
- भागलपुर के नाथनगर प्रक्षेत्र अंतर्गत ललमटिया थाना पुलिस ने नशे के सौदागरों के विरुद्ध एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए पासी टोला इलाके में सघन छापेमारी की है।
- गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एक महिला तस्कर, जिसकी पहचान अमृता कुमारी के रूप में हुई है, को रंगे हाथों प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी महिला के पास से 10.25 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली ‘ब्राउन शुगर’ बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है।
- पुलिस ने इस पूरी छापेमारी को अंचलाधिकारी (CO) की मौजूदगी में अंजाम दिया ताकि साक्ष्यों की वैधता और कानूनी प्रक्रिया में कोई तकनीकी खामी न रह जाए।
- नशे के इस अवैध कारोबार से अर्जित की गई नकद राशि भी बरामद हुई है, जो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि यह धंधा काफी समय से फल-फूल रहा था।
भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।
गलियों में मौत का सौदा: ललमटिया पुलिस की मुस्तैदी से टूटा नशे का सिंडिकेट
नशे की लत समाज की जड़ों को खोखला कर रही है, और इस काले कारोबार में अब केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। भागलपुर के नाथनगर इलाके के पासी टोला में बुधवार को पुलिस ने एक ऐसी ही कड़ी को काट फेंका है। ललमटिया थाना क्षेत्र के इस घनी आबादी वाले मोहल्ले में पुलिस की अचानक हुई धमक ने उन अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है जो घर की चारदीवारी के पीछे बैठकर मौत का सामान बेच रहे थे। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि पासी टोला के एक विशेष घर से संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसी इनपुट को पुख्ता करते हुए थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने एक विशेष टीम का गठन किया और उस ‘होम-ऑफिस’ पर धावा बोला जहाँ से युवाओं की नसों में जहर घोलने का काम किया जा रहा था।
प्रोटोकॉल के साथ छापेमारी: जब अंचलाधिकारी की उपस्थिति में हुई तलाशी
मादक पदार्थों के मामलों में अक्सर अदालती कार्यवाही के दौरान तकनीकी पहलुओं का लाभ उठाकर अपराधी बच निकलते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ललमटिया पुलिस ने पूरी सतर्कता बरती। छापेमारी के दौरान प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया ताकि उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में तलाशी ली जा सके। कानून के जानकारों का मानना है कि राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) की मौजूदगी में की गई बरामदगी मुकदमे को काफी मजबूत बनाती है। जैसे ही पुलिस टीम पासी टोला स्थित अमृता कुमारी के घर पहुँची, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। महिला पुलिसकर्मियों की मदद से घर के कोने-कोने को खंगाला गया और अंततः वह पैकेट मिल गया जिसकी तलाश पुलिस को काफी समय से थी।
ब्राउन शुगर: 10.25 ग्राम जहर और नकद रुपयों का हिसाब
तलाशी के दौरान आरोपी अमृता कुमारी के पास से एक पारदर्शी पुड़िया बरामद हुई, जिसकी जांच करने पर उसमें ‘ब्राउन शुगर’ होने की पुष्टि हुई। इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर जब इसका वजन किया गया, तो यह 10.25 ग्राम निकला। प्रथम दृष्टया यह मात्रा कम लग सकती है, लेकिन नशे के बाजार में इसे ‘व्यावसायिक मात्रा’ की श्रेणी के करीब माना जाता है, क्योंकि ब्राउन शुगर की एक छोटी सी खुराक ही कई लोगों को बर्बाद करने के लिए काफी होती है। इसके साथ ही, पुलिस को मौके से नकद राशि भी मिली है। माना जा रहा है कि यह पैसा उस दिन की गई बिक्री का हिस्सा था। पुलिस ने नशीले पदार्थ और नकद राशि को विधिवत जब्त कर लिया है और इसकी सीलिंग की प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पूरी की गई।
घर से चल रहा था नशे का रिटेल आउटलेट: आरोपी महिला की कार्यशैली
थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अमृता कुमारी ने अपने घर को ही नशे का वितरण केंद्र बना रखा था। वह सीधे तौर पर नशेड़ियों के संपर्क में रहती थी और घर से ही छोटे-छोटे पैकेटों (पुड़िया) में ब्राउन शुगर बेचती थी। महिला होने के नाते उसे यह लगता था कि पुलिस उस पर आसानी से संदेह नहीं करेगी और वह पड़ोसियों की नजरों से भी बच निकलेगी। लेकिन पुलिस की ‘लोकल इंटेलिजेंस’ (स्थानीय मुखबिर तंत्र) ने उसके इस भ्रम को तोड़ दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि वह केवल एक मोहरा हो सकती है और इस पूरे सिंडिकेट के पीछे किसी बड़े ड्रग पेडलर का हाथ होने की संभावना है, जो उसे कच्चा माल सप्लाई करता था।
समाज पर प्रभाव: नाथनगर के युवाओं को बचाने की चुनौती
नाथनगर और आसपास के क्षेत्रों में ब्राउन शुगर की बढ़ती पैठ पुलिस और अभिभावकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। सस्ते दर पर उपलब्ध होने वाली छोटी पुड़िया छात्र-छात्राओं और दिहाड़ी मजदूरों को अपना शिकार बना रही है। एक बार इस नशे की लत लग जाने के बाद व्यक्ति अपराध की ओर मुड़ जाता है। अमृता कुमारी जैसे तस्कर इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पासी टोला जैसे इलाकों में ऐसी गिरफ्तारियां होने से उन युवाओं को एक मौका मिलेगा जो नशे की दलदल में फिसल रहे थे।
पुलिसिया जांच की दिशा: कौन है इस काले खेल का असली मास्टरमाइंड?
अमृता कुमारी की गिरफ्तारी केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने स्पष्ट किया है कि आरोपी महिला से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य उस ‘बैकवर्ड लिंकेज’ (पीछे की कड़ियाँ) को तलाशना है, जहाँ से यह ब्राउन शुगर भागलपुर की सीमाओं में प्रवेश कर रही है। क्या यह पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से आ रहा है या इसके पीछे कोई अंतर-राज्यीय गिरोह सक्रिय है? पुलिस अमृता कुमारी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) को भी खंगाल रही है ताकि उसके ग्राहकों और सप्लायरों की सूची तैयार की जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
कानूनी प्रक्रिया: एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार महिला तस्कर अमृता कुमारी के विरुद्ध मादक द्रव्य निषेध अधिनियम (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कानून के तहत जमानत मिलना अत्यंत कठिन होता है और दोष सिद्ध होने पर लंबी अवधि के कारावास का प्रावधान है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी पूरी कर ली है। ललमटिया थाना अध्यक्ष ने एक बार फिर आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
सुरक्षित और नशामुक्त भागलपुर का संकल्प
पासी टोला में हुई यह कार्रवाई ललमटिया पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है। 10.25 ग्राम ब्राउन शुगर की बरामदगी भले ही एक सांख्यिकीय आंकड़ा लगे, लेकिन यह उन दर्जनों परिवारों की बर्बादी को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है जिनके बच्चे इस जहर का शिकार हो सकते थे। अमृता कुमारी का सलाखों के पीछे जाना यह संदेश देता है कि अपराध का कोई लिंग नहीं होता और कानून की नजरों से कोई भी छिप नहीं सकता। अब जरूरत इस बात की है कि पुलिस इसी गति से नशे के अन्य अड्डों पर भी प्रहार करे ताकि भागलपुर की गलियां फिर से सुरक्षित और स्वच्छ हो सकें।


