नीट छात्रा हत्याकांड पर उबाल: सीबीआई दफ्तर का घेराव, पीड़िता की मां के साथ सड़कों पर उतरे पप्पू यादव

पटना: नीट की तैयारी कर रही छात्रा के कथित हत्या मामले को लेकर बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सीबीआई कार्यालय का घेराव किया गया, जिसमें पूर्णिया के सांसद भी शामिल हुए। इस दौरान पीड़िता की मां भी मौजूद रहीं और न्याय की गुहार लगाई।

“न्याय के बजाय सवाल पूछ रही एजेंसी” — पप्पू यादव

प्रदर्शन के दौरान ने जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उनसे यह पूछा जा रहा है कि आंदोलन के लिए किसने सहयोग किया।

उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार को सहारा देने की बजाय उन पर दबाव बनाना बेहद चिंताजनक है।

पीड़िता की मां के साथ सड़क पर उतरे समर्थक

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी है।

नीट छात्रा हत्याकांड पर उबाल: सीबीआई दफ्तर का घेराव, पीड़िता की मां के साथ सड़कों पर उतरे पप्पू यादव

“बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल”

पप्पू यादव ने कहा कि जब छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक खुद को असुरक्षित महसूस करें, तो यह समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय केवल सरकार या प्रशासन को दोष देने का नहीं, बल्कि पूरे समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

समाज की भूमिका पर भी उठाए सवाल

उन्होंने लोगों की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी घटना के बाद केवल वीडियो बनाना और मूकदर्शक बने रहना समाज की जिम्मेदारी से भागना है।

ऐसी घटनाएं पूरे समाज के लिए शर्मनाक हैं और इन्हें रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।

दोषियों को सख्त सजा की मांग

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।

साथ ही, पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।

मामला बना सियासी मुद्दा

यह मामला अब धीरे-धीरे राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्षी नेता सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

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