
सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में साइबर पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शादी का झांसा देकर युवकों से पैसे ऐंठ रहा था। यह गिरोह एक फर्जी मैरिज ब्यूरो के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
कॉल सेंटर बनाकर चल रहा था ठगी का धंधा
सदर थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक ढाला के पास स्थित एक साधारण दिखने वाले ऑफिस में यह पूरा खेल चल रहा था। बाहर से यह एक सामान्य दफ्तर जैसा नजर आता था, लेकिन अंदर पूरी तरह से संगठित ठगी का नेटवर्क संचालित हो रहा था।
पुलिस छापेमारी में सामने आया कि यहां “मैरिज लाइन डॉट कॉम” के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था।
युवतियों के जरिए फंसाए जाते थे युवक
गिरोह में शामिल युवतियों को कॉलिंग और सोशल मीडिया हैंडलिंग का काम दिया गया था।
- फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाए जाते थे
- आकर्षक तस्वीरों से युवकों को लुभाया जाता था
- शादी के नाम पर भरोसा दिलाया जाता था
जैसे ही कोई युवक जाल में फंसता, उससे संपर्क कराने या रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे मांगे जाते थे।
1500 से शुरू होती थी ठगी
साइबर डीएसपी अजीत कुमार के अनुसार, ठगी का खेल छोटे अमाउंट से शुरू होता था:
- पहले ₹1500 रजिस्ट्रेशन फीस
- फिर अलग-अलग बहानों से बार-बार पैसे की मांग
- “लड़की से मिलने”, “डॉक्यूमेंट प्रोसेस” जैसे बहाने
इस तरह पीड़ित से लगातार पैसे वसूले जाते थे।
कॉर्पोरेट स्टाइल में चलता था नेटवर्क
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह पूरा गिरोह एक प्रोफेशनल कॉल सेंटर की तरह काम करता था:
- अलग-अलग शिफ्ट में काम
- स्क्रिप्ट के अनुसार बातचीत
- टारगेट आधारित ठगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को हिरासत में लिया, जो इस नेटवर्क का हिस्सा थीं।
मास्टरमाइंड फरार
जांच में इस गिरोह का सरगना रंजन कुमार बताया जा रहा है, जो सुपौल का रहने वाला है।
- सहरसा में किराए के मकान से संचालन
- पूरे नेटवर्क का कंट्रोल उसी के हाथ में
- फिलहाल फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
युवतियों ने क्या बताया
हिरासत में ली गई युवतियों ने खुलासा किया कि:
- उन्हें ₹10,000 महीने की नौकरी पर रखा गया था
- उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यह ठगी का काम है
- उन्हें केवल कॉल करने और बात करने के निर्देश दिए जाते थे
11 लोगों पर केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
साथ ही:
- बैंक खातों की जांच
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे
- पीड़ितों की संख्या का आकलन किया जा रहा
साइबर ठगी का नया तरीका
यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
शादी जैसे भावनात्मक मुद्दे को हथियार बनाकर लोगों को ठगा जा रहा है, जिससे कई लोग आसानी से जाल में फंस जाते हैं।
कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- अनजान प्रोफाइल पर भरोसा न करें
- किसी भी “मैरिज ऑफर” पर तुरंत पैसे न दें
- वीडियो कॉल या वास्तविक पहचान की पुष्टि करें
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचना दें
सहरसा का यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी है। एक साधारण ऑफिस के पीछे चल रहा यह खेल बताता है कि ठग कितने संगठित तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
अब पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहना जरूरी है, ताकि ऐसे जाल में फंसने से बचा जा सके।


