​पटना: दहेज के लिए महिला दरोगा की हत्या की कोशिश; पति और ससुराल वालों पर FIR

पटना। बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे समाज को हतप्रभ कर दिया है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और कानून की रक्षा करने वाले ही अपनों के बीच असुरक्षित हो जाएं, तो न्याय की व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े होते हैं। पटना में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) उषा कुमारी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ना, बेरहमी से मारपीट और गला दबाकर हत्या की कोशिश जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पति भी कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि गृह विभाग में एएसओ (ASO) के पद पर तैनात है। शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को यह मामला तब सार्वजनिक हुआ जब पीड़िता ने महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। यह घटना उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि वर्दी और रसूख के बावजूद, दहेज जैसी कुप्रथा की जड़ें समाज में इतनी गहरी हैं कि एक महिला अधिकारी भी इसकी शिकार होने से खुद को नहीं बचा पा रही है।

वर्दी पर भारी पड़ा ‘दहेज का लोभ’: मंगलसूत्र से गला दबाने का आरोप

​वर्तमान में नवीन पुलिस लाइन, पटना में पदस्थापित और गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला एसआई उषा कुमारी ने अपनी शिकायत में जो आपबीती सुनाई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उषा के अनुसार, उनकी शादी 14 फरवरी 2023 को पटना सदर कोर्ट में सुमित कुमार मंडल से हुई थी। सुमित कुमार गृह विभाग में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के रूप में कार्यरत हैं। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके जीवन में दहेज की काली छाया पड़ गई।

​पीड़िता का आरोप है कि 4 अप्रैल 2026 को उनके साथ वह हुआ जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। पति, सास, भैसुर और ननद ने मिलकर उनके साथ कमरे में न केवल मारपीट की, बल्कि सुहाग के प्रतीक ‘मंगलसूत्र’ को ही हथियार बना लिया। आरोप है कि ससुराल वालों ने उनके ही मंगलसूत्र से उनका गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। उषा की चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तब उनकी जान बच सकी। इसके बाद उनकी बहन ने पहुँचकर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज हुआ।

55 लाख का कर्ज और ‘ब्लैकमेलिंग’ का गंदा खेल

​यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक शोषण और डिजिटल प्रताड़ना का भी बड़ा एंगल सामने आया है। उषा कुमारी ने पुलिस को बताया कि उन पर दबाव डालकर 55 लाख रुपये का लोन लिया गया। इस बड़ी रकम का उपयोग पटना के 70 फीट रोड पर एक कट्ठा जमीन खरीदने के लिए किया गया, लेकिन जमीन उषा के नाम करने के बजाय पति ने अपने नाम पर करवा ली। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस जमीन के लोन की भारी भरकम ईएमआई (EMI) आज भी उषा की सैलरी से ही काटी जा रही है।

​इसके अलावा, पीड़िता ने अपने पति पर चरित्र हनन और मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है। प्राथमिकी के अनुसार, सुमित कुमार मंडल ने उषा के कुछ अश्लील फोटो और वीडियो बना रखे हैं। इन निजी तस्वीरों का सहारा लेकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता है और मांगें न मानने पर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती है। एक महिला दरोगा के साथ एक उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा किया गया यह व्यवहार प्रशासनिक और नैतिक दोनों स्तरों पर पतन की पराकाष्ठा है।

10 लोगों के खिलाफ मामला: ससुराल के हर सदस्य की भूमिका

​मूल रूप से मधुबनी जिले की रहने वाली उषा कुमारी ने अपनी प्राथमिकी में कुल 10 लोगों को नामजद किया है। इसमें उनके पति सुमित कुमार मंडल के अलावा ससुर देवनाथ मंडल, सास, देवर, भैसुर और ननद शामिल हैं। उषा का कहना है कि ससुराल का लगभग हर सदस्य दहेज की इस मांग और उनके साथ होने वाली मारपीट में शामिल रहा है। शादी के बाद से ही उन्हें ताने दिए जाते थे और बार-बार पैसों की मांग की जाती थी।

​पीड़िता ने बताया कि एक अधिकारी होने के नाते उन्होंने कई बार मामले को सुलझाने और मर्यादा बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन ससुराल वालों का लालच बढ़ता ही गया। जब बात जान पर बन आई, तब उन्हें मजबूरन कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा। महिला थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त होते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

कानून की रक्षक ही निकली बेबस: सिस्टम पर सवाल

​पटना की यह घटना बिहार पुलिस और गृह विभाग के बीच के एक आंतरिक संकट को भी दर्शाती है। उषा कुमारी खुद दरोगा हैं और दूसरों के मुकदमों की जांच करती हैं, जबकि उनका पति गृह विभाग का हिस्सा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक महिला अधिकारी को न्याय पाने के लिए भी इतना संघर्ष करना पड़ेगा?

  • सुरक्षा का अभाव: यदि पुलिस लाइन में रहने वाली और वर्दी पहनने वाली महिला का गला उसके घर में ही दबाया जा सकता है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा का क्या?
  • दहेज की मानसिकता: शिक्षित और अच्छे पदों पर तैनात जोड़ों के बीच भी दहेज की यह मांग यह बताती है कि यह कुरीति शिक्षा से नहीं, बल्कि संस्कार और कानून के सख्त खौफ से ही मिटेगी।
  • डिजिटल अपराध: पति द्वारा पत्नी के निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना ‘साइबर क्राइम’ और ‘डोमेस्टिक वायलेंस’ का सबसे घिनौना स्वरूप है।

जांच की दिशा: क्या सुमित कुमार मंडल पर गिरेगी गाज?

​पटना महिला थाना की पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में साक्ष्यों को बारीकी से जुटा रही है।

  1. मेडिकल रिपोर्ट: 4 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती होने के दौरान की मेडिकल रिपोर्ट और गले पर मिले निशानों को साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
  2. लोन के दस्तावेज: 55 लाख के लोन और जमीन की रजिस्ट्री के कागजात इस बात की पुष्टि करेंगे कि आर्थिक शोषण का आरोप कितना सही है।
  3. डिजिटल फॉरेंसिक: पति के मोबाइल और अन्य उपकरणों की जांच की जा सकती है ताकि ब्लैकमेलिंग के आरोपों की सत्यता जांची जा सके।

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह गृह विभाग का अधिकारी ही क्यों न हो। फिलहाल सुमित कुमार मंडल और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इस मामले में पूर्व में भी कोई शिकायत दर्ज कराई गई थी या नहीं।

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में दो युवकों की आत्महत्या से सनसनी, पारिवारिक तनाव और मानसिक स्थिति बनी मौत की वजह

    Share Add as a preferred…

    आज का राशिफल और पंचांग: 26 जून 2026 का दिन किन राशियों के लिए रहेगा लाभकारी, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

    Share Add as a preferred…