पटना में फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती, एक्शन प्लान, ऑडिट और मॉक ड्रिल अनिवार्य करने पर जोर

पटना,  राजधानी पटना में बढ़ती शहरी गतिविधियों और संस्थानों की संख्या को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सार्वजनिक और निजी संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया गया है, जिसमें नियमित ऑडिट, मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं, बिहार के उप महासमादेष्टा द्वारा की गई। बैठक में होटल, अस्पताल और कोचिंग संस्थानों के संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

संस्थानों को एनओसी और सुरक्षा मानकों के लिए किया गया जागरूक

बैठक में संस्थानों को अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (Fire NOC) के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे समय-समय पर अग्निशमन विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर प्रमाणन सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया कि संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाना अनिवार्य है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन-सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

होटल और अस्पतालों की स्थिति, कई को सुधार के निर्देश

प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पटना जिले में कुल 241 होटलों में से 80 होटल ही सभी फायर सेफ्टी मानकों पर खरे उतरे हैं और उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया गया है। जबकि 151 होटलों में आंशिक अनुपालन पाया गया है, जिन्हें निर्धारित समय के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं 513 अस्पतालों के निरीक्षण में 394 अस्पताल पूरी तरह मानकों पर खरे उतरे, जबकि 119 अस्पतालों को कमियों को दूर करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है।

मॉक ड्रिल और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी संस्थान वर्ष में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल आयोजित करें, ताकि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, अग्नि निकास (Emergency Exit), अग्निशामक यंत्र, विद्युत लोड विश्लेषण और अन्य सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था करने को कहा गया।

साथ ही, डायल 101 और 112 जैसे आपातकालीन नंबरों को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संकट की स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

जागरूकता अभियान से बढ़ेगी सुरक्षा

प्रशासन का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों और संस्थानों में जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटना में किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • ये भी पढ़े..

    समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर तोड़ा 20 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड

    Share Add as a preferred…

    विदाई समारोह में भावुक हुए डीएम नवल किशोर चौधरी, बोले— भागलपुर से बना आत्मीय रिश्ता हमेशा रहेगा याद

    Share Add as a preferred…