
बसंतपुर (सीवान)। नियति का खेल भी कितना क्रूर और अकल्पनीय होता है, इसकी एक हृदयविदारक बानगी सीवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिली है। जिस घर में मंगल गीतों की गूँज थी, जहाँ हल्दी और उबटन की रस्में शुरू होने वाली थीं और जिस आंगन में शहनाइयों के बजने का इंतज़ार था, वहां आज चित्कार और सन्नाटा पसरा है। बसंतपुर के बिठुना गांव में खुशियों का महल ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जब अपनी ही शादी का निमंत्रण पत्र (कार्ड) बांटने निकले 20 वर्षीय युवक गुड्डू महतो की सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 की दोपहर NH 331 पर नगवां गांव के समीप हुई इस भीषण टक्कर ने न केवल एक नौजवान की जान ली, बल्कि दो परिवारों के उन तमाम सपनों को भी कुचल दिया जो एक नई गृहस्थी बसने की उम्मीद में संजोए गए थे। शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को जब गुड्डू का शव गांव पहुँचा, तो कोई भी अपनी आंखों के आंसुओं को रोक नहीं सका। यह घटना एक कड़वी चेतावनी है कि सड़कों पर दौड़ती तेज रफ्तार गाड़ियां किस तरह हँसते-खेलते संसार को उजड़ने में पल भर का भी समय नहीं लेतीं।
अरमानों की अर्थी: जब शादी के कार्ड बने ‘शोक संदेश’
बिठुना गांव निवासी रामनाथ महतो का पुत्र गुड्डू महतो महज 20 वर्ष का था। घर में उसकी शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। रिश्तेदारों का आना शुरू हो चुका था और गुड्डू खुद अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर काफी उत्साहित था। गुरुवार की सुबह वह अपने गांव के ही एक अन्य साथी गोलू के साथ बाइक पर सवार होकर निकला था। हाथ में शादी के निमंत्रण कार्डों का बंडल था और मन में अपनों को इस खुशी में शामिल करने का उत्साह।
किसे पता था कि गुड्डू जिन लोगों को अपनी बारात में बुलाने जा रहा है, वे लोग कुछ ही घंटों बाद उसकी अर्थी में शामिल होने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जैसे ही उसकी बाइक नगवां गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 331 पर पहुँची, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक के परखच्चे उड़ गए और गुड्डू व गोलू सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे। जिस सड़क पर गुड्डू अपनी खुशियों का संदेश लेकर दौड़ रहा था, वही सड़क उसके लहू से लाल हो गई।
NH 331 पर खूनी भिड़ंत: लापरवाही ने ली जान
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एनएच 331 पर विपरीत दिशा से आ रही बाइक की रफ्तार बहुत अधिक थी। नगवां गांव के पास एक तीखे मोड़ या ओवरटेकिंग के प्रयास में दोनों बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण खेतों से भागकर सड़क की ओर आए। वहां का नजारा विचलित करने वाला था। गुड्डू और उसका साथी गोलू अचेत अवस्था में खून से लथपथ पड़े थे।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान गुड्डू की सांसें उखड़ रही थीं। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं, गोलू की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जिसका उपचार जारी है।
बिठुना गांव में कोहराम: पिता के बुझ गए आंखों के तारे
जैसे ही गुड्डू की मौत की खबर बिठुना गांव पहुँची, पूरे गांव में जैसे बिजली गिर गई। रामनाथ महतो के घर से आ रही मंगल गीतों की आवाजें अचानक गूँजते हुए रुदन में तब्दील हो गई। गुड्डू अपने पिता के बुढ़ापे का सहारा था और परिवार का लाडला भी। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है; वह बार-बार बेहोश हो रही है और होश आने पर बस यही पूछ रही है कि उसका बेटा कार्ड बांटकर कब लौटेगा।
गांव के लोग स्तब्ध हैं। जो पड़ोसी कल तक शादी की तैयारियों में हाथ बंटा रहे थे, वे आज शोक संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए खड़े हैं। गांव की गलियां, जो रोशनियों से जगमगाने वाली थीं, आज मातम के अंधेरे में डूबी हैं। यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा आघात है। एक 20 साल का युवक, जिसने अभी अपनी जिंदगी के सुनहरे पन्ने पलटना शुरू ही किए थे, वह सड़क सुरक्षा की लापरवाही का शिकार हो गया।
रफ्तार का कहर: युवाओं के लिए ‘डेथ ट्रैप’ बनते राजमार्ग
सीवान और बसंतपुर के आसपास के राजमार्ग, विशेषकर NH 331, पिछले कुछ समय से दुर्घटनाओं के केंद्र बनते जा रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर कुछ गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- अनियंत्रित रफ्तार: ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले राजमार्गों पर युवा अक्सर बाइक की गति पर नियंत्रण नहीं रख पाते, जो जानलेवा साबित होता है।
- हेल्मेट की अनदेखी: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यदि गुड्डू ने सुरक्षा मानकों का पालन किया होता, तो शायद सिर की गंभीर चोट से उसकी जान बच सकती थी।
- एनएच 331 की स्थिति: नगवां के समीप सड़क की चौड़ाई और वहां के साइनबोर्ड्स की कमी भी अक्सर हादसों का कारण बनती है।
पुलिस ने इस मामले में दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है और अज्ञात बाइक सवार (जो टक्कर मारकर फरार होने की कोशिश में था या घायल हुआ) के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बसंतपुर थाना प्रभारी का कहना है कि वे मामले की तहकीकात कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
दो परिवारों का उजड़ा चमन: वह दुल्हन जो ‘विधवा’ होने से पहले अनाथ हो गई
इस त्रासदी का एक और सबसे दर्दनाक पहलू वह लड़की है जिससे गुड्डू की शादी होने वाली थी। उस घर में भी शहनाइयां बजने की तैयारी थी, मेहंदी के रंग गहरे होने वाले थे। लेकिन एक पल की दुर्घटना ने उस लड़की के संसार को उजड़ने से पहले ही सूना कर दिया। समाज में ऐसी घटनाओं का मनोवैज्ञानिक असर बहुत गहरा होता है। उस परिवार के लिए यह दुख असहनीय है, जहाँ बेटी की विदाई की खुशियों की जगह अब सन्नाटा पसरा है।
गुड्डू की मौत ने यह साबित कर दिया है कि सड़क पर आपकी एक छोटी सी चूक या दूसरे की लापरवाही किसी का पूरा जीवन छीन सकती है। वह युवक जो कल तक दूल्हा बनने के सपने देख रहा था, आज सफेद कफन में लिपटा हुआ है। यह दृश्य देखकर पत्थर दिल इंसान की भी आँखें नम हो जाएं।


