इस केस का सबसे बड़ा ‘गवाह’ साबित हो सकता है। आखिरी कॉल किसने की थी? क्या घटना से पहले राजा और उसकी पत्नी के बीच कोई तीखी बहस हुई थी? या फिर किसी बाहरी व्यक्ति ने उसे फोन पर धमकी दी थी? इन सभी सवालों के जवाब कॉल रिकॉर्ड्स और मैसेज हिस्ट्री से मिल सकते हैं।
पुलिस ने एहतियातन कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। राजा की पत्नी से भी महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में बयान लेने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वे पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट (विसेरा जांच सहित) का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मौत का वास्तविक समय क्या था और क्या शरीर में किसी प्रकार का नशीला या जहरीला पदार्थ मौजूद था।


