भागलपुर में ‘मद्य निषेध’ लिखी गाड़ी के चालक का हंगामा, लोगों से हाथापाई; तलाशी में मिली शराब की बोतल

बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जब ‘अधीक्षक मद्य निषेध ग्रुप सेंटर 3 भागलपुर’ लिखी एक चार पहिया वाहन के चालक पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि चालक ने नशे की हालत में लोगों से बदसलूकी की, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी इलाके में तेजी से वायरल होने की बात सामने आ रही है।

मैरेज हॉल के पास शुरू हुआ विवाद

घटना मदनीनगर चौक स्थित एक मैरेज हॉल के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन चालक ने अचानक अपनी गाड़ी ट्रैफिक सिग्नल के पास रोकी और वहां मौजूद महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।

इस हरकत को देखकर आसपास मौजूद युवकों ने विरोध किया, जिसके बाद चालक वहां से गाड़ी लेकर भागने लगा। लोगों ने पीछा कर मदनीनगर गोलंबर के पास उसे रोक लिया।

खुद को अधिकारी बताकर दी धमकी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब चालक से सवाल किया गया, तो उसने खुद को एक्साइज विभाग का अधिकारी बताते हुए धमकी दी कि वह किसी को भी फंसा सकता है।

इस दौरान गाड़ी पर लगी रेड-ब्लू लाइट भी जल रही थी, जबकि मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने चालक को गाड़ी से बाहर निकलने के लिए कहा।

हाथापाई और नशे की हालत का आरोप

स्थिति तब और बिगड़ गई जब चालक और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई।

लोगों का कहना है कि जब गाड़ी का दरवाजा खोला गया, तो चालक के मुंह से शराब की तेज बदबू आ रही थी, जिससे यह शक और गहरा गया कि वह नशे में था।

गाड़ी से बरामद हुई शराब की बोतल

स्थानीय लोगों ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो गियर के पास एक अंग्रेजी शराब की बोतल रखी मिली। इस बरामदगी के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा और भड़क गया।

हालांकि, इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने की चर्चा है।

पुलिस पर भी उठे सवाल

घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची।

खास बात यह है कि घटनास्थल से नाथनगर थाना महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंचती, तो आरोपी चालक को मौके पर ही गिरफ्तार किया जा सकता था।

पहले भी मिल चुकी थी शिकायत

इस मामले में एक्साइज विभाग के इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि इस चालक के खिलाफ पहले भी शिकायत मिल चुकी थी। करीब दो महीने पहले उसे हटाया भी गया था।

वहीं, मद्य निषेध ग्रुप सेंटर के अधिकारी मोहम्मद फय्याज ने कहा कि कुछ मामलों के संज्ञान में आने के बाद 31 मार्च को संबंधित वाहन समेत कई गाड़ियों को हटा दिया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चालक की पहचान स्पष्ट नहीं है।

वाहन मालिक ने भी रखी अपनी बात

वाहन मालिक कमल दारूका ने दावा किया कि उन्होंने विभाग को आर्थिक लेनदेन के तहत पैसे दिए थे, लेकिन बाद में उनकी गाड़ियों को हटा दिया गया।

उन्होंने इस मामले में पहले ही संबंधित अधिकारियों और हबीबपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

जांच की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सरकारी नाम और पहचान वाली गाड़ियों का इस तरह दुरुपयोग हो रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

भागलपुर में सामने आया यह मामला कई सवाल खड़े करता है—क्या चालक वाकई विभाग से जुड़ा था या फिर सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर रहा था?

अब पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि सच्चाई क्या है और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होगी।

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पवन सिंह की एंट्री, बोले- “न्याय होता हुआ दिखना भी जरूरी”, उच्चस्तरीय जांच की मांग

    Share Add as a preferred…

    इंस्टाग्राम पर दो पिस्टल लहराकर बना रहा था रील, वायरल वीडियो के बाद एक्शन में आई पुलिस

    Share Add as a preferred…