​लोकतंत्र का महापर्व: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी मतदान; हिंसा और गर्मी के बीच वोटिंग जारी

नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई। आज यानी गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ा दिन है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में नई सरकार चुनने के लिए मतदाता अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। जहाँ तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी प्रक्रिया को काफी संक्षिप्त रखते हुए केवल दो चरणों में समेटा गया है, जिसका पहला चरण (152 सीटें) आज चल रहा है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग के शुरुआती रुझान बताते हैं कि भीषण गर्मी और छिटपुट हिंसा की खबरों के बावजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों राज्यों में अपनी जड़ें जमाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, जबकि ममता बनर्जी (TMC) और एम.के. स्टालिन (DMK) के लिए अपनी सत्ता बचाए रखना इस दशक की सबसे बड़ी राजनैतिक परीक्षा साबित होने वाली है।

मतदान का ग्राफ: सुबह 9 बजे तक के आंकड़े

​राज्य में बढ़ते तापमान के बावजूद सुबह के समय मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। मतदाता दोपहर की भीषण लू से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं।

राज्य

कुल सीटें

सुबह 9 बजे तक मतदान %

मतदाताओं की संख्या

पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण)

152

18.76%

3.60 करोड़ से अधिक

तमिलनाडु (एकल चरण)

234

17.69%

5.73 करोड़ से ज्यादा

मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की है कि पश्चिम बंगाल सहित उत्तर और मध्य भारत में हीट वेव (लू) का प्रकोप रहेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद में बवाल और बमबाजी

​पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर हो रहा मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। विशेष रूप से मुर्शिदाबाद जिला हिंसा और हंगामे का केंद्र बना हुआ है।

  • बम हमला: मुर्शिदाबाद के नौदा में अज्ञात हमलावरों द्वारा किए गए देसी बम हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। यह हमला मतदान शुरू होने से पहले की गई डराने-धमकाने की कोशिश माना जा रहा है।
  • हुमायूं कबीर का घेराव: ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के संस्थापक हुमायूं कबीर जब पोलिंग बूथ पर पहुँचे, तो वहां जमकर नारेबाजी और झड़प हुई। स्थानीय लोगों ने उनका घेराव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, कबीर ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी को चोट पहुँचाने का नहीं था।
  • बीजेपी के आरोप: बीरभूम से बीजेपी उम्मीदवार जगन्नाथ चटर्जी ने टीएमसी पर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ईवीएम और कैमरों में गड़बड़ी थी, लेकिन सीआरपीएफ की सक्रियता ने स्थिति को संभाला है।

तमिलनाडु: स्टालिन की साख और 4,023 उम्मीदवारों की किस्मत

​तमिलनाडु में एक ही चरण में हो रही वोटिंग राज्य की भविष्य की दिशा तय करेगी। यहाँ मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक-बीजेपी गठबंधन के बीच देखा जा रहा है।

  • उम्मीदवारों का जमावड़ा: राज्य की 234 सीटों पर कुल 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तमिलनाडु में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। सुबह से ही राज्य के फिल्मी सितारों और राजनेताओं ने अपने-अपने बूथों पर जाकर मतदान किया, जिससे जनता में सकारात्मक संदेश गया है।

चुनाव आयोग के सख्त निर्देश: “क्षेत्र छोड़कर न जाएं उम्मीदवार”

​चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक अभूतपूर्व निर्देश जारी किया है। आयोग ने कहा है कि मतदान वाले क्षेत्रों के उम्मीदवार 23 अप्रैल को सुबह 6 बजे से मतदान समाप्ति तक अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकते।

महत्वपूर्ण सांख्यिकी (पश्चिम बंगाल प्रथम चरण):

  • कुल मतदान केंद्र: 44,376 बूथ।
  • थर्ड जेंडर मतदाता: 465।
  • कुल उम्मीदवार: 1,478।

​अधिकारियों का कहना है कि यह पाबंदी इसलिए लगाई गई है ताकि कोई भी उम्मीदवार अन्य क्षेत्रों में जाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।

अगला पड़ाव: 29 अप्रैल और 4 मई

​पश्चिम बंगाल में चुनावी समर अभी थमा नहीं है। आज की 152 सीटों के बाद, शेष सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। पूरे देश की निगाहें अब 4 मई 2026 पर टिकी हैं, जब मतगणना के साथ यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की खाड़ी से लेकर कावेरी के तट तक जनता ने किसे अपना भाग्यविधाता चुना है।

लोकतंत्र बनाम मौसम और बाहुबल

​2026 का यह विधानसभा चुनाव न केवल राजनैतिक विचारधाराओं की लड़ाई है, बल्कि यह चुनाव आयोग की उस क्षमता का भी परीक्षण है कि वह भीषण गर्मी और हिंसा-प्रवण क्षेत्रों में किस तरह सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करता है। पश्चिम बंगाल में बमबाजी और मुर्शिदाबाद की झड़पें चिंता का विषय हैं, लेकिन 18% से अधिक का शुरुआती मतदान यह साबित करता है कि जनता बदलाव या निरंतरता के लिए जागरूक है।

​वॉयस ऑफ बिहार (VOB) अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि यदि आप इन क्षेत्रों के मतदाता हैं, तो गर्मी से बचाव के साथ अपने ‘लोकतांत्रिक धर्म’ का पालन अवश्य करें।

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