
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक और बड़ा मामला सामने आया है। की टीम ने पूर्णिया में बिहार शिक्षा परियोजना के सहायक अभियंता को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब अभियंता अपने आवास पर ही परिवादी से पैसे ले रहे थे। जैसे ही रकम का लेन-देन हुआ, पहले से तैयार SVU टीम ने मौके पर ही उन्हें पकड़ लिया।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने SVU से शिकायत की थी कि उन्होंने विद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा किया है, लेकिन भुगतान के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है।
आरोप था कि अभियंता एमबी (मेजरमेंट बुक) पर हस्ताक्षर करने के बदले 6 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। इसी के तहत 10 हजार रुपये की रकम मांगी गई थी।
कैसे बिछाया गया जाल?
SVU के एडीजी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले मामले का सत्यापन कराया गया। जब आरोप सही पाए गए, तब डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया।
योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने अभियंता को रिश्वत की रकम दी, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दर्ज हुआ केस
इस मामले में SVU ने कांड संख्या 14/26 दर्ज किया है। अभियंता पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सिस्टम पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर भुगतान प्रक्रिया में देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
हालांकि, SVU की इस कार्रवाई को सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
आम लोगों में राहत
स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी के बाद लोगों में राहत की भावना है। लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह कार्रवाई जारी रही, तो सरकारी सिस्टम में सुधार संभव है।
कुल मिलाकर, यह मामला बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान का एक और अहम उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि निगरानी एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और दोषियों पर कार्रवाई कर रही हैं।


