​क्रॉसवर्ड के रण में पटना का परचम: धैर्य और टीम डीपीएस ने राष्ट्रीय स्तर पर जमाया कब्जा, पुणे की टीम तीसरे स्थान पर

पटना। शब्दों के जाल और दिमागी कसरत की दुनिया में बिहार की मेधा ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर दी है। ‘राष्ट्रीय अंतर-विद्यालय CCCC क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता 2026’ के पहले चरण के दूसरे ऑनलाइन राउंड के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें पटना के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। शब्दों की गुत्थियों को सुलझाने की इस कठिन स्पर्धा में डॉन बॉस्को अकादमी, पटना के धैर्य पांडेय ने एकल प्रतिभागी के रूप में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिहार का मान बढ़ाया है। वहीं, डीपीएस पटना की टीम ने दूसरा स्थान हासिल कर यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार क्रॉसवर्ड की ट्रॉफी पर पटना के छात्रों की पैनी नजर है। इस वार्षिक प्रतियोगिता का 14वां संस्करण वर्तमान में डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के हजारों स्कूलों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। 20 अप्रैल 2026 को जारी परिणामों के अनुसार, जहाँ पटना ने शीर्ष दो पायदानों पर कब्जा किया, वहीं महाराष्ट्र के पुणे की टीम को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

धैर्य और डीपीएस पटना की जुगलबंदी: राष्ट्रीय फलक पर जीत की दास्तां

​रविवार को आयोजित इस दूसरे ऑनलाइन राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा था। क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड की पहेलियाँ सुलझाना कोई सामान्य काम नहीं है; इसमें शब्दों के पीछे छिपे अर्थ, एनाग्राम और तार्किक क्षमता की गहरी समझ की आवश्यकता होती है। डॉन बॉस्को अकादमी के धैर्य पांडेय ने अकेले दम पर पूरे देश के प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए टॉप रैंक हासिल की। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि व्यक्तिगत एकाग्रता और शब्दकोश पर पकड़ के बल पर बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

​पटना की ही दूसरी बड़ी सफलता दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की ओर से आई। डीपीएस पटना की टीम में नान्या देव सिंह और हेमांग चंद्र शामिल थे, जिन्होंने टीम वर्क और साझा समझ का शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया। इन दोनों छात्रों के बीच का समन्वय इतना सटीक रहा कि उन्होंने जटिल से जटिल सुरागों (Clues) को न्यूनतम समय में क्रैक कर लिया। प्रतियोगिता की मेरिट सूची में तीसरा स्थान पुणे के एसईएस (SES) गुरुकुल की टीम को मिला। पुणे की ओर से अवनि फिस्के और मुद्रा पैडारकर ने अपनी तार्किक क्षमता का लोहा मनवाते हुए महाराष्ट्र का नाम रोशन किया।

राज्य स्तर के सूरमा: बिहार से तेलंगाना तक की मेधा का प्रदर्शन

​CCCC 2026 के इस दूसरे राउंड में केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर भी छात्रों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई है। अलग-अलग राज्यों से उभरकर आए विजेताओं की सूची यह दर्शाती है कि क्रॉसवर्ड का क्रेज अब देश के हर कोने में पहुँच चुका है।

राज्यवार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी:

  • बिहार: दरभंगा पब्लिक स्कूल के हर्ष राज और प्रत्युष कुमार की जोड़ी ने राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर उत्तर बिहार का प्रतिनिधित्व मजबूती से किया।
  • मध्य प्रदेश: भोपाल के डीपीएस नीलबड़ से रोहन महेश्वरी और मेहरांश सिंह सलूजा ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
  • तेलंगाना: हैदराबाद के भारतीय विद्या भवन पब्लिक स्कूल (विद्याश्रम) की रोशिनी वल्लभानेनी और सी.एन. हर्षिता की टीम ने पहला स्थान हासिल किया।
  • दिल्ली: राजधानी में आदर्श पब्लिक स्कूल के पुलकित गुप्ता और मान्या गुप्ता की टीम राज्य में नंबर वन रही।
  • महाराष्ट्र: पुणे की इशानी मजूमदार और प्रणिला दित्य रेड्डी कल्लूरु (SES गुरुकुल) ने राज्य सूची में अपनी जगह बनाई।
  • कर्नाटक: बेंगलुरु के नेशनल पब्लिक स्कूल, कोरमंगला की उर्वी देव और समारा अरोरा की टीम शीर्ष पर रही।
  • पंजाब: लुधियाना के बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अहनद कौर और दिव्या धीमान ने लगातार दूसरी बार राज्य मेरिट सूची में पहला स्थान पाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया।
  • तमिलनाडु: डीपीएस कोयंबटूर की बी. अक्षिता और प्रणति पी. की टीम विजेता बनकर उभरी।

​एकल प्रतिभागियों (Solo Participants) में भी काफी उत्साह देखा गया। पश्चिम बंगाल से विज़न इंटरनेशनल स्कूल, हुगली के सौम्यजीत घोष, आंध्र प्रदेश से नारायण जूनियर कॉलेज के चेतन और असम के तिनसुकिया बंगाली गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की सुहाना बानो ने अपने-अपने राज्यों में टॉप किया।

भागलपुर के ‘माउंट असिसी’ का जलवा: सिल्क सिटी में क्रॉसवर्ड की गूँज

​बिहार के संदर्भ में एक और बड़ी खबर भागलपुर से आई है। शहर स्तर के विजेताओं की सूची में भागलपुर के माउंट असिसी स्कूल का नाम प्रमुखता से उभरा है। स्कूल के युवराज आनंद और सक्षम सिंह की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए भागलपुर शहर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भागलपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र में छात्रों का इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की बौद्धिक प्रतियोगिताओं में रुचि लेना एक सकारात्मक संकेत है।

​माउंट असिसी के अलावा अन्य महानगरों के स्कूलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। दिल्ली के द मदर्स इंटरनेशनल स्कूल (राम्या बिंदल और आर्यन सेजवाल) और बेंगलुरु के नेशनल पब्लिक स्कूल (समारा अरोरा और उर्वी देव) ने शहर स्तर पर अपनी बादशाहत कायम रखी है। इन परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर भी स्कूलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है, जिसका अंतिम लाभ छात्रों के बौद्धिक विकास के रूप में सामने आ रहा है।

क्या है CCCC प्रतियोगिता और इसकी भविष्य की डगर?

​CCCC, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता माना जाता है, अब अपने 14वें संस्करण में प्रवेश कर चुकी है। इस प्रतियोगिता का आयोजन ‘एक्सट्रा-सी’ (Extra-C) द्वारा किया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच तर्कशक्ति, भाषाई कौशल और विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाना है। यह प्रतियोगिता केवल मनोरंजन के लिए नहीं है, बल्कि यह छात्रों को जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।

प्रतियोगिता का स्वरूप:

प्रतियोगिता को मुख्य रूप से तीन चरणों (Phases) में विभाजित किया गया है। वर्तमान में फेज-I के ऑनलाइन राउंड चल रहे हैं। इसमें सफल होने वाले छात्रों को फेज-II के ‘आमने-सामने ऑनलाइन राउंड’ में प्रवेश मिलेगा। जो छात्र दूसरे चरण की बाधाओं को पार कर लेंगे, उन्हें वर्ष के अंत में भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले भव्य ‘ऑफलाइन ग्रैंड फिनाले’ में आमंत्रित किया जाएगा। वहां देश भर के दिग्गज प्रतिभागी ‘राष्ट्रीय क्रॉसवर्ड चैंपियन ट्रॉफी’ के लिए आमने-सामने मुकाबला करेंगे।

REC का सहयोग और ग्रामीण विद्युतीकरण की विकासगाथा

​वर्ष 2026 के इस संस्करण को ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC Limited) का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त है। आरईसी भारत सरकार की एक ‘महारत्न’ सार्वजनिक उपक्रम है, जो देश की ऊर्जा अवसंरचना (Energy Infrastructure) के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही है। एक ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी का शिक्षा और बौद्धिक विकास के क्षेत्र में इस तरह का सहयोग यह दर्शाता है कि आधुनिक भारत का निर्माण केवल बिजली के तारों से नहीं, बल्कि प्रखर मस्तिष्क वाले युवाओं से भी होगा। आरईसी के सहयोग से इस प्रतियोगिता की पहुँच ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी बढ़ी है, जिससे छोटे शहरों के छात्रों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिला है।

26 अप्रैल को आखिरी मौका: अभी भी कर सकते हैं पंजीकरण

​उन छात्रों के लिए अभी भी अवसर समाप्त नहीं हुआ है जो इस बौद्धिक महाकुंभ का हिस्सा बनना चाहते हैं। प्रतियोगिता के फेज-I का तीसरा और अंतिम ऑनलाइन राउंड आगामी 26 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। जो छात्र अब तक किसी कारणवश पंजीकरण नहीं करा सके हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट www.crypticsingh.com पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

​आयोजकों का कहना है कि प्रतिभागी दो सदस्यीय टीम के रूप में या एकल रूप में भाग ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता पूरी तरह से निःशुल्क है और इसका उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने का है। दूसरे राउंड के सभी विजेताओं की विस्तृत सूची और आगामी राउंड के दिशा-निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। जिस तरह से पटना और बिहार के अन्य जिलों के छात्र इस बार बेहतर कर रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि 2026 का क्रॉसवर्ड चैंपियन बिहार से ही होने की प्रबल संभावना है। अब सबकी नजरें 26 अप्रैल के अंतिम राउंड पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि दिल्ली के ग्रैंड फिनाले का टिकट किसे मिलता है।

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