
बिहार में अप्रैल का महीना इस बार असामान्य मौसम के कारण चर्चा में है। एक ओर जहां भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है। राज्य का मौसम फिलहाल दो अलग-अलग रूपों में बंटा नजर आ रहा है।
राजधानी पटना सहित गया और भभुआ (कैमूर) जैसे दक्षिणी जिलों में आसमान साफ है और सूरज की तपिश चरम पर है। इन क्षेत्रों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। कैमूर में हाल ही में 41.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है। हालात लू जैसे बनते जा रहे हैं और लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
इसके विपरीत, उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों जैसे सुपौल, अररिया और किशनगंज में मौसम अपेक्षाकृत राहत भरा है। यहां हल्की बारिश, गरज-चमक और 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और वज्रपात की आशंका भी जताई है।
उत्तर-पश्चिमी बिहार के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सिवान जैसे जिलों में भी आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे लू का प्रभाव और बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और शुष्क गर्म हवाएं पूरे राज्य में प्रभावी रहेंगी। रात के तापमान में भी गिरावट नहीं हो रही है और यह 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तेज हवा या बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
कुल मिलाकर, बिहार का मौसम इन दिनों “कभी आग, कभी पानी” जैसी स्थिति पेश कर रहा है, जो लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है।


