नगर परिषद के पीछे चल रहा था गुप्त धंधा, छापे में खुला जिस्म कारोबार का अड्डा—नाबालिग समेत 7 लोग धराए

नेपाल सीमा से सटे शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी इलाके में लंबे समय से गुप्त रूप से अवैध देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। पुलिस की छापेमारी में इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ है और मौके से एक नाबालिग समेत सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यह मामला शहर के कोइरियाटोला इलाके के वार्ड संख्या 23 का बताया जा रहा है, जहां नगर परिषद कार्यालय के पीछे स्थित एक मकान में यह अवैध धंधा चल रहा था। बाहरी तौर पर यह मकान सामान्य दिखता था, लेकिन अंदर एक संगठित नेटवर्क के तहत जिस्मफरोशी का कारोबार संचालित हो रहा था।

पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। कई बार स्थानीय लोगों ने भी अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी गतिविधियों की ओर इशारा किया था। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गुप्त तरीके से निगरानी शुरू की और सूचना की पुष्टि होने पर छापेमारी की योजना बनाई।

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी हेमंत सिंह ने किया। पुलिस टीम ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक अंदर प्रवेश कर कार्रवाई शुरू कर दी। छापेमारी इतनी तेजी और गोपनीयता से की गई कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

जैसे ही पुलिस अंदर पहुंची, वहां का दृश्य चौंकाने वाला था। अलग-अलग कमरों में युवतियां और ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस को देखते ही अफरातफरी मच गई और कई लोग भागने की कोशिश करने लगे। कुछ लोग छिपने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने सभी को पकड़ लिया।

इस कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया था, ताकि प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा किया जा सके। पुलिस ने चार युवतियों, दो पुरुषों और एक नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया है। नाबालिग के शामिल होने से मामला और भी गंभीर हो गया है और अब इसमें बाल संरक्षण कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी के दौरान मकान से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, जिसमें कंडोम, शक्तिवर्धक दवाइयां और अन्य सामान शामिल हैं। इन बरामदगी से साफ संकेत मिलता है कि यह धंधा लंबे समय से संगठित तरीके से चल रहा था और इसमें कई लोग जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस ने मौके से सभी आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। अब इन फोन की जांच की जा रही है, जिससे इस रैकेट के नेटवर्क, ग्राहकों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस अवैध कारोबार को बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा था, ताकि आसपास के लोगों को इसकी भनक न लगे। हालांकि, अब पुलिस मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है कि क्या वह इस पूरे मामले में शामिल था या नहीं।

स्थानीय लोगों के लिए यह घटना हैरान करने वाली है। जिस इलाके को सामान्य और शांत माना जाता था, वहां इस तरह की गतिविधियां सामने आने से लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध धंधे किस तरह से पनप रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए प्रशासन को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार विधानसभा में सात विधेयकों पर चर्चा से लेकर TRE-4 भर्ती तक, मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में क्या-क्या हुआ?

    Share Add as a preferred…

    बिहार में जमीन की दाखिल-खारिज अब होगी महंगी, विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद 200 रुपये शुल्क का प्रावधान

    Share Add as a preferred…