​खुसरूपुर: फोरलेन पर रैपिडो चालक को लूटने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, कट्टा और बाइक बरामद

​पटना के खुसरूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बख्तियारपुर फोरलेन पर पिछले कुछ दिनों से सक्रिय अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो मोबाइल एप के जरिए सवारी बुक कर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने एक रैपिडो चालक को हथियार का भय दिखाकर उसकी मोटरसाइकिल और मोबाइल लूट लिया था। यह गिरफ्तारी केवल एक मामले का खुलासा नहीं है, बल्कि उस गिरोह की कमर तोड़ना है जो हाईवे पर ‘सवारी’ बनकर चालकों को अपना शिकार बना रहे थे। खुसरूपुर पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि उनके पास से लूटी गई बाइक और वारदात में इस्तेमाल हथियार व गोलियां भी बरामद कर ली हैं। इस घटना ने एक बार फिर उन युवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी आजीविका चला रहे हैं और सुनसान रास्तों पर अपराधियों के आसान लक्ष्य बन रहे हैं।

एप से बुकिंग और फिर लूट का खौफनाक मंजर

​इस पूरी वारदात की शुरुआत पटना के बैरिया बस स्टैंड से हुई, जहाँ से अपराधियों ने बहुत ही शातिर तरीके से अपनी योजना को अंजाम देना शुरू किया। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों ने रैपिडो एप के माध्यम से बख्तियारपुर जाने के लिए एक बाइक बुक की थी। पटना के अशोक नगर रोड नंबर 11 निवासी हर्ष गुप्ता, जो रैपिडो चालक के रूप में काम करता है, इस बुकिंग को स्वीकार कर अपनी बाइक लेकर बैरिया बस स्टैंड पहुँचा। उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके पीछे बैठे दो यात्री दरअसल शातिर लुटेरे हैं जो उसे मौत के मुहाने पर ले जा रहे हैं।

​जैसे ही बाइक बख्तियारपुर फोरलेन पर खुसरूपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर के पास पहुँची, पीछे बैठे बदमाशों ने अपनी चाल बदल दी। अपराधियों ने चालक हर्ष गुप्ता को मुख्य फोरलेन से उतरकर नीचे एक कच्ची सड़क की ओर चलने को मजबूर किया। सुनसान इलाका देखकर बदमाशों ने हर्ष की कनपट्टी पर कट्टा सटा दिया और उसे गोली मारने की धमकी दी। जान बचाने के लिए चालक ने विरोध नहीं किया, जिसके बाद बदमाश उसकी मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूटकर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़ित हर्ष गुप्ता ने खुसरूपुर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लुटेरों की शिनाख्त

​थानाध्यक्ष संजीव सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले उस मोबाइल नंबर और एप डेटा की जांच की जिससे बाइक बुक की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को अपराधियों के लोकेशन और उनके ठिकानों की जानकारी मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से न केवल हर्ष गुप्ता की लूटी हुई बाइक मिली, बल्कि लूट की वारदात में उपयोग की गई दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई।

​गिरफ्तार बदमाशों की पहचान पुलिस ने निखिल चौहान उर्फ विक्की और अभिनीत कुमार के रूप में की है। पुलिस ने जब इनकी तलाशी ली तो इनके पास से एक अवैध कट्टा और तीन जिंदा गोलियां भी बरामद हुईं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये अपराधी पेशेवर तरीके से हाईवे पर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे। वे अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों से सवारी बुक करते थे ताकि उन पर किसी को संदेह न हो, और फिर सुनसान हाईवे पर पहुँचकर चालक को लूट लेते थे।

लुटेरों का प्रोफाइल: पटना से सुपौल तक के तार

​पकड़े गए अपराधियों का प्रोफाइल बताता है कि इस गिरोह के तार बिहार के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में:

  • निखिल चौहान उर्फ विक्की (38): यह मूल रूप से पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र अंतर्गत आदर्श कॉलोनी, छोटी नगला का रहने वाला है। निखिल इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है जिसे पटना की गलियों और हाईवे के रास्तों की अच्छी जानकारी थी।
  • अभिनीत कुमार (38): यह सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के औरलवा बाजिदपुर का निवासी है। अभिनीत, निखिल के साथ मिलकर लूट की वारदातों में सक्रिय भूमिका निभाता था।

​पुलिस इन दोनों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है। आशंका जताई जा रही है कि बख्तियारपुर और फतुहा के आसपास के फोरलेन पर हाल के दिनों में हुई अन्य छिनतई और लूट की वारदातों में भी इनका हाथ हो सकता है। खुसरूपुर पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है जो हथियारों की सप्लाई या लूटी गई गाड़ियों को खपाने का काम करते हैं।

हाईवे पर सुरक्षा की चुनौती और ‘गिग इकोनॉमी’ का खतरा

​खुसरूपुर की यह घटना उन हजारों युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो रैपिडो, उबर और ओला जैसे प्लेटफॉर्म पर ‘गिग वर्कर’ के रूप में काम करते हैं। हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बीच अपराधियों द्वारा इस तरह एप का इस्तेमाल कर लूटपाट करना एक नई और गंभीर चुनौती है। चालकों का कहना है कि रात के समय या सुनसान इलाकों के लिए आने वाली बुकिंग हमेशा जोखिम भरी होती है, लेकिन पेट पालने की मजबूरी में वे यह रिस्क लेते हैं।

​थानाध्यक्ष संजीव सिंह ने बताया कि पुलिस ने फोरलेन पर गश्ती बढ़ा दी है, लेकिन चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। यदि सवारी उन्हें मुख्य रास्ते से हटाकर किसी कच्ची या सुनसान सड़क पर ले जाने का दबाव बनाए, तो उन्हें तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। खुसरूपुर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाकर अपराधियों को 24 घंटे के भीतर दबोच लिया, जिससे अन्य चालकों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब लूटे गए मोबाइल की बरामदगी और इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

निष्कर्ष: सुशासन के बीच सड़कों पर ‘सेफ्टी ऑडिट’ की जरूरत

​बख्तियारपुर फोरलेन पर हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस का इंटेलिजेंस और सर्विलांस सिस्टम अगर सक्रिय रहे, तो अपराधियों के बचने की संभावना बहुत कम होती है। निखिल और अभिनीत की गिरफ्तारी से खुसरूपुर और आसपास के इलाकों में लूट की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है। हालांकि, यह घटना समाज को यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि 38 साल की उम्र के लोग, जो आर्थिक रूप से सक्षम हो सकते थे, वे अपराध की दुनिया में क्यों उतर रहे हैं।

​हर्ष गुप्ता जैसे मेहनतकश युवाओं के लिए यह न्याय की जीत है, लेकिन हाईवे पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। खुसरूपुर पुलिस की इस सफलता ने अपराधियों को एक कड़ा संदेश दिया है कि एप के पीछे छिपकर किए गए अपराध भी अब सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले दिनों में पुलिस इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर और भी बड़े खुलासे कर सकती है। फिलहाल, बरामद हथियारों और लूट के माल के साथ पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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