
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में प्रशासनिक महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी ने सिधवलिया अंचल की अंचल अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दे दिया। मामला कथित रूप से भू-माफिया से मिलीभगत और सरकारी जमीन से जुड़े गंभीर आरोपों से जुड़ा है।
वायरल ऑडियो से खुला मामला
पूरा विवाद एक कथित ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद सामने आया। बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में की बातचीत एक कथित भू-माफिया से हो रही है।
ऑडियो में सरकारी जमीन, विशेषकर आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी भूमि के संबंध में संदिग्ध बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि सरकारी जमीन से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की गई और भू-माफिया को फायदा पहुंचाने की कोशिश हुई।
डीएम का सख्त रुख
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कथित मिलीभगत न केवल पद की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह प्रशासनिक ईमानदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।
24 घंटे में FIR दर्ज करने का आदेश
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के भीतर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी फिलहाल हड़ताल पर बताई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
फॉरेंसिक जांच और कनेक्शन खंगाले जाएंगे
प्रशासन अब वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी में है। साथ ही, इस मामले में जुड़े अन्य संभावित लोगों और संपर्कों की भी जांच की जाएगी।
जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्ती और बढ़ सकती है।
साफ संदेश: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि सरकारी जमीन या संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


