
बिहार की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन की चर्चाओं के बीच अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इसी बीच राज्य के मंत्री ने बड़ा बयान देकर सियासी हलचल और तेज कर दी है।
बीजेपी की भूमिका सबसे अहम
विजय चौधरी ने स्पष्ट कहा कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री का फैसला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अनुशंसा पर ही होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायक दल का नेता चुना जाएगा और वही मुख्यमंत्री बनेगा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस पूरी प्रक्रिया में बीजेपी की भूमिका निर्णायक होगी और उसी के आधार पर अंतिम नाम पर मुहर लगेगी। इस बयान के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि सत्ता का संतुलन एनडीए के भीतर किस तरह से तय होगा।
सीएम हाउस में हुई अहम बैठक
रविवार को पटना स्थित सीएम हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें , विजय चौधरी और जेडीयू सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।
इस मुलाकात को नई सरकार के गठन से पहले की अहम राजनीतिक कवायद माना जा रहा है। हालांकि विजय चौधरी ने कहा कि इस बैठक में मंत्रिमंडल या पदों को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर निर्णय लिया जाएगा।
सीएम पद के लिए कई नामों की चर्चा
बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी का नाम सामने आ रहा है, जबकि जेडीयू की तरफ से को आगे बढ़ाने की चर्चा तेज है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि अगर जेडीयू अपने नेता को आगे बढ़ाने की कोशिश करती है, तो एनडीए के भीतर सहमति बनाना आसान नहीं होगा। ऐसे में अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व और गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा।
पटना में पोस्टर राजनीति तेज
इधर पटना में भी सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। शहर में निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इन पोस्टरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि बिहार को एक युवा नेतृत्व की जरूरत है।
पोस्टरों में यह भी लिखा गया है कि राज्य में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए नए चेहरे को मौका दिया जाना चाहिए। इससे साफ है कि जेडीयू के अंदर भी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अलग-अलग राय बन रही है।
14 अप्रैल के बाद बदल सकता है सियासी समीकरण
सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद एनडीए की बैठक में नए नेता का चयन किया जाएगा।
अगर ऐसा होता है, तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि भले ही नया चेहरा सामने आए, लेकिन नीतीश कुमार का प्रभाव सत्ता में बना रहेगा।
विजय चौधरी का संतुलित बयान
विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और ऐसे में नेताओं के बीच मुलाकात और चर्चा स्वाभाविक है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कुछ दिनों का इंतजार करें, जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी। उनके इस बयान से यह संकेत मिलता है कि पर्दे के पीछे राजनीतिक समीकरण तेजी से बन रहे हैं।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
बिहार में सीएम फेस को लेकर जिस तरह की बयानबाजी और गतिविधियां चल रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिन बेहद अहम होने वाले हैं।
एक ओर बीजेपी अपनी रणनीति तय कर रही है, तो दूसरी ओर जेडीयू भी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है। विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन यह तय है कि फैसला एनडीए और खासकर बीजेपी की भूमिका पर निर्भर करेगा।
अब सबकी नजर आने वाले कुछ दिनों पर टिकी है, जब यह स्पष्ट होगा कि बिहार की कमान किसके हाथों में जाएगी और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।


