
नवगछिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद पड़ोसी राज्यों से तस्करी के नए-नए और दुस्साहसिक तरीके सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में नवगछिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध शराब के एक विशाल जखीरे को जब्त किया है। शनिवार की देर शाम इस्माईलपुर थाना पुलिस को मिली एक सटीक गुप्त सूचना ने शराब तस्करों के उस बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया, जिसमें औद्योगिक भारी वाहन (हाईवा) का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की जा रही थी। झारखंड के रास्ते विक्रमशिला सेतु होते हुए नवगछिया की सीमा में दाखिल हुए एक हाईवा से पुलिस ने कुल 2925 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। यह कार्रवाई न केवल मात्रा के लिहाज से बड़ी है, बल्कि उस ‘मोडस ऑपरेंडी’ का भी खुलासा करती है जिसके तहत तस्कर अब बड़े निर्माण वाहनों को तस्करी का जरिया बना रहे हैं। नवगछिया पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने इस पूरे मामले का उद्भेदन करते हुए स्पष्ट किया कि शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस का ‘इंटेलिजेंस नेटवर्क’ अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय और सटीक हो चुका है।
गुप्त सूचना और घेराबंदी: विक्रमशिला सेतु पर बिछा जाल
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत शनिवार को इस्माईलपुर थाना को मिली एक गोपनीय जानकारी से हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से एक भारी मालवाहक वाहन (हाईवा), जिसे आमतौर पर गिट्टी या बालू ढोने के लिए उपयोग किया जाता है, उसमें शराब की एक बड़ी खेप छिपाकर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देश पर नवगछिया एसडीपीओ ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें इस्माईलपुर थाना और जहान्वी चौक टीओपी (TOP) की पुलिस को शामिल किया गया।
रणनीति के तहत विक्रमशिला सेतु और उसके आसपास के पहुँच मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया। जहान्वी चौक टीओपी प्रभारी गौरव कुमार और इस्माईलपुर थाना प्रभारी धीरज कुमार ने अपनी-अपनी टीमों के साथ विक्रमशिला सेतु से उतरने वाले वाहनों की निगरानी शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध हाईवा पुलिस के राडार पर आया। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण उसे हिरासत में ले लिया गया। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो ऊपर से सामान्य दिखने वाले इस वाहन के भीतर शराब की पेटियों का अंबार लगा हुआ था।
हाईवा बना ‘शराब का गोदाम’: तस्करों की नई चालाकी
आमतौर पर शराब की तस्करी के लिए लग्जरी गाड़ियों, एम्बुलेंस या डाक पार्सल वाले ट्रकों का उपयोग देखा गया है, लेकिन हाईवा जैसे भारी वाहनों का इस्तेमाल पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला था। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि तस्करों ने हाईवा के भीतर एक विशेष केबिन या तहखाना जैसा हिस्सा बना रखा था, जिसे बाहर से देखने पर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि इसमें शराब छिपाई गई है। पुलिस ने जब वाहन की सघन तलाशी ली, तो उसमें से विभिन्न ब्रांडों की कुल 2925 लीटर विदेशी शराब निकली।
बरामद शराब की बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब किसी बड़े राजनैतिक या सामाजिक आयोजन या फिर स्थानीय शराब विक्रेताओं के स्टॉक को भरने के लिए मंगाई गई होगी। हाईवा चालक, जो फिलहाल पुलिस की हिरासत में है, उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की यह खेप झारखंड के किस जिले से चली थी और नवगछिया में इसे किस ‘किंगपिन’ को सौंपा जाना था।
प्रेसवार्ता में विस्तृत खुलासा: एसपी ने थपथपाई टीम की पीठ
रविवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने पूरी घटना का विस्तृत ब्यौरा दिया। उनके साथ एसडीपीओ ओमप्रकाश और इस्माईलपुर पुलिस की टीम भी मौजूद थी। राजेश कुमार ने बताया कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस अब केवल सड़कों पर गश्ती नहीं कर रही, बल्कि अपने ‘सोर्स नेटवर्क’ को भी मजबूत कर चुकी है। उन्होंने इस छापेमारी की सफलता का श्रेय जहान्वी चौक टीओपी प्रभारी गौरव कुमार, इस्माईलपुर थाना प्रभारी धीरज कुमार और पूरी टीम के आपसी तालमेल को दिया।
एसपी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु झारखंड और पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश का एक मुख्य मार्ग है, इसलिए यहाँ की चौकसी बढ़ा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे वाहन कोई भी हो, पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही है। प्रेसवार्ता के दौरान यह भी बताया गया कि पकड़े गए चालक के मोबाइल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, जिससे तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इस शराब की बुकिंग की थी और जो इस अवैध कारोबार के वित्तपोषण (Funding) में शामिल हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती चुनौती और पुलिस का रिस्पांस
झारखंड के गोड्डा, साहिबगंज और दुमका जैसे जिलों से बिहार के सीमावर्ती जिलों में शराब की तस्करी पुलिस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। विक्रमशिला सेतु इस तस्करी का एक ‘हब’ बनता जा रहा है। राजेश कुमार के अनुसार, नवगछिया पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में बैक-टू-बैक कई बड़ी खेपें पकड़ी हैं, जिससे तस्करों के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है। 2925 लीटर शराब की यह बरामदगी इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के माध्यम से होने वाली आवाजाही पर अब तकनीकी सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। जहान्वी चौक और विक्रमशिला सेतु के आसपास सीसीटीवी कैमरों और चेकपोस्टों को और अधिक सक्रिय किया गया है। एसडीपीओ ओमप्रकाश को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे सीमावर्ती थानों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और तेज करें। पुलिस का मानना है कि इस बरामदगी से स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध शराब के धंधे पर लगाम लगेगी।
निष्कर्ष: माफियाओं के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
20 अप्रैल 2026 की यह रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि नवगछिया पुलिस शराब माफियाओं के प्रति कोई नरम रुख अपनाने के मूड में नहीं है। राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि तस्कर चाहे जितनी भी चालाकी कर लें, कानून की नजरों से बच नहीं सकते। हाईवा से बरामद शराब और चालक की गिरफ्तारी इस कड़ी में एक बड़ी जीत है।
आगामी दिनों में नवगछिया पुलिस इस मामले में कई और गिरफ्तारियां कर सकती है। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध शराब के कारोबार की सूचना पुलिस को दें, ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त रखा जा सके। फिलहाल, जब्त की गई शराब और हाईवा को इस्माईलपुर थाना में रखा गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। नवगछिया पुलिस की यह मुस्तैदी शराब तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि उनकी हर चाल पर पुलिस की पैनी नजर है।


