
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेलवे अवसंरचना और यात्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। निमतिता–धुलियान गंगा खंड में लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण के तहत आरसीसी बॉक्स और स्लैब की सफल लॉन्चिंग की गई है। यह कार्य 13 अप्रैल 2026 को सुनियोजित तरीके से पूरा किया गया, जिसे रेलवे इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से एक बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है।
यह परियोजना संकोपाड़ा और निमतिता स्टेशनों के बीच धुलियान गंगा–निमतिता ब्लॉक सेक्शन में संपन्न हुई। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य लेवल क्रॉसिंग को सुरक्षित विकल्प में बदलना और ट्रेनों के संचालन के साथ-साथ सड़क यातायात को भी अधिक सुरक्षित बनाना है। रेलवे द्वारा इस तरह के प्रोजेक्ट लगातार लागू किए जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और संचालन में सुगमता आए।
एलएचएस निर्माण के इस कार्य में अत्याधुनिक तकनीक और भारी मशीनरी का उपयोग किया गया। 350 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो रोड क्रेनों और एक अतिरिक्त स्टैंडबाय क्रेन की सहायता से कुल 9 बॉक्स सेगमेंट और 8 बेस स्लैब को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस तरह के भारी संरचनात्मक घटकों को सीमित समय में सटीकता के साथ स्थापित करना एक जटिल इंजीनियरिंग प्रक्रिया होती है, जिसमें उच्च स्तर की योजना और समन्वय की आवश्यकता होती है।
पूरे ऑपरेशन को शैडो ब्लॉक अवधि के दौरान अंजाम दिया गया, ताकि नियमित ट्रेन संचालन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन और सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन विभागों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण कार्यों को एक साथ पूरा किया। यह समन्वय इस बात का उदाहरण है कि कैसे विभिन्न विभाग मिलकर बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और सुरक्षित तरीके से पूरा कर सकते हैं।
एलएचएस लॉन्चिंग के साथ-साथ ट्रैक और संरचना से जुड़े कई अन्य कार्य भी किए गए। इंजीनियरिंग विभाग ने पोर्टल क्विक रेलिंग सिस्टम के माध्यम से ट्रैक नवीनीकरण का कार्य किया, जिसमें संकोपाड़ा स्टेशन पर 403 मीटर ट्रैक का स्ल्यूइंग शामिल था। यह कार्य ट्रैक की स्थिरता और संचालन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक होता है।
इसके अलावा स्विच और स्विच एक्सपेंशन जॉइंट से संबंधित वेल्डिंग कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इन कार्यों का उद्देश्य ट्रैक की मजबूती बढ़ाना और संचालन के दौरान होने वाले झटकों को कम करना है। रेलवे में इस तरह के तकनीकी सुधार सीधे तौर पर सुरक्षा और आरामदायक यात्रा से जुड़े होते हैं।
ट्रैक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर टैम्पिंग कार्य भी किया गया। लगभग 4300 मीटर तक ट्रैक टैम्पिंग मशीन के जरिए ट्रैक को संतुलित और मजबूत बनाया गया। इसके साथ ही 11 स्विच एक्सपेंशन जॉइंट का अल्ट्रासोनिक परीक्षण किया गया, जिससे संभावित खामियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
रेलवे ने इस दौरान वेल्डिंग जॉइंट्स, टर्नआउट टैम्पिंग और स्लीपर व रेल की लोडिंग-अनलोडिंग जैसे कई सहायक कार्य भी पूरे किए। इन सभी कार्यों का संयुक्त प्रभाव यह है कि पूरे खंड की संरचनात्मक मजबूती और परिचालन सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता का मुख्य कारण विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और सटीक योजना रही। निर्धारित समय सीमा के भीतर इतने बड़े स्तर का कार्य पूरा करना रेलवे की तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।
एलएचएस निर्माण से लेवल क्रॉसिंग पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा। यह रेलवे के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
पूर्व रेलवे का मालदा मंडल लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए काम कर रहा है। इस तरह की परियोजनाएं न केवल यात्रियों के लिए लाभकारी हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देती हैं।
कुल मिलाकर, निमतिता–धुलियान खंड में एलएचएस बॉक्स लॉन्चिंग एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो रेलवे की तकनीकी दक्षता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक अवसंरचना निर्माण की दिशा में उसके प्रयासों को दर्शाती है।


