​पीरपैंती: छोटी बच्ची को लेकर घर से फरार हुई पत्नी, पति ने प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

भागलपुर। अंग जनपद के सीमावर्ती इलाके पीरपैंती से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक मर्यादा और पारिवारिक रिश्तों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के काली प्रसाद गांव में एक हँसता-खेलता परिवार उस समय बिखर गया जब घर की लक्ष्मी कही जाने वाली पत्नी अपनी मासूम बच्ची को लेकर अचानक गायब हो गई। यह घटना केवल एक गृहणी के घर छोड़ने की नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्रेम-प्रसंग और विश्वासघात की एक ऐसी कहानी निकलकर सामने आई है जिसने पीड़ित पति को कानूनी चौखट पर न्याय की गुहार लगाने को मजबूर कर दिया है। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को पुलिस प्रशासन द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित पति ने स्थानीय थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस घटना के बाद से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं और लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि एक मां अपनी ममता और घर की मर्यादा को ताक पर रखकर ऐसा कदम कैसे उठा सकती है।

27 फरवरी की वो काली तारीख: जब सूना हो गया घर

​घटना की जड़ें डेढ़ महीने पुरानी हैं। काली प्रसाद गांव के निवासी पीड़ित युवक के अनुसार, बीते 27 फरवरी का दिन उसके जीवन का सबसे बुरा दिन साबित हुआ। उस दिन सब कुछ सामान्य था, लेकिन शाम होते-होते उसे एहसास हुआ कि उसकी पत्नी घर में नहीं है। काफी देर तक जब वह नहीं लौटी, तो पति ने घर के कमरों की तलाशी ली। तब उसे पता चला कि पत्नी अपने साथ उनकी छोटी बच्ची को भी ले गई है।

​शुरुआत में पति और परिजनों को लगा कि शायद वह बिना बताए किसी रिश्तेदार के घर या पास के बाजार गई होगी। लेकिन जब रात बीत गई और मोबाइल फोन भी बंद आने लगा, तो परिवार की चिंताएं बढ़ती गईं। पीड़ित पति ने अपने स्तर से ससुराल और अन्य संभावित ठिकानों पर पूछताछ की, लेकिन कहीं से भी कोई सकारात्मक सूचना नहीं मिली। करीब डेढ़ महीने तक लोक-लाज के डर से परिवार खुद ही खोजबीन करता रहा, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद पति के सब्र का बांध टूट गया और उसने थाने की शरण ली।

खोजबीन में खुला राज: लड्डू कुमार के साथ फरार होने का आरोप

​पीड़ित पति ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि जब उसने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की गहराई से पड़ताल शुरू की और स्थानीय स्तर पर लोगों से गुप्त रूप से जानकारी जुटाई, तो एक चौंकाने वाला नाम सामने आया। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगाने के पीछे लड्डू कुमार नामक युवक का हाथ है। आरोपी लड्डू कुमार पीरपैंती थाना क्षेत्र के ही गोबिंदपुर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है।

​पति के अनुसार, उसे अब पुख्ता जानकारी मिली है कि उसकी पत्नी अपनी स्वेच्छा से नहीं, बल्कि लड्डू कुमार के झांसे में आकर अपनी छोटी बच्ची के साथ उसके साथ चली गई है। ग्रामीणों के बीच भी यह चर्चा है कि काफी समय से उक्त युवक का संपर्क महिला के साथ था। इस खुलासे के बाद पीड़ित युवक मानसिक रूप से काफी टूट चुका है, क्योंकि उसकी पत्नी अपने साथ न केवल वैवाहिक मर्यादा ले गई, बल्कि उस मासूम बच्ची का भविष्य भी दांव पर लगा दिया जिसे अभी पिता के साये की सबसे ज्यादा जरूरत थी।

पुलिसिया कार्रवाई: प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पीरपैंती पुलिस

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पीरपैंती थाना पुलिस ने पीड़ित पति के आवेदन पर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी लड्डू कुमार और फरार महिला की तलाश के लिए तकनीकी सेल (Technical Cell) की मदद लेनी शुरू कर दी है। पुलिस सबसे पहले महिला और आरोपी के मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा सके।

​पीरपैंती थानाध्यक्ष ने बताया कि पारिवारिक विवाद और प्रेम-प्रसंग से जुड़ा यह मामला पेचीदा है, क्योंकि इसमें एक छोटी बच्ची भी शामिल है। पुलिस की प्राथमिकता बच्ची की सुरक्षा और महिला की बरामदगी है। पुलिस गोबिंदपुर क्षेत्र में भी आरोपी लड्डू कुमार के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी कर रही है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिला अपनी मर्जी से गई है तो भी बच्ची को बिना पिता की सहमति के ले जाना कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, विशेषकर तब जब आरोपी ने उसे बहलाया-फुसलाया हो।

सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव: बिखरते रिश्तों की दास्तां

​काली प्रसाद गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय समाज को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीण परिवेश में इस तरह की घटनाएं न केवल पीड़ित परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करती हैं, बल्कि अन्य परिवारों के भीतर भी अविश्वास का बीज बो देती हैं। सबसे बड़ा सवाल उस छोटी बच्ची के भविष्य पर है, जिसे इस उम्र में पारिवारिक स्थिरता मिलनी चाहिए थी।

​समाजशास्त्रियों का मानना है कि सोशल मीडिया और संचार के साधनों के अनियंत्रित उपयोग ने ग्रामीण इलाकों में भी विवाहेतर संबंधों (Extra-marital affairs) की घटनाओं में बढ़ोतरी की है। लड्डू कुमार और इस महिला के बीच का संपर्क भी संभवतः मोबाइल या किसी बाहरी माध्यम से हुआ होगा, जिसे पति भांप नहीं सका। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि परिवारों के भीतर आपसी संवाद और पारदर्शिता की कमी ऐसे आत्मघाती कदमों की मुख्य वजह बन रही है।

न्याय की आस में पीड़ित पति और मासूम का भविष्य

​पीड़ित पति अब केवल कानून पर भरोसा कर रहा है। उसका कहना है कि उसे अपनी पत्नी के व्यवहार से ज्यादा चिंता अपनी बच्ची की है। उसे डर है कि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के बीच उसकी बच्ची का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द उसकी बच्ची को बरामद किया जाए और आरोपी लड्डू कुमार को सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि किसी और का घर इस तरह न उजड़े।

​भागलपुर पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी इस मामले से अवगत कराया गया है। पीरपैंती पुलिस ने आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द आरोपी और महिला को बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल, काली प्रसाद और गोबिंदपुर दोनों ही गांवों में इस घटना को लेकर तनाव और उत्सुकता बनी हुई है। लोग पुलिस की अगली कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कानून के हाथ और सामाजिक जिम्मेदारी

​पीरपैंती की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हमारी नैतिक व्यवस्था में कहाँ चूक हो रही है। एक तरफ पति है जो अपनी गृहस्थी बचाने के लिए डेढ़ महीने तक तड़पता रहा, और दूसरी तरफ एक मां है जिसने क्षणिक मोह में आकर अपने वर्षों के रिश्ते को तिलांजलि दे दी। पुलिस प्रशासन अपना काम करेगा, लेकिन समाज को भी ऐसे ‘लड्डू कुमार’ जैसे चरित्रों के प्रति सतर्क रहना होगा जो दूसरों के घर में सेंध लगाते हैं।

The Voice of Bihar की टीम इस मामले के हर अपडेट पर अपनी नजर बनाए रखेगी। न्याय केवल महिला की बरामदगी में नहीं, बल्कि उस मासूम बच्ची के अधिकारों की रक्षा में भी है। उम्मीद है कि पीरपैंती पुलिस जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लेगी और पीड़ित पिता को उसकी बच्ची वापस मिल सकेगी। इस खबर ने पूरे अंग जनपद में एक चेतावनी की तरह दस्तक दी है कि रिश्तों की डोर को विश्वास के साथ बांधे रखना कितना अनिवार्य है।

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