​भागलपुर में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं: जिलाधिकारी ने अफवाहों पर लगाया विराम, गोदाम से गैस वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध

भागलपुर। पिछले कुछ दिनों से जिले में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर व्याप्त संशयों और कतारों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। 16 अप्रैल 2026 को भागलपुर के समीक्षा भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने जिले के तमाम उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि भागलपुर में एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की किल्लत की स्थिति नहीं है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है और उपभोक्ताओं को पैनिक (घबराने) की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। इस दौरान उन्होंने गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और उपभोक्ताओं के लिए जारी नई गाइडलाइंस के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। प्रशासन का मुख्य जोर ‘होम डिलीवरी’ मॉडल को सशक्त बनाने पर है ताकि गैस एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न जुटे और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन न हो।

होम डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प: गोदामों पर उमड़ने वाली भीड़ पर सख्ती

​जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि भागलपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से होम डिलीवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से गैस की बुकिंग कर रहे हैं और उनके पते पर सिलेंडर पहुँचाया जा रहा है। प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए गैस एजेंसियों के गोदामों से सीधे गैस वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सिलेंडर लेने के लिए स्वयं गैस एजेंसी के गोदाम पर न जाएं।

​गोदामों से वितरण रोकने के पीछे प्रशासन का तर्क सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना है। अक्सर देखा जाता है कि किल्लत की अफवाह उड़ते ही लोग बड़ी संख्या में गोदामों के बाहर कतार लगा लेते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि एजेंसियां केवल होम डिलीवरी के जरिए ही गैस बांटेंगी और इसका उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल मोबाइल बुकिंग का सहारा लें और अपनी बारी की प्रतीक्षा करें।

बैकलॉग को खत्म करने की कवायद: आपूर्ति पदाधिकारी कर रहे निगरानी

​वर्तमान में गैस मिलने में हो रही देरी का मुख्य कारण जिलाधिकारी ने ‘बैकलॉग’ को बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले की कुछ लंबित बुकिंग के कारण वितरण में थोड़ी देरी महसूस हो रही है, लेकिन प्रशासन इस बैकलॉग को धीरे-धीरे कम करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। आपूर्ति की श्रृंखला को रफ़्तार दी गई है ताकि लंबित सिलेंडरों की डिलीवरी जल्द से जल्द पूरी की जा सके।

​प्रशासनिक निगरानी को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड (ब्लॉक) में आपूर्ति पदाधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये पदाधिकारी रोजाना गैस एजेंसियों के स्टॉक, बुकिंग की संख्या और की जा रही होम डिलीवरी का अनुश्रवण (Monitoring) कर रहे हैं। प्रखंड स्तर पर निगरानी होने से यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम किल्लत पैदा न की जा सके और कालाबाजारी पर लगाम लग सके। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी इस बात को सुनिश्चित करने में जुटी है कि रसोई गैस का सिलेंडर हर घर की दहलीज तक बिना किसी बाधा के पहुँचे।

व्यावसायिक गैस की उपलब्धता और विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रबंध

​घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक (Commercial) गैस की आपूर्ति पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने जानकारी दी कि जिले में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति फिलहाल 70 प्रतिशत तक सुनिश्चित की जा रही है। चूँकि वर्तमान समय में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है, इसलिए व्यावसायिक गैस की मांग में काफी उछाल देखा गया है।

​शादी समारोहों के लिए गैस की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अनुमंडल स्तर पर विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि जिन परिवारों में विवाह कार्यक्रम हैं, उन्हें गैस की उपलब्धता में समस्या न हो, इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी के स्तर से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। व्यावसायिक गैस का वितरण भी एजेंसियों के माध्यम से ही किया जा रहा है और बुकिंग में आई कमी इस बात का संकेत है कि आपूर्ति तंत्र अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि घरेलू जरूरतों के साथ-साथ सामाजिक उत्सवों में भी गैस की वजह से कोई व्यवधान न आए।

जिला नियंत्रण कक्ष 24/7 सक्रिय: यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत

​उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला मुख्यालय में एक 24/7 नियंत्रण कक्ष (Control Room) संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से नियंत्रण कक्ष की दूरभाष संख्या 0641-2402871 जारी की है। यदि किसी उपभोक्ता को गैस बुकिंग के बाद अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है या एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी में आनाकानी की जा रही है, तो वे सीधे इस नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

​जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार के अनुसार, इस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अब तक कई शिकायतों का निवारण किया जा चुका है। यहाँ तैनात अधिकारी न केवल शिकायत दर्ज करते हैं, बल्कि संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करवाने का भी काम करते हैं। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति को लेकर भी प्रशासन मुस्तैद है। सुधीर कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन (Fuel) और गैस का पर्याप्त स्टॉक है और किसी भी तरह की जमाखोरी या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ा रुख अपनाएगा।

अफवाहों से बचें और डिजिटल माध्यम का करें उपयोग

​प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि भागलपुर की जनता को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किल्लत की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। अक्सर अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने लगते हैं या ‘पैनिक बुकिंग’ शुरू कर देते हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ जाता है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मोबाइल से बुकिंग की प्रक्रिया पारदर्शी है और प्रत्येक उपभोक्ता को उसका हक मिलेगा।

​उन्होंने कहा कि जब तक बैकलॉग पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक उपभोक्ताओं को थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस वितरण की रसीदों और स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच करें। जिलाधिकारी ने यह भी साफ किया कि किसी भी परिस्थिति में गोदाम से गैस वितरण की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए उपभोक्ता अपना समय और ऊर्जा गोदामों के चक्कर लगाने में बर्बाद न करें। डिजिटल बुकिंग करें और होम डिलीवरी का लाभ उठाएं।

प्रशासनिक सतर्कता और आगामी रणनीति

​समीक्षा भवन की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि भागलपुर प्रशासन गैस संकट जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नवल किशोर चौधरी की यह सक्रियता उपभोक्ताओं के बीच विश्वास बहाली का काम करेगी। आने वाले दिनों में यदि आवश्यकता पड़ी, तो गैस आपूर्ति की रफ़्तार बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

​वर्तमान में 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष प्रशासन और जनता के बीच की कड़ी बन चुका है। जिलाधिकारी ने अंत में सभी गैस एजेंसियों के संचालकों को भी चेतावनी दी कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें। होम डिलीवरी में देरी या अवैध तरीके से गोदाम से वितरण करने पर संबंधित एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। भागलपुर में अब गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक रडार पर है, जिससे आने वाले कुछ ही दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।

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