बिहार की 6 बड़ी हाईवे परियोजनाएं कैबिनेट मंजूरी के इंतजार में अटकी, 51 हजार करोड़ की योजनाओं पर ब्रेक

बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग की छह बड़ी परियोजनाएं फिलहाल अंतिम मंजूरी के अभाव में अटकी हुई हैं। केंद्र सरकार से इन योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है। करीब 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली ये परियोजनाएं फाइलों में ही सीमित हैं, जबकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है।

इन परियोजनाओं में राज्य का पहला एक्सप्रेस-वे, पटना से पूर्णिया के बीच प्रस्तावित मार्ग भी शामिल है। हाल ही में आर्थिक कार्य विभाग के तहत पीपीपीएसी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी) ने सभी परियोजनाओं को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित करने की मंजूरी दी है। इस मॉडल में निर्माण एजेंसी 60 प्रतिशत लागत वहन करती है, जबकि 40 प्रतिशत खर्च सरकार उठाती है। एजेंसी अपनी लागत की भरपाई टोल के माध्यम से करती है।

हालांकि, जब तक केंद्रीय कैबिनेट से अंतिम स्वीकृति नहीं मिलती और थ्री-डी प्रक्रिया (जमीन अधिग्रहण) पूरी नहीं होती, तब तक इन परियोजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होना संभव नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, इन योजनाओं को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिख रही है। विभागीय स्तर पर भी इनकी प्रगति को लेकर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा।

मुख्य परियोजनाएं:

पटना–पूर्णिया एक्सप्रेस-वे:
244.96 किलोमीटर लंबे इस चार लेन एक्सप्रेस-वे पर करीब 31,987 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके निर्माण से पटना और पूर्णिया के बीच यात्रा समय घटकर लगभग तीन घंटे रह जाएगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

अनीसाबाद–दीदारगंज एलिवेटेड रोड:
पटना में प्रस्तावित 13.41 किलोमीटर लंबा छह लेन एलिवेटेड रोड लगभग 8,455 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और विभिन्न हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

वाराणसी–रांची–कोलकाता कॉरिडोर:
इस छह लेन सड़क परियोजना के 41.95 किलोमीटर लंबे हिस्से को मंजूरी मिली है, जिस पर करीब 2,897 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें सोन नदी पर पुल का निर्माण भी शामिल है। इसके बनने से वाराणसी से कोलकाता की यात्रा लगभग सात घंटे में पूरी हो सकेगी और माल परिवहन सुगम होगा।

माना जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही इन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो पाएगा।

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