​पूर्णिया की ‘रीलबाज’ थानेदार शबाना आजमी सस्पेंड: वर्दी में डांस करना पड़ा भारी

पूर्णिया/पटना। बिहार पुलिस में ‘डिजिटल स्टार’ बनने की चाहत अब खाकी की गरिमा पर भारी पड़ने लगी है। पुलिस मुख्यालय की बार-बार की चेतावनियों को नजरअंदाज कर वर्दी में रील बनाने और फिल्मी गानों पर ठुमके लगाने वाली पूर्णिया की महिला थाना प्रभारी शबाना आजमी पर गाज गिर गई है। पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक (SP) स्वीटी सहरावत ने अनुशासनहीनता और विभागीय दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में शबाना आजमी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के उस बड़े अभियान की शुरुआत मानी जा रही है, जिसके तहत सोशल मीडिया पर सक्रिय ‘रीलबाज’ पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा है। मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की वर्दी रील बनाने का ‘कॉस्ट्यूम’ नहीं है और अनुशासन से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा।

वर्दी में ठुमके और वायरल वीडियो: निलंबन की मुख्य वजह

​पूर्णिया की महिला थाना प्रभारी शबाना आजमी अपनी पुलिसिंग से ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती थीं।

  • फिल्मी गानों पर रील: शबाना आजमी अक्सर पुलिस की वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर डांस करते हुए रील पोस्ट करती थीं।
  • ड्यूटी के दौरान रील: कई वीडियो में उन्हें थाने की कुर्सी पर बैठकर या पुलिस कार्यालयों में रील बनाते हुए देखा गया, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही थी।
  • सोशल मीडिया पर सक्रियता: उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते थे, जिसकी वजह से वे विभाग के भीतर और बाहर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई थीं।

​पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया है, जो राज्य के अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है।

पुराना विवाद: जब थानेदार की कुर्सी पर बिठाया था रिश्तेदारों को

​शबाना आजमी का विवादों से यह पहला नाता नहीं है। करीब 6-7 महीने पहले जब वे पूर्णिया के फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की प्रभारी थीं, तब उनकी एक और करतूत सामने आई थी।

  1. ​उस दौरान उन्होंने अपने पिता और अन्य रिश्तेदारों को थानेदार की आधिकारिक कुर्सी पर बिठाकर उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाए थे।
  2. ​इन तस्वीरों को उन्होंने शान से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिससे कानून की मर्यादा पर सवाल उठे थे।
  3. ​तत्कालीन डीआईजी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी और कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय वे किसी तरह बच निकली थीं। हालांकि, इस बार ‘रील’ का शौक उन्हें भारी पड़ गया।

बिहार भर में ‘ऑपरेशन क्लीन’: 50 पुलिसकर्मियों की सूची जारी

​शबाना आजमी के निलंबन के साथ ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्यव्यापी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) ने एक विस्तृत सूची तैयार की है:

  • चिन्हित कर्मी: सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के बाद करीब 50 पुलिसकर्मियों की पहचान की गई है जो नियमित रूप से वर्दी में रील बनाकर पोस्ट कर रहे हैं।
  • जिलों को निर्देश: मुख्यालय ने संबंधित जिलों के एसपी को यह सूची भेजकर तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
  • SOP का उल्लंघन: इन सभी कर्मियों पर पुलिस की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन का आरोप है।

DGP की सख्त चेतावनी: “वर्दी का न करें बेजा इस्तेमाल”

​बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने पहले ही कई बार सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी थी कि पुलिसकर्मी अपनी व्यक्तिगत लोकप्रियता के लिए सरकारी संसाधनों और वर्दी का दुरुपयोग न करें। मुख्यालय का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से जनता के बीच पुलिस की गंभीरता और विश्वसनीयता कम होती है। पुलिस मुख्यालय का इंटरनेट मीडिया सेंटर अब चौबीसों घंटे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी कर रहा है, ताकि कोई भी कर्मी नियमों की धज्जियां न उड़ा सके।

अनुशासन की बहाली की ओर कदम

​शबाना आजमी का निलंबन यह साबित करता है कि बिहार पुलिस अब सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। 2026 के आधुनिक दौर में तकनीक का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण के लिए होना चाहिए, न कि मनोरंजन के लिए—खासकर तब जब आप कर्तव्य पर हों। पूर्णिया की इस कार्रवाई के बाद अब उन 50 अन्य पुलिसकर्मियों की धड़कनें बढ़ गई हैं जो अब भी वायरल होने की होड़ में लगे हुए हैं। वॉयस ऑफ बिहार (VOB) प्रशासन के इस कदम को अनुशासन की दिशा में एक जरूरी सुधार के रूप में देखता है।

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